{"_id":"5910beae4f1c1b231f850a34","slug":"panipat-bjp-leader-smriti-erani","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मृति ईरानी ने अपनी कही, नहीं सुनीं उद्यमियों की, गुस्साए उद्यमियों सांसद को घेरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मृति ईरानी ने अपनी कही, नहीं सुनीं उद्यमियों की, गुस्साए उद्यमियों सांसद को घेरा
panipat beuaro
Updated Tue, 09 May 2017 12:23 AM IST
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- फोटो : panipat
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केंद्रीय कपड़ा उद्योग मंत्री स्मृति जुबीन ईरानी का सेक्टर-25 स्थित एक निजी होटल में रोड शो ऑन टैक्सटाइल्स इंडिया 2017 कार्यक्रम हुआ। इसमें उद्यमियों की मूलभूत सुविधाओं पर कोई ठोस घोषणा और मांगपत्र अनुसार आश्वासन न मिलने से उद्यमी भड़क गए। केंद्रीय मंत्री के बाहर निकलते ही उन्होंने सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा को घेर लिया। उद्यमियों ने औद्योगिक सेक्टरों को मूलभूत सुविधा मुहैया न कराने पर रोष प्रकट किया और करीब 15 मिनट तक सांसद की गाड़ी को घेरे रखा। उद्यमियों ने कहा कि विधायक उनके, मुख्यमंत्री उनके और सरकार उनकी। इसके बाद भी उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। कई एक्सपोर्टर ने भी कार्यक्रम को गांधी नगर स्थित टेक्सटाइल मेले में आने का न्योता देने वाला बताया। साफ कहा कि स्थानीय नेता केंद्र का मामला बता कर उनकी मांग टाल देते हैं। अब केंद्रीय मंत्री के सामने कोई नहीं बोला।
सेक्टर-25 स्थित रोड शो ऑन टेक्सटाइल्स इंडिया-2017 कार्यक्रम में आईं स्मृति ईरानी से पानीपत के हैंडलूम एक्सपोर्टर मेन्यूफैक्चरर और एक्सपोर्टर ही नहीं डायर्स एसोसिएशन और दूसरे औद्योगिक प्रतिष्ठानों के उद्यमियों को बहुत कुछ उम्मीद थी। कई उद्यमी तो बिजली, पानी, सड़क, सीवर और ईटीपी की समस्याओं के समाधान को बड़ा मान रहे थे। लेकिन, केंद्रीय मंत्री ने इन सब समस्याओं के समाधान की गेंद प्रदेश सरकार के पाले में फेंक दी। साफ कहा कि इन सब समस्याओं को कलेक्टर और प्रदेश सरकार निपटा सकती है। उद्यमी एसोसिएशन बड़ी योजनाओं के प्रस्ताव लेकर उनके पास आएं। वे उनका समाधान करा देंगी। केंद्रीय मंत्री के संबोधन के बाद प्रदर्शनी देख सीधे अगले कार्यक्रम में निकल गईं। उनके निकलते ही उद्यमियों ने सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा को घेर लिया। कहा कि वे लंबे समय से उनको दिलासा दे रहे हैं, लेकिन अब केंद्रीय मंत्री के बीच में समस्याओं को उठाया तक नहीं।
इस तरह से बिगड़ी स्थिति
सेक्टर-25 स्थित एक होटल में कार्यक्रम सामान्य रूप से चल रहा था। उद्यमियों की मांग पर केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबीन ईरानी ने कहा कि ये सब समस्या तो लोकल की हैं। सांसद, मंत्री और विधायक मुख्यमंत्री से इनका समाधान करा सकते हैं। उन्होंने मंच से ही इन सबसे मुख्यमंत्री से मिलकर स्थानीय समस्याओं पर चर्चा करने की बात कही। इससे पहले उद्यमियों से भी सुझाव लेने को कहा। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मिलकर स्थानीय समस्याओं को हल करने की नसीहत दे दी। केंद्रीय मंत्री से किसी भी समस्या का ठोस समाधान न मिलने पर भड़क गए।
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बुनकरों के लिए है विशेष योजना
स्मृति ईरानी ने कहा कि पानीपत से संबंधित योजनाओं के लिए सभी संगठन प्रस्ताव लेकर आएं। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्सटाइल और हथकरघा से जुड़ा अलग मंत्रालय बनाया है। बुनकरों के लिए विशेष योजनाएं चलाई हैं। यदि कोई भी बुनकर सरकारी उपक्रम से प्रशिक्षण प्राप्त कर डिजाइनिंग में महारथ हासिल करता है तो वह बुनकर कल्याण योजना के माध्यम से ऋण लेकर अपना कार्य शुरू कर सकता है। इसमें 90 प्रतिशत पैसा भारत सरकार द्वारा दिया जाता है।
30 जून को गांधी नगर में लगेगी प्रदर्शनी
केंद्रीय कपड़ा उद्योग मंत्री स्मृति जुबीन ईरानी ने कहा कि 30 जून को गुजरात के गांधीनगर में टेक्सटाइल इंडिया-2017 प्रर्दशनी लगेगी। यह दो जुलाई तक चलेगी। उन्होंने इसमें जिले से ज्यादा से ज्यादा सहभागिता की अपील की। बताया कि इस आयोजन में देश के 17 मंत्रालयों सहित 25 अन्य देशों के बिजनेस लीडर शिरकत करेंगे। पानीपत की अलग से पहचान दिखाने के लिए एसोसिएशन प्रदर्शनी में भाग लें। विकास आयुक्त (हथकरघा) आलोक कुमार ने बताया कि पानीपत में निर्यातकों का रुझान अच्छा है। यहां के उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बोलबाला है। भारत सरकार इस तरह का कार्यक्रम पहली बार आयोजित यकर रही है। इसका उद्देश्य देश को विश्व के सामने टैक्सटाइल हब के तौर पर स्थापित करना है। एक लाख 25 हजार स्कवेयर मीटर में आयोजित इस कार्यक्रम में 30 जून को प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का शुभारंभ और फैशन शो, एक जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी, कंट्री और स्टेट सेशंस और 2 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के साथ-साथ विभिन्न सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इनमें विभिन्न केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्रियों का भी संबोधन होगा। हैंडलूम, हैंडी क्राफ्ट, जूट, सिल्क, कोटन, वूल और एमएमएफ जैसे विभिन्न उत्पादों पर चर्चा की जाएगी।
एसोसिएशन ने रखीं ये मांगें
1. पानीपत शहर टेक्सटाइल का हब है। यहां करीब 18 हजार फैक्ट्री हैं। इनमें से अधिकतर इकाइयां अनाधिकृत क्षेत्र में हैं। इकाइयों को रॉ मैटीरियल भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से मंगवाना पड़ता है। यहां की गली और सड़क खस्ता हाल हैं। इससे समस्या होती है।
2. पानीपत में अलग से मेगा हैंडलूम सेक्टर की स्थापना की जाए। यहां पर उनके उद्योग हों और वहीं से रॉ मैटीरियल मिले। वहीं पर बायर्स आकर अपना सामान पसंद करें।
3. पानीपत में अनस्किल्ड लेबर है। इससे उद्यमियों को क्लीपिंग, फिनिशिंग, पैकिंग और अन्य कार्यों में समस्याएं होती हैं। पानीपत में एक प्रशिक्षण संस्थान खोला जाए।
4. एसोसिएशन ने पानीपत में एक डिजाइन स्टूडियो खोलने की मांग की। यहां पर 80 प्रतिशत छोटी और मध्यम इकाइयां हैं। वे सब इंटरनेशनल मार्केट के डिजाइन की जानकारी नहीं ले पाते। ऐसे में पानीपत में डिजाइन स्टूडियो बनाया जाए। यहां से उनको नई-नई जानकारी और डिजाइन मिल सके।
5. एसोसिएशन ने इंटरनेशनल क्वालिटी स्टैडर्ड लैब स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पानीपत में लैब न होने पर उनको गुड़गांव में टेस्टिंग करानी पड़ती है। वहां से रिजल्ट आने में चार दिन तक लग जाते हैं। चार्ज भी ज्यादा होते हैं।
6. एसोसिएशन ने पानीपत में एग्जीबिशन सेंटर बनाने की मांग की। नोएडा में एग्जीबिशन सेंटर है। यह पानीपत से करीब 110 किलोमीटर दूर हैं। इन सबके बीच भी उनको यहां पर अच्छी गुणवत्ता नहीं मिल पा रही है। इससे पानीपत का उद्योग बढ़ जाएगा।
उद्यमी संजीव गुप्ता ने कहा कि हुड सेक्टर-25 में सड़कों पर गड्ढे हैं। अधिकारियों और मंत्रियों के सामने अपनी समस्याओं को रख चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने भी इन समस्याओं को ध्यान से सुना तक नहीं। ऐसे में वे काम नहीं कर पाएंगे।
राजेश गुप्ता ने कहा कि डाइंग सेक्टर में तमाम समस्याएं हैं। गंदे पानी की निकासी तक नहीं है। औद्योगिक सेक्टर में सुविधा मुहैया कराने को लेकर कोई गंभीर नहीं है। इससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
उद्यमी सतीश गोयल ने कहा कि हुडा के सेक्टर-25 टू में जाने तक का रास्ता नहीं है। चारों रास्ते बंद पड़े हैं। केंद्रीय मंत्री अपनी-अपनी कहकर चली र्गइं। उद्यमियों की मूलभूत सुविधाओं के समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।
पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के पूर्व जिला प्रधान रामनिवास गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के सामने समस्याओं और उपलब्धि की डॉक्यूमेंट्री बनाकर दिखानी चाहिए थी। उनकी आंखें खुलती तो समस्याओं का समाधान भी होता।
एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान प्रेम सागर विज ने कहा कि एसोसिएशन की तरफ से केंद्रीय मंत्री को समस्याएं लिखकर दी हैं। इनके समाधान का आश्वासन भी दिया है। वे प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने भी अपनी समस्याओं को रखेंगे।
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सेक्टर-25 स्थित रोड शो ऑन टेक्सटाइल्स इंडिया-2017 कार्यक्रम में आईं स्मृति ईरानी से पानीपत के हैंडलूम एक्सपोर्टर मेन्यूफैक्चरर और एक्सपोर्टर ही नहीं डायर्स एसोसिएशन और दूसरे औद्योगिक प्रतिष्ठानों के उद्यमियों को बहुत कुछ उम्मीद थी। कई उद्यमी तो बिजली, पानी, सड़क, सीवर और ईटीपी की समस्याओं के समाधान को बड़ा मान रहे थे। लेकिन, केंद्रीय मंत्री ने इन सब समस्याओं के समाधान की गेंद प्रदेश सरकार के पाले में फेंक दी। साफ कहा कि इन सब समस्याओं को कलेक्टर और प्रदेश सरकार निपटा सकती है। उद्यमी एसोसिएशन बड़ी योजनाओं के प्रस्ताव लेकर उनके पास आएं। वे उनका समाधान करा देंगी। केंद्रीय मंत्री के संबोधन के बाद प्रदर्शनी देख सीधे अगले कार्यक्रम में निकल गईं। उनके निकलते ही उद्यमियों ने सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा को घेर लिया। कहा कि वे लंबे समय से उनको दिलासा दे रहे हैं, लेकिन अब केंद्रीय मंत्री के बीच में समस्याओं को उठाया तक नहीं।
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सेक्टर-25 स्थित एक होटल में कार्यक्रम सामान्य रूप से चल रहा था। उद्यमियों की मांग पर केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबीन ईरानी ने कहा कि ये सब समस्या तो लोकल की हैं। सांसद, मंत्री और विधायक मुख्यमंत्री से इनका समाधान करा सकते हैं। उन्होंने मंच से ही इन सबसे मुख्यमंत्री से मिलकर स्थानीय समस्याओं पर चर्चा करने की बात कही। इससे पहले उद्यमियों से भी सुझाव लेने को कहा। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मिलकर स्थानीय समस्याओं को हल करने की नसीहत दे दी। केंद्रीय मंत्री से किसी भी समस्या का ठोस समाधान न मिलने पर भड़क गए।
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स्मृति ईरानी ने कहा कि पानीपत से संबंधित योजनाओं के लिए सभी संगठन प्रस्ताव लेकर आएं। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्सटाइल और हथकरघा से जुड़ा अलग मंत्रालय बनाया है। बुनकरों के लिए विशेष योजनाएं चलाई हैं। यदि कोई भी बुनकर सरकारी उपक्रम से प्रशिक्षण प्राप्त कर डिजाइनिंग में महारथ हासिल करता है तो वह बुनकर कल्याण योजना के माध्यम से ऋण लेकर अपना कार्य शुरू कर सकता है। इसमें 90 प्रतिशत पैसा भारत सरकार द्वारा दिया जाता है।
30 जून को गांधी नगर में लगेगी प्रदर्शनी
केंद्रीय कपड़ा उद्योग मंत्री स्मृति जुबीन ईरानी ने कहा कि 30 जून को गुजरात के गांधीनगर में टेक्सटाइल इंडिया-2017 प्रर्दशनी लगेगी। यह दो जुलाई तक चलेगी। उन्होंने इसमें जिले से ज्यादा से ज्यादा सहभागिता की अपील की। बताया कि इस आयोजन में देश के 17 मंत्रालयों सहित 25 अन्य देशों के बिजनेस लीडर शिरकत करेंगे। पानीपत की अलग से पहचान दिखाने के लिए एसोसिएशन प्रदर्शनी में भाग लें। विकास आयुक्त (हथकरघा) आलोक कुमार ने बताया कि पानीपत में निर्यातकों का रुझान अच्छा है। यहां के उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बोलबाला है। भारत सरकार इस तरह का कार्यक्रम पहली बार आयोजित यकर रही है। इसका उद्देश्य देश को विश्व के सामने टैक्सटाइल हब के तौर पर स्थापित करना है। एक लाख 25 हजार स्कवेयर मीटर में आयोजित इस कार्यक्रम में 30 जून को प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का शुभारंभ और फैशन शो, एक जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी, कंट्री और स्टेट सेशंस और 2 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के साथ-साथ विभिन्न सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इनमें विभिन्न केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्रियों का भी संबोधन होगा। हैंडलूम, हैंडी क्राफ्ट, जूट, सिल्क, कोटन, वूल और एमएमएफ जैसे विभिन्न उत्पादों पर चर्चा की जाएगी।
एसोसिएशन ने रखीं ये मांगें
1. पानीपत शहर टेक्सटाइल का हब है। यहां करीब 18 हजार फैक्ट्री हैं। इनमें से अधिकतर इकाइयां अनाधिकृत क्षेत्र में हैं। इकाइयों को रॉ मैटीरियल भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से मंगवाना पड़ता है। यहां की गली और सड़क खस्ता हाल हैं। इससे समस्या होती है।
2. पानीपत में अलग से मेगा हैंडलूम सेक्टर की स्थापना की जाए। यहां पर उनके उद्योग हों और वहीं से रॉ मैटीरियल मिले। वहीं पर बायर्स आकर अपना सामान पसंद करें।
3. पानीपत में अनस्किल्ड लेबर है। इससे उद्यमियों को क्लीपिंग, फिनिशिंग, पैकिंग और अन्य कार्यों में समस्याएं होती हैं। पानीपत में एक प्रशिक्षण संस्थान खोला जाए।
4. एसोसिएशन ने पानीपत में एक डिजाइन स्टूडियो खोलने की मांग की। यहां पर 80 प्रतिशत छोटी और मध्यम इकाइयां हैं। वे सब इंटरनेशनल मार्केट के डिजाइन की जानकारी नहीं ले पाते। ऐसे में पानीपत में डिजाइन स्टूडियो बनाया जाए। यहां से उनको नई-नई जानकारी और डिजाइन मिल सके।
5. एसोसिएशन ने इंटरनेशनल क्वालिटी स्टैडर्ड लैब स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पानीपत में लैब न होने पर उनको गुड़गांव में टेस्टिंग करानी पड़ती है। वहां से रिजल्ट आने में चार दिन तक लग जाते हैं। चार्ज भी ज्यादा होते हैं।
6. एसोसिएशन ने पानीपत में एग्जीबिशन सेंटर बनाने की मांग की। नोएडा में एग्जीबिशन सेंटर है। यह पानीपत से करीब 110 किलोमीटर दूर हैं। इन सबके बीच भी उनको यहां पर अच्छी गुणवत्ता नहीं मिल पा रही है। इससे पानीपत का उद्योग बढ़ जाएगा।
उद्यमी संजीव गुप्ता ने कहा कि हुड सेक्टर-25 में सड़कों पर गड्ढे हैं। अधिकारियों और मंत्रियों के सामने अपनी समस्याओं को रख चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने भी इन समस्याओं को ध्यान से सुना तक नहीं। ऐसे में वे काम नहीं कर पाएंगे।
राजेश गुप्ता ने कहा कि डाइंग सेक्टर में तमाम समस्याएं हैं। गंदे पानी की निकासी तक नहीं है। औद्योगिक सेक्टर में सुविधा मुहैया कराने को लेकर कोई गंभीर नहीं है। इससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
उद्यमी सतीश गोयल ने कहा कि हुडा के सेक्टर-25 टू में जाने तक का रास्ता नहीं है। चारों रास्ते बंद पड़े हैं। केंद्रीय मंत्री अपनी-अपनी कहकर चली र्गइं। उद्यमियों की मूलभूत सुविधाओं के समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।
पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के पूर्व जिला प्रधान रामनिवास गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के सामने समस्याओं और उपलब्धि की डॉक्यूमेंट्री बनाकर दिखानी चाहिए थी। उनकी आंखें खुलती तो समस्याओं का समाधान भी होता।
एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान प्रेम सागर विज ने कहा कि एसोसिएशन की तरफ से केंद्रीय मंत्री को समस्याएं लिखकर दी हैं। इनके समाधान का आश्वासन भी दिया है। वे प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने भी अपनी समस्याओं को रखेंगे।