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कोयले पर चलने वाले उद्योगों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी शुरू
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पानीपत। कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने कार्रवाई तेज कर दी है। बोर्ड ऑनलाइन भी उद्योगों की मॉनीटरिंग कर रहा है। बोर्ड ने उन उद्योगों की लिस्ट तैयार की है, जिन्होंने पीएनजी का कनेक्शन नहीं लिया है। अगर उद्यमी बॉयलर को चलाएंगे तो बोर्ड को इसका पता लग जाएगा। दूसरी ओर अधिकतर उद्यमियों ने अपने उद्योगों पर ताला लगा दिया है। अब उद्यमी सीएक्यूएम के इस फैसले के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सभी औद्योगिक संगठन डायर्स को अपना समर्थन दे चुके हैं। बृहस्पतिवार को रूखी में भी उद्यमियों ने रोष प्रदर्शन किया है। एनसीआर के सभी संगठन एक दूसरे के संपर्क में हैं। उद्यमी मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मिलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें समय नहीं मिला है।
पीएनजी सप्लाई देने वाली कंपनियों ने पाइपलाइन के काम में तेजी ला दी है। सेक्टर 25 और 29 में पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में भी लाइन दब चुकी है। अभी बापौली रोड और इसराना की ओर से पाइपलाइन का काम शुरू नहीं हुआ है। जहां पाइपलाइन नहीं है, वहां उद्यमियों को एक दिसंबर तक का वक्त दिया गया है।
अक्तूबर की शुरुआत होते ही एयर क्वालिटी इंडेक्स भी बढ़ने लगा है। सितंबर में एक्यूआई ग्रीन जोन यानी 90 से नीचे था। अब पिछले छह दिन से एक्यूआई 120 से अधिक है। बृहस्पतिवार को एक्यूआई 174 दर्ज किया गया है, जो कि चिंताजनक माना जा रहा है।
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उद्यमियों की मांगें-
- जुर्माना कम किया जाए और जेल का प्रावधान हटाया जाए।
- पीएनजी पर बॉयलर को शिफ्ट करने के लिए उन्हें दो साल का वक्त दिया जाए।
- एपीएम 800 से 80 पर लाना मुश्किल है, इसमें उन्हें राहत मिले।
- बॉयलर विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध कराई जाए।
- पीएनजी के दाम स्थिर किए जाएं।
- जहां पीएनजी की पाइपलाइन नहीं है, वहां ये नियम लागू न हों।
- शहर में अडानी के अलावा दूसरी कंपनियां भी आएं, ताकि उन्हें गैस सस्ती मिले।
ऑनलाइन मॉनीटरिंग कर रहे हैं : क्षेत्रीय अधिकारी
सीएक्यूएम की ओर से कोयला संचालित उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जल्द ही नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर कार्रवाई करेंगे। उद्योगों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं।
- कमलजीत सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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पीएनजी सप्लाई देने वाली कंपनियों ने पाइपलाइन के काम में तेजी ला दी है। सेक्टर 25 और 29 में पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में भी लाइन दब चुकी है। अभी बापौली रोड और इसराना की ओर से पाइपलाइन का काम शुरू नहीं हुआ है। जहां पाइपलाइन नहीं है, वहां उद्यमियों को एक दिसंबर तक का वक्त दिया गया है।
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अक्तूबर की शुरुआत होते ही एयर क्वालिटी इंडेक्स भी बढ़ने लगा है। सितंबर में एक्यूआई ग्रीन जोन यानी 90 से नीचे था। अब पिछले छह दिन से एक्यूआई 120 से अधिक है। बृहस्पतिवार को एक्यूआई 174 दर्ज किया गया है, जो कि चिंताजनक माना जा रहा है।
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उद्यमियों की मांगें-
- जुर्माना कम किया जाए और जेल का प्रावधान हटाया जाए।
- पीएनजी पर बॉयलर को शिफ्ट करने के लिए उन्हें दो साल का वक्त दिया जाए।
- एपीएम 800 से 80 पर लाना मुश्किल है, इसमें उन्हें राहत मिले।
- बॉयलर विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध कराई जाए।
- पीएनजी के दाम स्थिर किए जाएं।
- जहां पीएनजी की पाइपलाइन नहीं है, वहां ये नियम लागू न हों।
- शहर में अडानी के अलावा दूसरी कंपनियां भी आएं, ताकि उन्हें गैस सस्ती मिले।
ऑनलाइन मॉनीटरिंग कर रहे हैं : क्षेत्रीय अधिकारी
सीएक्यूएम की ओर से कोयला संचालित उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जल्द ही नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर कार्रवाई करेंगे। उद्योगों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं।
- कमलजीत सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड