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Panipat News: ओ मेरे बांके बिहारी लाल... भजन पर झूमी महिलाएं
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सनातन धर्म मंदिर में कृष्ण के भजनों पर झूमती महिलाएं। संवाद
सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन में राधा कृष्ण परिवार सेवा समिति की ओर से भक्तमाल कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन में राधा कृष्ण परिवार सेवा समिति की ओर से भक्तमाल कथा का रविवार को तीसरा दिन रहा। कथावाचक वृंदावन धाम से बाबा चित्र विचित्र महाराज रहे। शुभारंभ ओ मेरे बांके बिहारी लाल... भजन से हुआ। कथा के बीच-बीच में भजनों पर भक्त झूमते रहे। रविवार को मुख्यातिथि मेयर कोमल सैनी, मुकेश बंसल, करतार सिंह रहे।
चित्र-विचित्र महाराज ने बताया कि रसिक जनों का संग करने से हमें राधा रानी की कृपा मिल जाती है और राधे-राधे जप करने से स्वयं भगवान बन जाते हैं। हमें अपने कुल की सुरक्षा करने के लिए अपने बच्चों को भक्ति के संस्कार डालने चाहिए। यदि कुल में एक भी वैष्णव बन जाए उसे गुरु मिल जाए, तिलक धारण हो जाए, कंठी मिल जाए तो उसे कुल का कल्याण हो जाता है और बच्चों की भक्ति करने का एक प्रतिशत फल उसके माता-पिता को भी मिलता है। यदि उसके अंदर कामभावना, द्वेष, इच्छा, अहंकार की भावना जागृत हो जाए तो वह वैष्णव बनने के लायक नहीं है।
वह अपने कुल को नीचे गिरा देता है। जय जय श्याम, जय जय श्रीवृंदावन धाम और राधे राधे गोविंद गोविंद राधे गोविंद राधे गोपाल राधे का कीर्तन किया। जिस पर भक्त झूम उठे। इस अवसर पर रमेश जांगड़ा, श्रीनिवास वत्स, संजय सिंह, राजेश, प्रदीप, सुभाष कौशिक, रोहित शर्मा व पवन जिंदल उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन में राधा कृष्ण परिवार सेवा समिति की ओर से भक्तमाल कथा का रविवार को तीसरा दिन रहा। कथावाचक वृंदावन धाम से बाबा चित्र विचित्र महाराज रहे। शुभारंभ ओ मेरे बांके बिहारी लाल... भजन से हुआ। कथा के बीच-बीच में भजनों पर भक्त झूमते रहे। रविवार को मुख्यातिथि मेयर कोमल सैनी, मुकेश बंसल, करतार सिंह रहे।
चित्र-विचित्र महाराज ने बताया कि रसिक जनों का संग करने से हमें राधा रानी की कृपा मिल जाती है और राधे-राधे जप करने से स्वयं भगवान बन जाते हैं। हमें अपने कुल की सुरक्षा करने के लिए अपने बच्चों को भक्ति के संस्कार डालने चाहिए। यदि कुल में एक भी वैष्णव बन जाए उसे गुरु मिल जाए, तिलक धारण हो जाए, कंठी मिल जाए तो उसे कुल का कल्याण हो जाता है और बच्चों की भक्ति करने का एक प्रतिशत फल उसके माता-पिता को भी मिलता है। यदि उसके अंदर कामभावना, द्वेष, इच्छा, अहंकार की भावना जागृत हो जाए तो वह वैष्णव बनने के लायक नहीं है।
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वह अपने कुल को नीचे गिरा देता है। जय जय श्याम, जय जय श्रीवृंदावन धाम और राधे राधे गोविंद गोविंद राधे गोविंद राधे गोपाल राधे का कीर्तन किया। जिस पर भक्त झूम उठे। इस अवसर पर रमेश जांगड़ा, श्रीनिवास वत्स, संजय सिंह, राजेश, प्रदीप, सुभाष कौशिक, रोहित शर्मा व पवन जिंदल उपस्थित रहे।

सनातन धर्म मंदिर में कृष्ण के भजनों पर झूमती महिलाएं। संवाद
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