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मुख्य सफाई निरीक्षक को 13.70 लाख की रिश्वत समेत पकड़ा
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पानीपत। रोहतक विजिलेंस की टीम ने पानीपत नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुधीर कुमार को 13.70 लाख की रिश्वत समेत शहर के लाल बत्ती चौक से रंगे हाथों पकड़ा है। रोहतक विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई के बाद अब करनाल विजिलेंस इस मामले पर मुकदमा दर्ज करेगी। हालांकि देर शाम तक सुधीर कुमार को विजिलेंस कभी महिला थाने तो कभी सिटी थाने लेकर जाती रही। इसके बाद रात को सिटी थाने में ही रोहतक विजिलेंस टीम ने सुधीर को गिरफ्तार किया गया। सुधीर कुमार पर सफाई कंपनी आईएनडी के 1.37 करोड़ रुपये के बिल पास करवाने की एवज में दस प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप है, जोकि 13.70 लाख रुपये बनते थे।
कंपनी के मैनेजर की ओर से इसकी शिकायत रोहतक विजिलेंस टीम के डीएसपी नरसिंह अहलावत को दी गई थी। टीम ने सुनियोजित तरीक से 13.70 लाख रुपये की नकदी लेकर कार्रवाई की। पहले जिला प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर आईटीआई के प्रिंसिपल कृष्ण कुुमार को नियुक्त किया गया । शिकायतकर्ता चंकित डराल ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि वह आईएनडी सैनिटेशन और सोल्यूशन कंपनी में पिछले तीन साल से एडमिनिट्रेटर ऑफिसर के तौर पर काम कर रहा है। उनकी कंपनी का काम पानीपत, बहादुरगढ़, पंचकूला, रोहतक व सोनीपत में रोड सफाई का है। पिछले दो साल से पानीपत में भी सड़कों की सफाई का टेंडर उनके पास है।
उनकी कंपनी के डायरेक्टर का नाम कृष्ण है, जो रोहतक के रहने वाले हैं। वह 29 मई को कंपनी डायरेक्टर कृष्ण के पास गया था। तभी कंपनी डायरेक्टर कृष्ण ने उन्हें बताया कि सुधीर कुमार उनके बिल पास करवाने और टेंडर की समय अवधि बढ़वाने के लिए उनसे 13.70 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है। इसकी कॉल रिकार्डिंग उपलब्ध कराई । इसकी शिकायत रोहतक विजिलेंस को दी गई। जिस पर विजिलेंस ने सुनियोजित तरीके से पानीपत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ सोमवार शाम को कार्रवाई करते हुए सुधीर कुमार को 13.70 लाख रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया है।
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इस कार्रवाई के लिए उपायुक्त पानपीत की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात किए गए आईटीआई प्रिंसिपल कृष्ण कुुमार ने बताया कि रोहतक विजिलेंस को शिकायत मिली थी। विजिलेंस डीएसपी नरसिंह अहलावत टीम समेत मौके पर मौजूद रहे। मौके से नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुुुुधीर कुमार को 13.70 लाख रुपये की रिश्वत समेत गिरफ्तार किया गया है। सुधीर कुमार ने ये रिश्वत सफाई कंपनी आईएनडी से बिल पास करवाने की एवज में मांगी थी। विजिलेंस टीम की अगुवाई डीएसपी नरसिंह अहलावत ने की।
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कंपनी के मैनेजर की ओर से इसकी शिकायत रोहतक विजिलेंस टीम के डीएसपी नरसिंह अहलावत को दी गई थी। टीम ने सुनियोजित तरीक से 13.70 लाख रुपये की नकदी लेकर कार्रवाई की। पहले जिला प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर आईटीआई के प्रिंसिपल कृष्ण कुुमार को नियुक्त किया गया । शिकायतकर्ता चंकित डराल ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि वह आईएनडी सैनिटेशन और सोल्यूशन कंपनी में पिछले तीन साल से एडमिनिट्रेटर ऑफिसर के तौर पर काम कर रहा है। उनकी कंपनी का काम पानीपत, बहादुरगढ़, पंचकूला, रोहतक व सोनीपत में रोड सफाई का है। पिछले दो साल से पानीपत में भी सड़कों की सफाई का टेंडर उनके पास है।
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उनकी कंपनी के डायरेक्टर का नाम कृष्ण है, जो रोहतक के रहने वाले हैं। वह 29 मई को कंपनी डायरेक्टर कृष्ण के पास गया था। तभी कंपनी डायरेक्टर कृष्ण ने उन्हें बताया कि सुधीर कुमार उनके बिल पास करवाने और टेंडर की समय अवधि बढ़वाने के लिए उनसे 13.70 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है। इसकी कॉल रिकार्डिंग उपलब्ध कराई । इसकी शिकायत रोहतक विजिलेंस को दी गई। जिस पर विजिलेंस ने सुनियोजित तरीके से पानीपत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ सोमवार शाम को कार्रवाई करते हुए सुधीर कुमार को 13.70 लाख रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया है।
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इस कार्रवाई के लिए उपायुक्त पानपीत की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात किए गए आईटीआई प्रिंसिपल कृष्ण कुुमार ने बताया कि रोहतक विजिलेंस को शिकायत मिली थी। विजिलेंस डीएसपी नरसिंह अहलावत टीम समेत मौके पर मौजूद रहे। मौके से नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुुुुधीर कुमार को 13.70 लाख रुपये की रिश्वत समेत गिरफ्तार किया गया है। सुधीर कुमार ने ये रिश्वत सफाई कंपनी आईएनडी से बिल पास करवाने की एवज में मांगी थी। विजिलेंस टीम की अगुवाई डीएसपी नरसिंह अहलावत ने की।