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Panipat News: अब निजी अस्पतालों में दाखिल चिरायु योजना के पात्रों की फाइलें जांचेगी टीमें
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पानीपत। सरकार ने चिरायु योजना के पात्रों का इलाज करने वाले निजी अस्पतालों पर सख्ती शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों की निगरानी के लिए एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी नियमित रूप से निजी अस्पतालों में जाकर चिरायु योजना के तहत दाखिले हुए मरीजों से बातचीत करेगी। उनको दिए जा रहे इलाज की फाइलें जांचेगी। निजी अस्पतालों द्वारा किए गए क्लेम की जांच होगी। यह रिपोर्ट तैयार कर सिविल सर्जन को दी जाएगी।
सिविल सर्जन इस रिपोर्ट को मुख्यालय में भेजेंगे। अगर किसी निजी अस्पताल की गड़बड़ी मिली तो उसका क्लेम रोका जा सकता है। निजी अस्पतालों की ज्यादा क्लेम करने की मिल रही शिकायतों को देखते हुए मुख्यालय से इस कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी का प्रमुख जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया को बनाया गया है। उनके साथ चिरायु योजना के जिला प्रबंधक डॉ. सोहन ग्रोवर व एक सर्जन रहेंगे। चिरायु आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 52 हजार लोगों को अब तक इलाज मिला है। सरकार ने इन लोगों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को 110 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस योजना के तहत 500 से अधिक ह्दय रोगियों को इलाज मिला है। जिले के 54 अस्पताल इस योजना के तहत सरकार के पैनल पर हैं। पानीपत में अब तक 6.49 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बने हैं।
आयुष्मान याेजना में ताे हर साल विस्तार हाेता आ रहा है लेकिन इस याेजना में कड़ी का काम करने वाले आयुष्मान मित्र का आज तक मानदेय नहीं बढ़ा है। आयुष्मान मित्र नया आयुष्मान कार्ड बनाने से लेकर मरीज के इलाज का पैसा क्लेम कराने तक का कार्य करता है। इसके बावजूद सरकार ने आज तक उनका मानदेय नहीं बढ़ाया है। पानीपत में पांच आयुष्मान मित्र सहित प्रदेश में करीबन 200 आयुष्मान मित्र हैं। ये आज भी पांच हजार रुपये में काम कर रहे हैं। इसके लिए वह कई बार पंचकूला मुख्यालय में अधिकारियाें से लेकर मंत्रियाें काे अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं।
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वर्जन-
कमेटी के प्रमुख डॉ. अमित पोरिया ने बताया कि वह नियमित रूप से जाकर निजी अस्पतालों में दाखिल चिरायु योजना के मरीजों की जांच करेंगे। एक दिन में दो तीन अस्पतालों को कवर किया जाएगा। मरीजों की पूरी फाइल जांचने के बाद इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन को दी जाएगी।
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सिविल सर्जन इस रिपोर्ट को मुख्यालय में भेजेंगे। अगर किसी निजी अस्पताल की गड़बड़ी मिली तो उसका क्लेम रोका जा सकता है। निजी अस्पतालों की ज्यादा क्लेम करने की मिल रही शिकायतों को देखते हुए मुख्यालय से इस कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी का प्रमुख जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया को बनाया गया है। उनके साथ चिरायु योजना के जिला प्रबंधक डॉ. सोहन ग्रोवर व एक सर्जन रहेंगे। चिरायु आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 52 हजार लोगों को अब तक इलाज मिला है। सरकार ने इन लोगों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को 110 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस योजना के तहत 500 से अधिक ह्दय रोगियों को इलाज मिला है। जिले के 54 अस्पताल इस योजना के तहत सरकार के पैनल पर हैं। पानीपत में अब तक 6.49 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बने हैं।
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आयुष्मान याेजना में ताे हर साल विस्तार हाेता आ रहा है लेकिन इस याेजना में कड़ी का काम करने वाले आयुष्मान मित्र का आज तक मानदेय नहीं बढ़ा है। आयुष्मान मित्र नया आयुष्मान कार्ड बनाने से लेकर मरीज के इलाज का पैसा क्लेम कराने तक का कार्य करता है। इसके बावजूद सरकार ने आज तक उनका मानदेय नहीं बढ़ाया है। पानीपत में पांच आयुष्मान मित्र सहित प्रदेश में करीबन 200 आयुष्मान मित्र हैं। ये आज भी पांच हजार रुपये में काम कर रहे हैं। इसके लिए वह कई बार पंचकूला मुख्यालय में अधिकारियाें से लेकर मंत्रियाें काे अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं।
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कमेटी के प्रमुख डॉ. अमित पोरिया ने बताया कि वह नियमित रूप से जाकर निजी अस्पतालों में दाखिल चिरायु योजना के मरीजों की जांच करेंगे। एक दिन में दो तीन अस्पतालों को कवर किया जाएगा। मरीजों की पूरी फाइल जांचने के बाद इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन को दी जाएगी।