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महीने का दूसरा शनिवार, बैंकों में रही छुट्टी
amar ujala beuro panipat
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:46 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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नोटबंदी के बीच दिसंबर माह के दूसरे शनिवार के चलते बैंकों की छुट्टी रही। जिसके कारण सारा लोड एटीएम की तरफ चला गया, लेकिन एटीएम भी नहीं लोगों को कैश नहीं दे सके। जीटी रोड स्थित बैंकों का एक या दो एटीएम ही चल सका। इनका भी कैश कुछ ही घंटों में खत्म हो गया। जिसके चलते लोगों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसबीआई बैंक के एटीएम में साढ़े दस बजे कैश तो डाला गया, लेकिन किसी तकनीकी खराबी आने के चलते एटीएम एक बजे के बाद ही चल सका। जिस कारण लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। बैंक अधिकारी आज भी कैश न होने का रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं।
शनिवार को माह का दूसरा शनिवार व नोटबंदी की घोषणा का 32वां दिन रहा। बैंक दूसरे शनिवार की छुट्टी होने के चलते बंद रहे। ऐसे में लोगों ने कैश को लेकर एटीएम की तलाश करनी शुरू कर दी। जीटी रोड स्थित बैंकों के बाहर दो या तीन एटीएम की चलते मिले। यहां पर भी अपेक्षाकृत लंबी लाइन लगी मिली। इन एटीएम पर भी कुछ ही घंटों बाद कैश खत्म होने पर ताला लटका दिया गया। एसबीआई के एटीएम में शनिवार को शुक्रवार का बचा हुआ कैश डाला गया। लेकिन इससे लोगों को कुछ भी राहत नहीं मिल सकी। एटीएम में कैश डालने के बाद जब कर्मचारी पैसे निकालकर चेक करने लगे तो एटीएम मशीन में कुछ तकनीकी खराबी आने के कारण दो हजार का नोट मशीन में बीच में ही फंस गया। जिसको ठीक करने के लिए कर्मचारिसों को करीब दो घंटे लग गए।
बैंक अधिकारी कैश को लेकर जिले के लोगों के आगे पहले ही हाथ खड़े कर चुके हैं। जिस कारण शनिवार को लोगों को एक एटीएम मशीन से दूसरी एटीएम में भटकते नजर आए। अधिक परेशानी बुजुर्गों व दिव्यांगों को हुई। जिले में सिर्फ चार-पांच एटीएम ही खुले पाए। जिस कारण उन्हें भी इधर से उधर एटीएम पर घुमते रहे। अधिकारी आज भी एक ही जवाब दे रहे हैं कि बैंकों में कैश नहीं है।
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सैनी कालोनी निवासी कविता ने बताया कि वह शनिवार को पैसे निकलवाने के लिए एटीएम पर गई। लेकिन जीटी रोड पर सिर्फ एक ही एटीएम खुला मिला। जिसमें भी करीब एक बजे कैश डालने के बाद आधे घंटे बाद लोगों को कैश के लिए एटीएम को खोला गया।
राजनगर निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह कल बैंक में गया था लेकिन वहां पर कैश नहीं मिल सका। जिस कारण आज एचडीएफसी के एटीएम पर आया है। कैश निकलवाने के लिए सुबह ही घर से चल दिया था और दोपहर के एक बज गया। अब तक मेरा नंबर नहीं आया है। पुलिसकर्मी भी अपनी मनमानी करने में लगे हुए हैं।
तहसील कैंप निवासी राजरानी ने बताया कि वह पहले एसबीआई के एटीएम की लाइन में खड़ी थी। उसको नंबर आने की उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। इसी वक्त साथ ही स्थित बैंक ऑफ बडौदा के एटीएम में कैश डालने लगे। वह लाइन छोड़कर दूसरे एटीएम के बाहर आकर लाइन में लग गई। अब उसको पैसे हाथ में आने की उम्मीद है।
बैंकों में शनिवार को दूसरे शनिवार के चलते अवकाश रहा। बैंक अब मंगलवार को ही खुलेंगे। एटीएम में बचा हुआ कैश डाला जा रहा है। लोगों को नकद लेन-देन की बजाय कैशलेस ट्रांजेक्शन करनी चाहिए।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।
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शनिवार को माह का दूसरा शनिवार व नोटबंदी की घोषणा का 32वां दिन रहा। बैंक दूसरे शनिवार की छुट्टी होने के चलते बंद रहे। ऐसे में लोगों ने कैश को लेकर एटीएम की तलाश करनी शुरू कर दी। जीटी रोड स्थित बैंकों के बाहर दो या तीन एटीएम की चलते मिले। यहां पर भी अपेक्षाकृत लंबी लाइन लगी मिली। इन एटीएम पर भी कुछ ही घंटों बाद कैश खत्म होने पर ताला लटका दिया गया। एसबीआई के एटीएम में शनिवार को शुक्रवार का बचा हुआ कैश डाला गया। लेकिन इससे लोगों को कुछ भी राहत नहीं मिल सकी। एटीएम में कैश डालने के बाद जब कर्मचारी पैसे निकालकर चेक करने लगे तो एटीएम मशीन में कुछ तकनीकी खराबी आने के कारण दो हजार का नोट मशीन में बीच में ही फंस गया। जिसको ठीक करने के लिए कर्मचारिसों को करीब दो घंटे लग गए।
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बैंक अधिकारी कैश को लेकर जिले के लोगों के आगे पहले ही हाथ खड़े कर चुके हैं। जिस कारण शनिवार को लोगों को एक एटीएम मशीन से दूसरी एटीएम में भटकते नजर आए। अधिक परेशानी बुजुर्गों व दिव्यांगों को हुई। जिले में सिर्फ चार-पांच एटीएम ही खुले पाए। जिस कारण उन्हें भी इधर से उधर एटीएम पर घुमते रहे। अधिकारी आज भी एक ही जवाब दे रहे हैं कि बैंकों में कैश नहीं है।
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सैनी कालोनी निवासी कविता ने बताया कि वह शनिवार को पैसे निकलवाने के लिए एटीएम पर गई। लेकिन जीटी रोड पर सिर्फ एक ही एटीएम खुला मिला। जिसमें भी करीब एक बजे कैश डालने के बाद आधे घंटे बाद लोगों को कैश के लिए एटीएम को खोला गया।
राजनगर निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह कल बैंक में गया था लेकिन वहां पर कैश नहीं मिल सका। जिस कारण आज एचडीएफसी के एटीएम पर आया है। कैश निकलवाने के लिए सुबह ही घर से चल दिया था और दोपहर के एक बज गया। अब तक मेरा नंबर नहीं आया है। पुलिसकर्मी भी अपनी मनमानी करने में लगे हुए हैं।
तहसील कैंप निवासी राजरानी ने बताया कि वह पहले एसबीआई के एटीएम की लाइन में खड़ी थी। उसको नंबर आने की उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। इसी वक्त साथ ही स्थित बैंक ऑफ बडौदा के एटीएम में कैश डालने लगे। वह लाइन छोड़कर दूसरे एटीएम के बाहर आकर लाइन में लग गई। अब उसको पैसे हाथ में आने की उम्मीद है।
बैंकों में शनिवार को दूसरे शनिवार के चलते अवकाश रहा। बैंक अब मंगलवार को ही खुलेंगे। एटीएम में बचा हुआ कैश डाला जा रहा है। लोगों को नकद लेन-देन की बजाय कैशलेस ट्रांजेक्शन करनी चाहिए।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।