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Panipat News: टीडीआई सिटी पानीपत में लोगों ने आरडब्ल्यूएस के खिलाफ खोला मोर्चा
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8-39 के लोगों ने रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने टीडीआई प्रबंधन और आडब्ल्यूएस पर सांठगांठ के आरोप लगाए हैं। जिला रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर आम सभा बुलाने की मांग की है। साथ ही सोसाइटी के प्रधान हवा सिंह को व्यक्तिगत रूप से औपचारिक मांग-पत्र सौंपा है। इसमें अविलंब बैठक बुलाने की मांग की है। उप-प्रधान, सचिव और कार्यकारी सदस्य पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आरडब्ल्यूएस के सचिव राहुल तोमर उप प्रधान यश गर्ग और कार्यकारी सदस्य विवेक तोमर अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। राहुल तोमर ने अपने इस्तीफे में साफ रूप से लिखा है कि सोसाइटी में पारदर्शिता की भारी कमी है। उन्होंने इसके चलते इस्तीफा दिया है। सुनील चिंदा ने जिला रजिस्ट्रार को ईमेल के माध्यम से एक औपचारिक शिकायत दी है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि निवासियों को अंधेरे में रखा जा रहा है और उनकी वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। बिना आम सभा की मंजूरी के कोई भी नीतिगत फैसला लेने का अधिकार नहीं है। तीन पदाधिकारी पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। कार्यकारिणी फैसले लेने की अपनी नैतिक और कानूनी क्षमता खो चुकी है। उन्होंने आम सभा बुलाने से पहले आरडब्ल्यूएस को कोई बड़ा फैसला लेने का कानूनी अधिकार नहीं देना चाहिए। बिना आम सभा की मंजूरी के लिया गया कोई भी नीतिगत निर्णय असंवैधानिक माना जाएगा। आरडब्ल्यूएस के प्रधान हवा सिंह ने बताया कि उन पर लगाए आरोप निराधार हैं। सोसाइटी में प्रत्येक कार्य सबकी सहमति से किए जा रहे हैं। ब्यूरो
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स्थानीय लोगों ने बताया कि आरडब्ल्यूएस के सचिव राहुल तोमर उप प्रधान यश गर्ग और कार्यकारी सदस्य विवेक तोमर अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। राहुल तोमर ने अपने इस्तीफे में साफ रूप से लिखा है कि सोसाइटी में पारदर्शिता की भारी कमी है। उन्होंने इसके चलते इस्तीफा दिया है। सुनील चिंदा ने जिला रजिस्ट्रार को ईमेल के माध्यम से एक औपचारिक शिकायत दी है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि निवासियों को अंधेरे में रखा जा रहा है और उनकी वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। बिना आम सभा की मंजूरी के कोई भी नीतिगत फैसला लेने का अधिकार नहीं है। तीन पदाधिकारी पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। कार्यकारिणी फैसले लेने की अपनी नैतिक और कानूनी क्षमता खो चुकी है। उन्होंने आम सभा बुलाने से पहले आरडब्ल्यूएस को कोई बड़ा फैसला लेने का कानूनी अधिकार नहीं देना चाहिए। बिना आम सभा की मंजूरी के लिया गया कोई भी नीतिगत निर्णय असंवैधानिक माना जाएगा। आरडब्ल्यूएस के प्रधान हवा सिंह ने बताया कि उन पर लगाए आरोप निराधार हैं। सोसाइटी में प्रत्येक कार्य सबकी सहमति से किए जा रहे हैं। ब्यूरो
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