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छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे अभिभावक
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पानीपत। जीटी रोड स्थित मॉडल संस्कृती स्कूल में पहुंचे पाचवीं क्लास के मात्र 10 बच्चे, पढ़ते हुए।
- फोटो : Panipat
कोरोना संक्रमण के कारण पिछले करीब पांच माह से बंद स्कूल बुधवार से चौथी और पांचवीं कक्षा के लिए स्कूल खुल चुके हैं। इसके बावजूद अभिभावक छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे। जहां पहले दिन महज 5 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचे थे, वहीं दूसरे दिन वीरवार को करीब 15 प्रतिशत विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे।
हालांकि बच्चों के कम संख्या में आने का कारण स्कूलों की ओर से वाहन सुविधा न दिया जाना भी है। अभिभावकों को कोरोना महामारी का खतरा सता रहा है, जिस वजह से वे छोटे बच्चों को अभी स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हैं। अभिभावकों का कहना है कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। छोटे बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी इतनी मजबूत नहीं होती इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।
वीरवार को मॉडल संस्कृति स्कूल में पांचवीं कक्षा के मात्र 10 जबकि चौथी कक्षा के चार विद्यार्थी ही उपस्थित रहे। कमोवेश यही स्थिति दूसरे राजकीय स्कूलों की रही। किसी स्कूल में सात तो किसी में 11 तो किसी राजकीय स्कूल में चौथी-पांचवीं के नौ विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। हालांकि शहर व कस्बों के कुछ स्कूल ऐसे भी थे जहां करीब 15 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
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कोरोना के भय और बारिश के कारण अभी बहुत कम बच्चे स्कूल आ रहे हैं। हालांकि पहले दिन के मुकाबले दूसरे दिन ज्यादा विद्यार्थी स्कूल आए। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने पर विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ सकती है। स्कूलों को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए हुए हैं।
- बृजमोहन गोयल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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हालांकि बच्चों के कम संख्या में आने का कारण स्कूलों की ओर से वाहन सुविधा न दिया जाना भी है। अभिभावकों को कोरोना महामारी का खतरा सता रहा है, जिस वजह से वे छोटे बच्चों को अभी स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हैं। अभिभावकों का कहना है कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। छोटे बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी इतनी मजबूत नहीं होती इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।
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वीरवार को मॉडल संस्कृति स्कूल में पांचवीं कक्षा के मात्र 10 जबकि चौथी कक्षा के चार विद्यार्थी ही उपस्थित रहे। कमोवेश यही स्थिति दूसरे राजकीय स्कूलों की रही। किसी स्कूल में सात तो किसी में 11 तो किसी राजकीय स्कूल में चौथी-पांचवीं के नौ विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। हालांकि शहर व कस्बों के कुछ स्कूल ऐसे भी थे जहां करीब 15 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
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कोरोना के भय और बारिश के कारण अभी बहुत कम बच्चे स्कूल आ रहे हैं। हालांकि पहले दिन के मुकाबले दूसरे दिन ज्यादा विद्यार्थी स्कूल आए। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने पर विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ सकती है। स्कूलों को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए हुए हैं।
- बृजमोहन गोयल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।