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पोर्टल के नाम पर पंगु बनी व्यवस्था, मंडियों में नहीं हो रही सुचारु खरीद : पूर्व सीएम
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फोटो : 5 व 6
पोर्टल के नाम पर पंगु बनी व्यवस्था, मंडियों में नहीं हो रही सुचारु खरीद : पूर्व सीएम
- 17 लाख एकड़ फसल खराब होने की शिकायत, गिरदावरी सिर्फ 10 प्रतिशत की ही
- टूटा दाना, छोटा दाना, नमी और लस्टर लॉस में किसानों को और छूट दे सरकार
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा गेहूं खरीद की शुरुआत में ही सोमवार को किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने पानीपत और समालखा अनाज मंडियों का दौरा कर किसान, मजदूर और आढ़तियों से बातचीत की और गेहूं व सरसों की खरीद का जायजा लिया।
हुड्डा ने मंडी में सरकारी खरीद न होने पर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को सुचारु रूप से खरीद करने की बात कही।
हुड्डा ने कहा कि मंडियों में खरीद का काम और मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल कई दिनों से बंद है। हर फसली सीजन में जरूरत के वक्त पोर्टल काम करना बंद कर देता है। पोर्टल के नाम पर सरकार ने पूरी व्यवस्था को पंगु बना दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते किसानों को एमएसपी से 500 से एक हजार रुपये कम रेट पर अपनी फसल बेचनी पड़ी है। अब यही हाल गेहूं का हो रहा है। नमी और डिस्कलर का बहाना बनाकर सरकार खरीद करने से इनकार कर रही है। पहले से मौसम की मार झेल रहे किसानों को और परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश के चलते किसानों से 17 लाख एकड़ से ज्यादा फसल खराब होने की शिकायत मिली है, लेकिन अब तक सरकार की कमेटी मुश्किल से 10 प्रतिशत फसल की ही गिरदावरी कर पाई है। सरकार के दबाव के चलते अधिकारी गिरदावरी में कम से कम नुकसान दिखा रहे हैं। कांग्रेस किसानों को 25 से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा और एमएसपी पर भी 500 रुपये बोनस देने की मांग करती है। आढ़तियों ने बताया कि सरकार ने एक दुकान एक लाइसेंस नीति लागू की है। जबकि एक दुकान पर एक से ज्यादा पार्टनर या परिवार के एक से ज्यादा सदस्य काम करते हैं। मार्केट कमेटी के अलावा मंडी में टैक्स वसूली का कार्य सीवरेज-पानी देने के नाम पर नगर निगम कर रहा है। आढ़त को 53 रुपये से घटाकर 46 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
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पोर्टल के नाम पर पंगु बनी व्यवस्था, मंडियों में नहीं हो रही सुचारु खरीद : पूर्व सीएम
- 17 लाख एकड़ फसल खराब होने की शिकायत, गिरदावरी सिर्फ 10 प्रतिशत की ही
- टूटा दाना, छोटा दाना, नमी और लस्टर लॉस में किसानों को और छूट दे सरकार
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा गेहूं खरीद की शुरुआत में ही सोमवार को किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने पानीपत और समालखा अनाज मंडियों का दौरा कर किसान, मजदूर और आढ़तियों से बातचीत की और गेहूं व सरसों की खरीद का जायजा लिया।
हुड्डा ने मंडी में सरकारी खरीद न होने पर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को सुचारु रूप से खरीद करने की बात कही।
हुड्डा ने कहा कि मंडियों में खरीद का काम और मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल कई दिनों से बंद है। हर फसली सीजन में जरूरत के वक्त पोर्टल काम करना बंद कर देता है। पोर्टल के नाम पर सरकार ने पूरी व्यवस्था को पंगु बना दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते किसानों को एमएसपी से 500 से एक हजार रुपये कम रेट पर अपनी फसल बेचनी पड़ी है। अब यही हाल गेहूं का हो रहा है। नमी और डिस्कलर का बहाना बनाकर सरकार खरीद करने से इनकार कर रही है। पहले से मौसम की मार झेल रहे किसानों को और परेशान किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश के चलते किसानों से 17 लाख एकड़ से ज्यादा फसल खराब होने की शिकायत मिली है, लेकिन अब तक सरकार की कमेटी मुश्किल से 10 प्रतिशत फसल की ही गिरदावरी कर पाई है। सरकार के दबाव के चलते अधिकारी गिरदावरी में कम से कम नुकसान दिखा रहे हैं। कांग्रेस किसानों को 25 से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा और एमएसपी पर भी 500 रुपये बोनस देने की मांग करती है। आढ़तियों ने बताया कि सरकार ने एक दुकान एक लाइसेंस नीति लागू की है। जबकि एक दुकान पर एक से ज्यादा पार्टनर या परिवार के एक से ज्यादा सदस्य काम करते हैं। मार्केट कमेटी के अलावा मंडी में टैक्स वसूली का कार्य सीवरेज-पानी देने के नाम पर नगर निगम कर रहा है। आढ़त को 53 रुपये से घटाकर 46 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
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