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Panipat: गढ़ी नवाब गांव की पायल हरियाणा पुलिस में चयनित हुई, गांव और परिवार में पहली सरकारी नौकरी
Fri, 18 Oct 2024 06:49 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, बापौली, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बापौली, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 18 Oct 2024 06:49 PM IST
सार
प्रदेश सरकार के गठन होने के बाद लंबित करीब 24 हजार पदों के लिए रिजल्ट जारी कर दिया गया है। इसमें पानीपत के सैकड़ों युवाओं को नौकरी मिली है। बापौली खंड के गढ़ी नवाब गांव की पायल हरियाणा पुलिस में चयनित हुई हैं। गांव और परिवार में इससे पहले कोई सरकारी नौकरी नहीं लगा। पायल ने जेबीटी के बाद स्नातक की पढ़ाई की है। वह अब सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी।
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गढ़ी नवाब गांव की पायल हरियाणा पुलिस में चयनित हुई
- फोटो : संवाद
विस्तार
मिट्टी का कच्चा मकान, पिता और मां ने पांच बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारियों के बीच एक बेटी को उसकी रुचि अनुसार पढ़ाया। बेटी ने पहले जेबीटी और फिर स्नातक की पढ़ाई करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की तो परिवार की उम्मीद भी बंधी। लेकिन सबके मन में एक डर भी था। कहते हैं बेटी अपने भाग्य का लेकर आती है।
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बापौली खंड के गांव गढ़ी नवाब निवासी सतपाल और सोना देवी के घर पर वही हुआ। उनकी मंझली बेटी पायल का हरियाणा पुलिस में चयन हो गया। इस पर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके साथ पायल अपने घर व गांव में सरकारी नौकरी पाने वाली पहली नागरिक बन गई हैं। जिस कच्चे मकान की तरफ कोई देखता तक नहीं था, आज उस मकान में बेटी और परिवार के सदस्यों को बधाई देने वालों की लाइन लगी हुई है।
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गढ़ी नवाब गांव निवासी सतपाल ने बताया कि वह करीब 25 साल से गांव में रह रहा है। उसके पांच बच्चों में तीन बेटी और दो बेटे हैं। दो बड़ी बेटियों की शादी कर दी है। तीसरे नंबर पर पायल है और उससे छोटे दो लड़के हैं। पायल शुरू से ही पढ़ने लिखने में तेज है। उन्होंने उसको पूरा पढ़ाने का फैसला लिया।
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उन्होंने बेटी के सपने को साकार करने के लिए दिहाड़ी मजदूरी से कभी परहेज नहीं किया। पायल ने पहले शिक्षक बनने के लिए जेबीटी और इसके बाद स्नातक की पढ़ाई की। गांव में करीब 60 परिवार हैं। अब तक किसी घर में सरकारी नौकरी नहीं है। पायल ने परिवार के साथ पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया है।
भाजपा लाभार्थी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक ऋषिपाल रावल ने घर पहुंचकर पायल और परिवार के सदस्यों का मुंह मीठा कराया और सबको शुभकामनाएं दी।
गांव में पांचवीं तक का स्कूल, साइकिल पर पांच किमी. जाती थी पायल
पायल ने बताया कि वह पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी पाकर परिवार का नाम रोशन करना चाहती हैं। गांव के स्कूल में पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई। इसके आगे की पढ़ाई करने के लिए चुनौती आई तो उन्होंने इसको स्वीकार किया और गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर बापौली सरकारी स्कूल में पढ़ना शुरू किया। वह साइकिल से स्कूल आती-जाती थी। उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई बापौली के सरकारी स्कूल से की। इसके बाद जेबीटी की और फिर स्नातक की पढ़ाई की। वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी। उन्होंने हरियाणा पुलिस में सिपाही के लिए एप्लाई किया। उसको अपना नाम फाइनल सूची में आने की उम्मीद थी। लेकिन प्रदेश में बदलाव की सुगबुगाहट के बीच मन में चिंता बैठ गई। उसने बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी पाकर परिवार व गांव का नाम रोशन किया है।