फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Order to confiscate Agro Mall

Panipat News: एग्रो मॉल कुर्क करने के आदेश, धुले सारे सपने

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 07:29 AM IST
विज्ञापन
Order to confiscate Agro Mall
-निगम ने मार्केट कमेटी को दिए मॉल के 67 करोड़, 74 में हुआ था सौदा, फिर भी नहीं हुई रजिस्ट्री
विज्ञापन


-निगम बनाने के लिए किया सात करोड़ का टेंडर, प्रोजेक्ट और डिजाइन तक तैयार, काम शुरू होने से पहले हुआ बंद



-पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल दो बार खुद कर चुके हैं दौरा, की थी निगम की इमारत तैयार करने की घोषणा

फोटो:03
जितेंद्र नरवाल



पानीपत। गोहाना मोड स्थित एग्रो मॉल कुर्क करने के आदेश दिए गए हैं। न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए मार्केट कमेटी को इसके आदेश भेज दिए हैं। इस आदेश ने प्रदेश और शहर की सरकार के सालों से संजोए सपनों को धो कर रख दिया है। हैरानी की बात ये है कि इस मॉल का पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दो बार खुद निरीक्षण किया। वे इसकी जमीन और इमारत निगम को देने की घोषणा तक कर चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि निगम ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मार्केट कमेटी से इस जमीन का 74 करोड़ में सौदा भी कर लिया। इसमें 67 करोड़ एडवांस दे दिए और सात करोड़ रजिस्ट्री पर देने की बात तय थी। अब तक जमीन की रजिस्ट्री निगम के नाम नहीं हो सकी। नगर निगम ने यहां आधुनिक कार्यालय बनाने के लिए करीब सात करोड़ का टेंडर तक लगा दिया। महानगरों की तर्ज पर इमारत का प्लान और डिजाइन तक तैयार करा लिया गया। यही नहीं एग्रो माॅल काे निगम कार्यालय बनाने के लिए इसी साल जनवरी महीने में उद्घाटन तक कराया जा चुका है। अब एग्रो मॉल कुर्क होने के आदेश के बाद इसके पीछे की सच्चाई सामने आई तो सबके होश उड़ गए हैं।
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि एफसीआई गोदाम के पास परशुराम धर्मशाला के साथ शहर के एक प्रतिष्ठित परिवार की जमीन थी। जिसका मार्केट कमेटी ने अधिग्रहण कर लिया था। इस जमीन को लेकर वह पक्ष कोर्ट चला गया। मार्केट कमेटी ने उक्त जमीन के बदले अपनी एग्रो मॉल वाली जमीन का हवाला दे दिया। बताया जा रहा है कि मार्केट कमेटी ने कोर्ट में विचाराधीन केस की पैरवी तक सही से नहीं की। जिसके बाद कोर्ट ने इस मसले का हल निकालते हुए इसे कुर्क करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



गौरतलब है कि उक्त स्थिति से अनभिज्ञ शहर के नेताओं ने सबको बताया कि जल्द से जल्द एग्रो मॉल में ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स और पालिका बाजार निगम कार्यालय को शिफ्ट कराया जाएगा। जिससे पूरे शहर के लोगों को राहत मिलेगी। अब कुर्की के आदेश के बाद अधिकारियों और नेताओं में हड़कंप मच गया है। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही मार्केट कमेटी कार्यालय की बताई जा रही है। कार्यालय अधिकारियों के संज्ञान में पूरा मामला होने के बाद भी इस जमीन का इमारत समेत निगम के साथ सौदा किया गया। फिलहाल इस पांच मंजिला इमारत में दो बेसमेंट पार्किंग सुविधा के साथ, भूतल पर 24 रिटेल दुकान, प्रथम तल पर 28 रिटेल की दुकानें और दूसरे तल पर पांच शोरूम, एक फूड कोर्ट है। तीसरे तल पर भी 12 शोरूम और चौथे तल पर सिर्फ बैठक हॉल है। अब यहां निगम के दोनों कार्यालय शिफ्ट किए जाने थे। ये प्रोजेक्ट शहर के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक था। जिसे शहर की सरकार और विधायक पिछले चार साल से करवाने की तैयारी कर रहे थे।




बॉक्स
ये है एग्रो मॉल का इतिहास

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के चार जिलों में करीब 200 करोड़ से चार एग्रो माॅल बनाए गए थे जो भाजपा सरकार के लिए सफेद हाथी साबित हुए। इनमें से एक गोहाना मोड स्थित मॉल पर करीब 25 करोड़ खर्च हुए। लेकिन ये 12 साल बाद भी चालू नहीं हो पाया, जबकि इसका मुख्य उद्देश्य किसानों व व्यापारियों के लिए एक छत के नीचे सुविधाएं उपलब्ध करवाना था। इसके बाद कभी भाजपा सरकार ने इन सभी मॉल को बेचने का फैसला लिया तो कभी किराये पर देने की बातें चली, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ये माल कुछ कमाई तो कर नहीं पाए उल्टा हर माह के बिजली बिल व रखरखाव के लाखों रुपयों के खर्च को बढ़ाते रहे। शहरी विधायक प्रमोद विज 2020 से मॉल में निगम के दोनों कार्यालय शिफ्ट करवाने की तैयारी कर रहे थे।



बॉक्स



छह साल में बना और अब 10 साल से खाली

कांग्रेस सरकार ने 2008 में प्रदेश में पानीपत, करनाल, रोहतक व पंचकूला में एग्रो मॉल खोलने का फैसला लिया। ये सभी मॉल 2013-14 में बनकर तैयार हो गए। करीब 25 करोड़ से 4015 वर्ग मीटर में पानीपत का एग्रो मॉल भी 2014 में बनकर तैयार हो गया। रोहतक के एग्रो माल की पर 95 करोड़ रुपये, पंचकूला के माल पर 60 करोड़ और पानीपत के माल पर 25 करोड़ और करनाल में भी माल पर 20 से 30 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके बाद योजना सफल नहीं हो पाई तो भाजपा सरकार ने इनको बेचने का ऐलान भी किया, लेकिन इन मॉल को खरीदने के लिए सरकार को कोई ग्राहक भी नहीं मिला।




वर्जन-

ये कुछ और मामला है। इसके कुछ और नंबर हैं। कुर्क जैसी कोई बात नहीं है।

आशा रानी, सचिव, मार्केट कमेटी पानीपत।





वर्जन-



कोर्ट से एग्रो मॉल को कुर्क करने के आदेश मिले थे। इसे लेकर मार्केट कमेटी को पत्र भेजा जा चुका है।

वीरेंद्र गिल, तहसीलदार, पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed