फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   One in 10 newborns is opening eyes to the world through surgery

Panipat News: 10 में से एक नवजात सर्जरी से खोल रहा दुनिया में आंखें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2024 01:00 PM IST
विज्ञापन
One in 10 newborns is opening eyes to the world through surgery
पानीपत। जिले में उच्च रक्तचाप से हर 10 डिलीवरी में एक से डिलीवरी प्री मैच्यौर हो रही है। हर आठ डिलीवरी में एक डिलीवरी में गर्भवती को रक्त चढ़ाना पड़ रहा है। जिले की 60 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी है। खून की कमी से डिलीवरी के दौरान महिलाओं की जान खतरे में रहती है। पिछले दो साल में लगभग 25 महिलाओं की डिलीवरी के दौरान मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

खून की कमी से प्रसूती महिलाएं विभिन्न प्रकार की बीमारियों से घिर रही हैं जो सिजेरियन डिलीवरी का बड़ा कारण है। जिले के निजी अस्पतालों में 51 व सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 11 प्रतिशत नवजात सर्जरी से दुनिया में आगे खोल रहे हैं। इन निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य अधिकारियों की नजर भी है। इतनी बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों में सर्जरी से डिलीवरी हो रही है ये संदेह के घेरे में भी है। जिले में 10 प्रतिशत ऐसी गर्भवती हैं जिनमें खून की मात्रा पांच प्रतिशत से भी कम है। 50 प्रतिशत गर्भवतियों में पांच-दस ग्राम के बीच खून है। अधिकतर सर्जरी में रक्त चढ़ाकर सिजेरियन डिलीवरी करनी पड़ रही है। ये चिंताजनक आंकड़े हर माह की नौ तारीख को लगने वाले प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत शिविर में सामने आए हैं। सिजेरियन डिलीवरी के आंकड़ों को कम करने व मातृत्व शिशु मृत्यूदर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को जिले के 15 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत शिविर लगे। इनमें 590 गर्भवतियों की जांच की गई। इनमें 65 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी मिली। नागरिक अस्पताल में सबसे अधिक 110 गर्भवतियों की जांच हुई है। डॉक्टरों ने गर्भवतियों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक भी किया है।
विज्ञापन

डॉक्टरों के अनुसार खानपान के प्रति जागरूकता की कमी गर्भवतियों में खून की कमी का बड़ा कारण है। 2023 में कुल 20187 डिलीवरी हुई हैं। इनमें 5540 डिलीवरी सिजेरियन हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स

महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं- डॉ. लिपिका


हर माह लगने वाले जांच शिविर में ये सामने आया है कि 60 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी है। महिलाओं को रक्त चढ़ाकर डिलीवरी करनी पड़ती है। खून की कमी से शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारी जन्म लेती है। खून की कमी डिलीवरी के दौरान महिला की मौत का कारण भी बनती है। महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं है, जबकि गर्भधारण के दौरान हेल्दी डाइट जरूरी होती है। महिलाएं आयरन की गोली भी नहीं लेती, इसलिए खून की कमी पूरी नहीं होती।


डॉ. लिपिका बंसल, गायनोकॉलोजिस्ट, सिविल अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed