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एक्यूआई 321: टीडीआई, असंल और एल्डिको को निर्माण कार्य रोकने का आदेश
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पानीपत। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए टीडीआई, अंसल और एल्डिको को निर्माण कार्य रोने का आदेश जारी किया गया। तापमान के गिरावट के साथ ही स्मॉग बढ़ना शुरू हो चुका है। पिछले चार दिन से स्मॉग का असर है, लेकिन शुक्रवार को धूप ही नहीं निकल सकी। धूल के कण हवा में ऊपर नहीं उठ सके, जिसकी वजह से दिनभर हवा जहरीली रही। ग्रैप के तीसरे चरण के तहत शुक्रवार को सेक्टर-29 में इसराना, समालखा एवं बापौली क्षेत्र में उद्योगों की जांच करने के लिए टीमें फील्ड में उतरीं। यहां सभी उद्योग बायोमास पर चलते मिले।
शुक्रवार को हवा की रफ्तार 10.8 किलोमीटर प्रति घंटा रही जो अन्य दिनों की अपेक्षा गति में करीब चार किलोमीटर प्रतिघंटा कम रही। पानीपत का एक्यूआई पिछले छह दिन में पांच बार रेड जोन में आ चुका है। शुक्रवार को भी शहर का एक्यूआई 326 दर्ज किया गया है। दिल्ली का एक्यूआई पिछले एक सप्ताह से डार्क रेड जोन में है। ग्रैप के तीसरे चरण के तहत शुक्रवार को सेक्टर-29, इसराना, समालखा एवं बापौली क्षेत्र में उद्योगों की जांच करने के लिए टीमें फील्ड में उतरीं। सेक्टर-29 में सभी उद्योग बायोमास पर चलते मिले। दूसरी ओर शहर से बाहर स्थापित उद्योगों को प्रतिबंधित फ्यूल इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार बढ़ रहे एक्यूआई के बाद भी एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम ने सड़कों एवं पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव शुरू नहीं किया है। कृषि विभाग पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है। खेतों की सैटेलाइट से मॉनीटरिंग की जा रही है।
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उद्योगाें को 100 केवी से अधिक का जनरेटर चलाने पर पाबंदी
ग्रैप के तीसरे चरण के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्माण कार्यों पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। एल्डिको, अंसल और टीडीआई को अपने निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं। कोरसेंट, रेत और बजरी कारोबारियों को निर्माण सामग्री ढककर रखने का आदेश दिया गया है। होटल, रेस्टोरेंट एवं उद्यमी 100 केवी से अधिक क्षमता जनरेटर नहीं चला सकेंगे।
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जारी हो चुके हैं विभागों को निर्देश
ग्रैप को सख्ती से लागू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन सभी क्षेत्रीय अधिकारियों, नगर निगम अधिकारियों, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दे चुके हैं। हाईवे पर पानी के छिड़काव के लिए एनएचएआई, स्टेट हाईवे पर पीडब्ल्यूडी व शहर की सड़कों पर छिड़काव के लिए नगर निगम को निर्देश दे चुके हैं।
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पराली जलाने के अब तक 26 मामले आए
पराली जलाने से रोकने के लिए सरकार ने रिफाइनरी में एथेनॉल प्लांट लगाया है। यहां किसान पराली बेचकर दोहरा मुनाफा कमा सकते हैं। बावजूद इसके इस साल अब तक पराली जलाने के 26 ऐसे केस चुके हैं।
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पिछले पांच दिन का एक्यूआई
तारीख- एक्यूआई
चार नवंबर 326
तीन नवंबर 369
दो नवंबर 280
एक नवंबर 443
31 अक्तूबर 459
बॉक्स
आवासीय कंपनियों को निर्माण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए - आरओ
दिल्ली के एक्यूआई के अनुरूप पानीपत में दो दिन उद्योगों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी आवासीय कंपनियों को निर्माण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण सामग्री को भी ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं। टीमें फैक्टरियों का भी निरीक्षण कर रही है। लगातार बढ़ रहा एक्यूआई चिंता का कारण बना हुआ है। शहर में लगभग सभी उद्योग बायोमास पर शिफ्ट हो गए हैं।
- कमलजीत सैनी, आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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शुक्रवार को हवा की रफ्तार 10.8 किलोमीटर प्रति घंटा रही जो अन्य दिनों की अपेक्षा गति में करीब चार किलोमीटर प्रतिघंटा कम रही। पानीपत का एक्यूआई पिछले छह दिन में पांच बार रेड जोन में आ चुका है। शुक्रवार को भी शहर का एक्यूआई 326 दर्ज किया गया है। दिल्ली का एक्यूआई पिछले एक सप्ताह से डार्क रेड जोन में है। ग्रैप के तीसरे चरण के तहत शुक्रवार को सेक्टर-29, इसराना, समालखा एवं बापौली क्षेत्र में उद्योगों की जांच करने के लिए टीमें फील्ड में उतरीं। सेक्टर-29 में सभी उद्योग बायोमास पर चलते मिले। दूसरी ओर शहर से बाहर स्थापित उद्योगों को प्रतिबंधित फ्यूल इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार बढ़ रहे एक्यूआई के बाद भी एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम ने सड़कों एवं पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव शुरू नहीं किया है। कृषि विभाग पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है। खेतों की सैटेलाइट से मॉनीटरिंग की जा रही है।
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उद्योगाें को 100 केवी से अधिक का जनरेटर चलाने पर पाबंदी
ग्रैप के तीसरे चरण के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्माण कार्यों पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। एल्डिको, अंसल और टीडीआई को अपने निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं। कोरसेंट, रेत और बजरी कारोबारियों को निर्माण सामग्री ढककर रखने का आदेश दिया गया है। होटल, रेस्टोरेंट एवं उद्यमी 100 केवी से अधिक क्षमता जनरेटर नहीं चला सकेंगे।
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जारी हो चुके हैं विभागों को निर्देश
ग्रैप को सख्ती से लागू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन सभी क्षेत्रीय अधिकारियों, नगर निगम अधिकारियों, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दे चुके हैं। हाईवे पर पानी के छिड़काव के लिए एनएचएआई, स्टेट हाईवे पर पीडब्ल्यूडी व शहर की सड़कों पर छिड़काव के लिए नगर निगम को निर्देश दे चुके हैं।
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पराली जलाने के अब तक 26 मामले आए
पराली जलाने से रोकने के लिए सरकार ने रिफाइनरी में एथेनॉल प्लांट लगाया है। यहां किसान पराली बेचकर दोहरा मुनाफा कमा सकते हैं। बावजूद इसके इस साल अब तक पराली जलाने के 26 ऐसे केस चुके हैं।
बॉक्स
पिछले पांच दिन का एक्यूआई
तारीख- एक्यूआई
चार नवंबर 326
तीन नवंबर 369
दो नवंबर 280
एक नवंबर 443
31 अक्तूबर 459
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आवासीय कंपनियों को निर्माण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए - आरओ
दिल्ली के एक्यूआई के अनुरूप पानीपत में दो दिन उद्योगों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी आवासीय कंपनियों को निर्माण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण सामग्री को भी ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं। टीमें फैक्टरियों का भी निरीक्षण कर रही है। लगातार बढ़ रहा एक्यूआई चिंता का कारण बना हुआ है। शहर में लगभग सभी उद्योग बायोमास पर शिफ्ट हो गए हैं।
- कमलजीत सैनी, आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड