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घटते लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए 38 गांवों को किया चिह्नित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 01:45 AM IST
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Now by showing the drama of mother-in-law and daughter-in-law, daughters will be saved
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग अब सास-बहू के नाटक दिखाकर लोगों को लिंगानुपात सुधार की दिशा में जागरूक करेगा। इसके लिए कुछ नाटकों का चयन भी किया गया है, जिन्हें शिविर लगाकर गांवों में दिखाया जाएगा। इसके साथ ही महकमे ने 38 ऐसे गांवों को चिह्नित किया है, जहां लिंगानुपात की स्थिति कुछ गड़बड़ाई है। हालांकि जिले के लिंगानुपात में थोड़ा सुधार हुआ है मगर प्रदेश में इस स्थिति पर ओवरआल पानीपत एक पायदान सरक कर नौवें से दसवें स्थान पर पहुंच गया है।
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इसे लेकर महकमे के अफसर चिंतित हैं और अब स्थिति सुधार के लिए नई रणनीति के साथ काम करेंगे।
वर्ष 2021 में पानीपत जिले का लिंगानुपात 2020 की अपेक्षा 27 अंक गिरकर 918 पर आ गया था। तब लिंगानुपात के मामले में यह जिला प्रदेश में नौवें स्थान था। इस साल 31 मई तक यहां का लिंगानुपात सात अंक बढ़कर 925 तो हुआ है लेकिन प्रदेश में दसवें स्थान पर पहुंच गया। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 38 गांवों को चिह्नित कर लोगों को लिंगानुपात के प्रति जागरूक करने का फैसला लिया है। विभाग इन गांवों पर विशेष तौर पर नजर रखेगा और इन गांवों की सूची आशा वर्करों को सौंप दी गई है।
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कभी बहुत कम थी बेटियां की संख्या
गौरतलब है कि भ्रूण जांच के मामले में पानीपत काफी चर्चा में रहा है। यही कारण था कि 22 फरवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहीं से देश में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी। तब यहां का लिंगानुपात एक हजार लड़कों पर 793 लड़कियों का था। प्रदेश में पानीपत 18वें नंबर पर था। साढ़े छह साल बाद हालात तो बदले हैं। लिंगानुपात में बढ़ोतरी भी हुई परंतु इसमें अभी तक अपेक्षाकृत सुधार न हो पाना स्वास्थ्य महकमे के लिए चिंता का विषय है।
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छापामारी भी रही कमी
वर्ष 2021 के बाद स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम द्वारा छापामारी भी कम की गई है। साल भर में 10 स्थानों पर छापामारी कर भ्रूण जांच का भंडाफोड़ किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें साल भर कोविड की ड्यूटी में व्यस्त रहीं। यही कारण है कि पीएनडीटी की टीमें लिंगानुपात को सुधारने लिए अपेक्षाकृत काम नहीं कर पाईं।

वर्ष 2015 से अब तक पानीपत जिले की प्रदेश में स्थिति
वर्ष लिंगानुपात स्थान
2015 837 10वां
2016 912 15वां
2017 945 पहला
2018 900 17वां
2019 939 तीसरा
2020 945 दूसरा
2021 918 नौवां
2022, 31 मई तक- 925 दसवां
लिंगानुपात को बेहतर करने में जुटे हैं
स्वास्थ्य विभाग की टीम को जहां से भी भ्रूण जांच की जानकारी मिलती है, वहां छापामारी की जाती है। पीएनडीटी की टीमें फील्ड में अपना काम कर रहीं हैं। गुप्तचरों को भी सक्रिय किया गया है। पानीपत का लिंगानुपात कैसे गिर रहा है, इस पर मंथन चल रहा है। जिन गांवों का लिंगानुपात 2020 के बाद गिरा है। उनकी सूची तैयार की गई है। इन गांवों पर विभाग की विशेष नजर रहेगी।
डॉ. अमित कुमार, इंचार्ज, पीएनडीटी टीम
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