{"_id":"d022d5312fe6a07f3143ba254dcd48b6","slug":"panipat-news-hindi-news-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से एक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू से एक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
Updated Fri, 11 Sep 2015 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेंगू से शहर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों में भी डेंगू के चलते भय घर कर गया है।
लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को फॉगिंग करानी चाहिए और टीमें बनाकर निरीक्षण करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि शहर में आए दिन डेंगू और संदिग्ध डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। शहर में इसके इलाज को लेकर उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग पानीपत, दिल्ली, करनाल आदि शहरों में जाकर इलाज करवाने को मजबूर हैं।
समालखा निवासी एक पुरुष की डेंगू से वीरवार को मौत हो गई। उसका करनाल के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले उसे बुखार हुआ था और दवाई करने के बावजूद राहत नहीं मिल रही थी।
विज्ञापन
इसके बाद परिजनों ने जांच करवाई तो उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई। इसके बाद परिजनों ने उसे करनाल के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां वीरवार को उसकी मौत हो गई।
शहर में आए दिन डेंगू के मामले सामने आने के बाद लोगों के मन में डेंगू का भय पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसकी रोकथाम के लिए उचित कदम नहीं उठाए जा रहे।
स्वास्थ्य विभाग कुंभकरणी नींद सोया है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि विभाग को शहर में फॉगिंग करवाने के साथ ही टीमें बनाकर घर-घर भेजनी चाहिए। साथ ही लोगों को इस बारे में जागरूक करना चाहिए।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को फॉगिंग करानी चाहिए और टीमें बनाकर निरीक्षण करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि शहर में आए दिन डेंगू और संदिग्ध डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। शहर में इसके इलाज को लेकर उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग पानीपत, दिल्ली, करनाल आदि शहरों में जाकर इलाज करवाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
समालखा निवासी एक पुरुष की डेंगू से वीरवार को मौत हो गई। उसका करनाल के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले उसे बुखार हुआ था और दवाई करने के बावजूद राहत नहीं मिल रही थी।
विज्ञापन
इसके बाद परिजनों ने जांच करवाई तो उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई। इसके बाद परिजनों ने उसे करनाल के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां वीरवार को उसकी मौत हो गई।
शहर में आए दिन डेंगू के मामले सामने आने के बाद लोगों के मन में डेंगू का भय पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसकी रोकथाम के लिए उचित कदम नहीं उठाए जा रहे।
स्वास्थ्य विभाग कुंभकरणी नींद सोया है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि विभाग को शहर में फॉगिंग करवाने के साथ ही टीमें बनाकर घर-घर भेजनी चाहिए। साथ ही लोगों को इस बारे में जागरूक करना चाहिए।