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किसान मसीहा की जयंती मना, सरकार पर साधा निशाना
amar ujala beuro panipat
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:07 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को किसानों के मसीहा सर छोटूराम की जयंती मनाई। इस दौरान सरकार पर निशाना साधा और किसान के हक में भी फैसला लेने की बात रखी। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी किसानों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। हुड्डा ने मंदी के दौर में सरकार के बजट तक को बेअसर बता दिया। वहीं रागिनियों के माध्यम से कलाकारों ने भी किसान की दुर्दशा की तस्वीर पेश की।
भारतीय किसान यूनियन द्वारा किसान भवन में किसान मसीहा सर छोटूराम की 136वीं जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रहे और अध्यक्षता भाकियू के जिला प्रधान जयकरण कादियान ने की। विशिष्ट अतिथि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्षता नरेश टकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, मेयर सुरेश वर्मा, कांग्रेसी नेता वीरेंद्र सिंह बुल्ले शाह, पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर, कांग्रेसी नेता खुशीराम जागलान, विजय कुमार, सिवाह सरपंच खुशदिल कादियान, पूर्व सरपंच सिवाह रणदीप सिंह घनघस, उग्रा खेड़ी के पूर्व सरपंच राजकुमार मलिक रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की जनता ने मुझे सेवा का मौका दिया तो मैंने पहले ही झटके में किसानों के कर्ज माफ कर दिए और अन्य कई योजनाओं को लागू किया। भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है। सरकार चुनाव के समय किसानों को किए गए सब वायदों को भूल गई है। सरकार की नीतियों के चलते किसान कर्जदार होते जा रहे हैं। आज प्रदेश का किसान सरकार की योजनाओं को पाकर खुद को ठगा हुआ सा महसूस करता है। सरकार द्वारा कंपनियों को दी जाने वाली सब्सीडी सीधे किसानों को ही दी जानी चाहिए। इससे खेती करनी फायदेमंद होगी। उन्होंने कहा कि किसान व मजदूर की कोई जात-पात नहीं होती। वे जाति-पाति में बंटने की बजाय एक होकर काम करें। वे इस तरह से बंटे रहे तो वेे खेत में फसल बिजने लायक तक नहीं बचेंगे। वे सब एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी मांगों को रखेंगे तो सरकार को उनकी मांगों को मानने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टकैत ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों के हक में कई फैसले लागू किए। वे भी यूपी की सरकार के सामने हरियाणा की सरकार का उदाहरण देते थे, लेकिन आज हरियाणा में भी किसानों की अनदेखी की जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि भाकियू किसानों के हकों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है और अब तीन मार्च को करनाल में किसान दहाड़े रैली की जाएगी। अतिथियों के पहुंचने पर भाकियू जिला प्रधान जयकरण कादियान व उपाध्यक्ष बिंट्टू मलिक ने स्वागत किया। ईश्वर सिंह व रमेश ने रागिनियों के माध्यम किसान की स्थिति व उनको ऊपर उठाने में दीनबंधु सर छोटूराम के प्रयासों की सराहना की। रमेश जाटलिया ने बेटी बचाना अर बेटी पढ़ाना बात नहीं है भारी रागिनी के साथ समाज को नया संदेश दिया। इसके अलावा ईश्वर सिंह ने भी रागिनियों की शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर भाकियू के जिला महासचिव प्रेम सिंह देशवाल, आजाद सिंह मलिक, सलाहकार मास्टर ईश्वर मलिक, पानीपत ब्लाक प्रधन ओमप्रकाश जाटल, मतलौडा प्रधान सतपाल राणा, इसराना प्रधान मनोज पलड़ी, समालखा प्रधान सुरेंद्र महावटी, बापौली प्रधान सुरेंद्र पा, महिल विंग की समालखा प्रधान राजबाला व बापौली ब्लाक प्रधान किरण देवी मौजूद रही।
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भारतीय किसान यूनियन द्वारा किसान भवन में किसान मसीहा सर छोटूराम की 136वीं जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रहे और अध्यक्षता भाकियू के जिला प्रधान जयकरण कादियान ने की। विशिष्ट अतिथि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्षता नरेश टकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, मेयर सुरेश वर्मा, कांग्रेसी नेता वीरेंद्र सिंह बुल्ले शाह, पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर, कांग्रेसी नेता खुशीराम जागलान, विजय कुमार, सिवाह सरपंच खुशदिल कादियान, पूर्व सरपंच सिवाह रणदीप सिंह घनघस, उग्रा खेड़ी के पूर्व सरपंच राजकुमार मलिक रहे।
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की जनता ने मुझे सेवा का मौका दिया तो मैंने पहले ही झटके में किसानों के कर्ज माफ कर दिए और अन्य कई योजनाओं को लागू किया। भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है। सरकार चुनाव के समय किसानों को किए गए सब वायदों को भूल गई है। सरकार की नीतियों के चलते किसान कर्जदार होते जा रहे हैं। आज प्रदेश का किसान सरकार की योजनाओं को पाकर खुद को ठगा हुआ सा महसूस करता है। सरकार द्वारा कंपनियों को दी जाने वाली सब्सीडी सीधे किसानों को ही दी जानी चाहिए। इससे खेती करनी फायदेमंद होगी। उन्होंने कहा कि किसान व मजदूर की कोई जात-पात नहीं होती। वे जाति-पाति में बंटने की बजाय एक होकर काम करें। वे इस तरह से बंटे रहे तो वेे खेत में फसल बिजने लायक तक नहीं बचेंगे। वे सब एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी मांगों को रखेंगे तो सरकार को उनकी मांगों को मानने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टकैत ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों के हक में कई फैसले लागू किए। वे भी यूपी की सरकार के सामने हरियाणा की सरकार का उदाहरण देते थे, लेकिन आज हरियाणा में भी किसानों की अनदेखी की जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि भाकियू किसानों के हकों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है और अब तीन मार्च को करनाल में किसान दहाड़े रैली की जाएगी। अतिथियों के पहुंचने पर भाकियू जिला प्रधान जयकरण कादियान व उपाध्यक्ष बिंट्टू मलिक ने स्वागत किया। ईश्वर सिंह व रमेश ने रागिनियों के माध्यम किसान की स्थिति व उनको ऊपर उठाने में दीनबंधु सर छोटूराम के प्रयासों की सराहना की। रमेश जाटलिया ने बेटी बचाना अर बेटी पढ़ाना बात नहीं है भारी रागिनी के साथ समाज को नया संदेश दिया। इसके अलावा ईश्वर सिंह ने भी रागिनियों की शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर भाकियू के जिला महासचिव प्रेम सिंह देशवाल, आजाद सिंह मलिक, सलाहकार मास्टर ईश्वर मलिक, पानीपत ब्लाक प्रधन ओमप्रकाश जाटल, मतलौडा प्रधान सतपाल राणा, इसराना प्रधान मनोज पलड़ी, समालखा प्रधान सुरेंद्र महावटी, बापौली प्रधान सुरेंद्र पा, महिल विंग की समालखा प्रधान राजबाला व बापौली ब्लाक प्रधान किरण देवी मौजूद रही।