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टुंडा के बचाव में नहीं पेश हो सका एक भी गवाह, 25 को अगली पेशी
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:22 AM IST
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में अब्दुल करीम टुंडा के बचाव में दो में से एक भी गवाह पेश नहीं हो सका। कोर्ट ने बहुत देर तक इंतजार किया फिर अगली तारीख 25 अक्तूबर तय कर दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट में पुलिस फोर्स तैनात रही और किसी भी संदिग्ध को कोर्ट में नहीं जाने दिया गया।
पानीपत और दिल्ली पुलिस बुधवार को अब्दुल करीम टुंडा को जिला कोर्ट लेकर पहुंची। पुलिस को मुख्य पेशी गेट से रास्ता नहीं मिल सका। इस पर टुंडा को दूसरे गेट से कोर्ट पहुंचाया गया। टुंडा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही की कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष को कोर्ट में दो गवाह पेश करने थे, लेकिन इनमें से एक भी गवाह पेश नहीं हुआ।
\बचाव पक्ष के वकील सुलतान सिंह खर्ब ने बताया कि अब्दुल करीम टुुंडा पर पानीपत बस स्टैंड पर खड़ी सहकारी समिति की बस में धमाका करने का आरोप है। इस मामले में 45 गवाह पेश किए गए हैं। इनमें से एक भी गवाह पहचान नहीं सका है। विदित है कि फरवरी 1997 में पानीपत बस स्टैंड पर कालखा से आने वाली सहकारी समिति की बस में धमाका हुआ था। इसमें दस वर्षीय माडू की मौत हो गई थी। करीब 20 लोग घायल हो गए थे।
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थाना शहर पुलिस ने धमाके के मामले को अनट्रेस दिखा दिया था। गत वर्ष दिल्ली की स्पेशल टीम ने अब्दुल करीम टुंडा को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। अब्दुल करीब टुंडा को पानीपत बस में धमाके के मामले की जांच में शामिल किया।
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पानीपत और दिल्ली पुलिस बुधवार को अब्दुल करीम टुंडा को जिला कोर्ट लेकर पहुंची। पुलिस को मुख्य पेशी गेट से रास्ता नहीं मिल सका। इस पर टुंडा को दूसरे गेट से कोर्ट पहुंचाया गया। टुंडा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही की कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष को कोर्ट में दो गवाह पेश करने थे, लेकिन इनमें से एक भी गवाह पेश नहीं हुआ।
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\बचाव पक्ष के वकील सुलतान सिंह खर्ब ने बताया कि अब्दुल करीम टुुंडा पर पानीपत बस स्टैंड पर खड़ी सहकारी समिति की बस में धमाका करने का आरोप है। इस मामले में 45 गवाह पेश किए गए हैं। इनमें से एक भी गवाह पहचान नहीं सका है। विदित है कि फरवरी 1997 में पानीपत बस स्टैंड पर कालखा से आने वाली सहकारी समिति की बस में धमाका हुआ था। इसमें दस वर्षीय माडू की मौत हो गई थी। करीब 20 लोग घायल हो गए थे।
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थाना शहर पुलिस ने धमाके के मामले को अनट्रेस दिखा दिया था। गत वर्ष दिल्ली की स्पेशल टीम ने अब्दुल करीम टुंडा को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। अब्दुल करीब टुंडा को पानीपत बस में धमाके के मामले की जांच में शामिल किया।