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कॉमन बॉयलर का सर्वे हुआ पूरा, 1400 करोड़ के प्रोजेक्ट से लगेगा प्रदूषण कर नियंत्रण
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पानीपत को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कॉमन ब्वॉयलर का सर्वे पूरा हो चुका है। ग्रेपिल कंपनी ने अपनी रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। अब इस रिपोर्ट पर जल्द उद्यमियों से चर्चा की जाएगी और फाइल को सीएम की टेबल पर भेजा जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू होगा। ये 1400 करोड़ का प्रोजेक्ट है। कॉमन ब्वॉयलर लगने के बाद उद्योगों को स्टीम मिलेगी। उद्यमियों को ब्वॉयलर में कोयला नहीं जलाना पड़ेगा। डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने बताया कि 2014 में चीन के शंघाई में ऐसा ही प्रदूषण हुआ तो चीन सरकार ने वहां पर कॉमन ब्वॉयलर पर काम किया। कॉमन ब्वॉयलर लगाकर छोटी-छोटी इंडस्ट्री को स्ट्रीम की सप्लाई की जाने लगी तो प्रदूषण से राहत मिली। यहां भी सरकार ने ऐसा प्लान बनाया है। इसके लिए गुजरात के सूरत की कंपनी को बुलाया है। जो यहां पर दो-दो ब्वॉयलर के सेट में 12 ब्वॉयलर के 6 सेट लगाएगी। जो खासकर डाइंग इंडस्ट्री को स्ट्रीम सप्लाई करेगी। इसके लिए सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
30 एकड़ में लगेगा प्लांट
पानीपत में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए सरकार ने सेक्टर 29 में एक कॉमन ब्वॉयलर लगाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट को गुजरात की कंपनी ग्रेपिल तैयार करेगी। इसके लिए इंडस्ट्रियल एरिया में सर्वे हो चुका है। ये प्रोजेक्ट 1400 करोड़ रुपये का है। पिछले तीन साल से उद्यमी इस प्रोजेक्ट को पास करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। 30 एकड़ में कॉमन ब्वॉयलर लगाया जाएगा। पानीपत के लगभग 1200 उद्योगों को कॉमन ब्वॉयलर से स्ट्रीम मिलेगी। हालांकि ये प्रोजेक्ट पहले से 10 प्रतिशत तक अधिक उद्यमियों को महंगा पड़ेगा, लेकिन प्रदूषण की समस्या पूरी तरह से दूर हो जाएगी। कॉमन ब्वॉयलर लगने के बाद उद्यमियों को अपने फैक्टरियों में ब्वॉयलर चलाने व कोयला जलाने के झंझट से राहत मिलेगी। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद भी इंडस्ट्री बंद नहीं होगी। जिले में पराली जलाने की समस्या भी दूर होगी। इसी प्लांट में पराली को जलाकर स्ट्रीम तैयार की जाएगी।
बाहर से उद्योग भी आएंगे
कॉमन ब्वॉयलर लगने के बाद पानीपत में देश भर से नए उद्योग आएंगे। जो लोग ब्वॉयलर लगाने के झंझट के चलते उद्योग नहीं लगा रहे थे। उनके लिए आसान होगा। पानीपत में रोजगार दोगुना होने की भी संभावना बनेगी।
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फायदे जो उद्यमियों को होंगे
1. एक बार कॉमन ब्वॉयलर लग गया तो उसी से इंडस्ट्री को स्ट्रीम सप्लाई की जाएगी। इस तरह से उद्यमियों को न ब्वॉयलर चलाने और न ही कोयला जलाने का झंझट रहेगा।
2. बंद नहीं होगी इंडस्ट्री : प्रदूषण बढ़ने पर भी इंडस्ट्री बंद नहीं होगी। क्योंकि, कॉमन ब्वॉयलर पर बिजली प्लांट का नियम लागू होगा, जैसा कि अभी हुआ। प्रदूषण में उद्योग तो बंद रहे, लेकिन पावर प्लांट चलता रहा।
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30 एकड़ में लगेगा प्लांट
पानीपत में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए सरकार ने सेक्टर 29 में एक कॉमन ब्वॉयलर लगाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट को गुजरात की कंपनी ग्रेपिल तैयार करेगी। इसके लिए इंडस्ट्रियल एरिया में सर्वे हो चुका है। ये प्रोजेक्ट 1400 करोड़ रुपये का है। पिछले तीन साल से उद्यमी इस प्रोजेक्ट को पास करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। 30 एकड़ में कॉमन ब्वॉयलर लगाया जाएगा। पानीपत के लगभग 1200 उद्योगों को कॉमन ब्वॉयलर से स्ट्रीम मिलेगी। हालांकि ये प्रोजेक्ट पहले से 10 प्रतिशत तक अधिक उद्यमियों को महंगा पड़ेगा, लेकिन प्रदूषण की समस्या पूरी तरह से दूर हो जाएगी। कॉमन ब्वॉयलर लगने के बाद उद्यमियों को अपने फैक्टरियों में ब्वॉयलर चलाने व कोयला जलाने के झंझट से राहत मिलेगी। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद भी इंडस्ट्री बंद नहीं होगी। जिले में पराली जलाने की समस्या भी दूर होगी। इसी प्लांट में पराली को जलाकर स्ट्रीम तैयार की जाएगी।
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बाहर से उद्योग भी आएंगे
कॉमन ब्वॉयलर लगने के बाद पानीपत में देश भर से नए उद्योग आएंगे। जो लोग ब्वॉयलर लगाने के झंझट के चलते उद्योग नहीं लगा रहे थे। उनके लिए आसान होगा। पानीपत में रोजगार दोगुना होने की भी संभावना बनेगी।
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फायदे जो उद्यमियों को होंगे
1. एक बार कॉमन ब्वॉयलर लग गया तो उसी से इंडस्ट्री को स्ट्रीम सप्लाई की जाएगी। इस तरह से उद्यमियों को न ब्वॉयलर चलाने और न ही कोयला जलाने का झंझट रहेगा।
2. बंद नहीं होगी इंडस्ट्री : प्रदूषण बढ़ने पर भी इंडस्ट्री बंद नहीं होगी। क्योंकि, कॉमन ब्वॉयलर पर बिजली प्लांट का नियम लागू होगा, जैसा कि अभी हुआ। प्रदूषण में उद्योग तो बंद रहे, लेकिन पावर प्लांट चलता रहा।