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जेबीटी ने मांगा अंतरजिला स्थानांतरण
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
Updated Thu, 29 May 2014 12:06 AM IST
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सरकारी स्कूलों के जेबीटी अंतर जिला तबादलों की मांग पर अड़ गए हैं। उन्होंने बुधवार को संघर्ष का बिगुल फूंका। अंतर जिला स्थानांतरण संघर्ष समिति ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर जेबीटी शिक्षकाें की गृह जिला से बाहर नियुक्ति के विरोध में आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी।
समिति के राज्य प्रधान धर्मपाल आर्य की अध्यक्षता में जेबीटी शिक्षकों ने लघु सचिवालय में रोष प्रदर्शन किया। आर्य ने कहा कि जेबीटी शिक्षकों की मांग पर समिति तीन साल से संघर्ष कर रही है।
आठ फरवरी को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। सरकार की अनदेखी के कारण शिक्षकोें में रोष पनप रहा है और शिक्षक अपनी जायज मांगों को पूरा कराने को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
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संगठन सचिव हरिओम जांगड़ा ने कहा कि शिक्षक मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा से कई बार मिल चुके हैं। हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
शिक्षा विभाग भी स्थानांतरण नीति को लेकर गोलमोल जवाब दे रहा है। विभाग ने चार मार्च को अधिसूचना जारी कर सामान्य स्थानांतरण के लिए 21 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे, लेकिन अब तक कोई आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।
जिला प्रधान राजेश दहिया ने कहा कि सभी शिक्षकों को मांगाें को लेकर एकजुट होने की जरूरत है। इस अवसर पर सुरेंद्र राठी, सुभाष कादियान, जगदीश, रविंद्र, विजय, राजेश, नरेश, प्रदीप, राजेंद्र, तरुण, मदन, पवन, रमेश, हरनाम, पंकज, गजेंद्र, जितेंद्र और मनोज मौजूद रहे।
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समिति के राज्य प्रधान धर्मपाल आर्य की अध्यक्षता में जेबीटी शिक्षकों ने लघु सचिवालय में रोष प्रदर्शन किया। आर्य ने कहा कि जेबीटी शिक्षकों की मांग पर समिति तीन साल से संघर्ष कर रही है।
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आठ फरवरी को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। सरकार की अनदेखी के कारण शिक्षकोें में रोष पनप रहा है और शिक्षक अपनी जायज मांगों को पूरा कराने को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
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संगठन सचिव हरिओम जांगड़ा ने कहा कि शिक्षक मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा से कई बार मिल चुके हैं। हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
शिक्षा विभाग भी स्थानांतरण नीति को लेकर गोलमोल जवाब दे रहा है। विभाग ने चार मार्च को अधिसूचना जारी कर सामान्य स्थानांतरण के लिए 21 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे, लेकिन अब तक कोई आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।
जिला प्रधान राजेश दहिया ने कहा कि सभी शिक्षकों को मांगाें को लेकर एकजुट होने की जरूरत है। इस अवसर पर सुरेंद्र राठी, सुभाष कादियान, जगदीश, रविंद्र, विजय, राजेश, नरेश, प्रदीप, राजेंद्र, तरुण, मदन, पवन, रमेश, हरनाम, पंकज, गजेंद्र, जितेंद्र और मनोज मौजूद रहे।