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निकाय चुनाव : हाउस टैक्स भरा होने के बावजूद दिखा रहा पेंडिंग, उम्मीदवार परेशान
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समालखा। नगरपालिका चुनावों को लेकर उम्मीदवार अपने कागजात पूरे कर रहे हैं। इसको लेकर शुक्रवार को नगरपालिका में पूरा दिन गहमागहमी रही। पूर्व पार्षद, नए उम्मीदवार नगरपालिका में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट को लेकर कर्मियों से बात करते दिखे। हाउस टैक्स भरा होने के बावजूद भी पेंडिग दिखाने पर उम्मीदवार भटकते दिखे लेकिन उनकी सुनने वाला कोई अधिकारी मौके पर नहीं मिला। भावी उम्मीदवारों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार चुनाव लड़ना सभी का अधिकार बताती है वहीं एनओसी के लिए धक्के खिलाए जा रहे हैं।
नगरपालिका चुनावों की घोषणा हो चुकी है और 30 मई से चार जून तक उम्मीदवार अपना नामांकन भर सकेंगे। इसके लिए उन्हें विभिन्न विभागों जिसमें नगरपालिका, बिजली, पानी, बैंक आदि से एनओसी लेनी पड़ती है। नगरपालिका में हाउस टैक्स क्लीयर करने के बाद ही एनओसी दी जा रही है, लेकिन सिस्टम के ऑनलाइन होने के कारण भारी उम्मीदवारों को परेशानी आ रही है। नपा के सिस्टम में अधिकांश रिहायशी प्रॉपर्टी को रिहायशी दिखाया जा रहा है। इससे टैक्स की राशि बढ़ गई। वहीं ऑफ लाइन भरे गए टैक्स की रसीद को भी नपा कर्मी मान नहीं रहे। उनका कहना है कि ऑनलाइन साइट पर जो राशि है, वह भरनी पड़ेगी। इससे चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चपत लग रही है। खटकी बस्ती के रहने वाले चेतराम ने बताया कि उसने 2017 तक का टैक्स भरा हुआ है जबकि नपा के सिस्टम में 2012 से बकाया दिखाया जा रहा है।
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नगरपालिका चुनावों की घोषणा हो चुकी है और 30 मई से चार जून तक उम्मीदवार अपना नामांकन भर सकेंगे। इसके लिए उन्हें विभिन्न विभागों जिसमें नगरपालिका, बिजली, पानी, बैंक आदि से एनओसी लेनी पड़ती है। नगरपालिका में हाउस टैक्स क्लीयर करने के बाद ही एनओसी दी जा रही है, लेकिन सिस्टम के ऑनलाइन होने के कारण भारी उम्मीदवारों को परेशानी आ रही है। नपा के सिस्टम में अधिकांश रिहायशी प्रॉपर्टी को रिहायशी दिखाया जा रहा है। इससे टैक्स की राशि बढ़ गई। वहीं ऑफ लाइन भरे गए टैक्स की रसीद को भी नपा कर्मी मान नहीं रहे। उनका कहना है कि ऑनलाइन साइट पर जो राशि है, वह भरनी पड़ेगी। इससे चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चपत लग रही है। खटकी बस्ती के रहने वाले चेतराम ने बताया कि उसने 2017 तक का टैक्स भरा हुआ है जबकि नपा के सिस्टम में 2012 से बकाया दिखाया जा रहा है।
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