फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Non-renewal of contract

कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू न होने पर प्रदर्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 02:18 AM IST
विज्ञापन
Non-renewal of contract
पानीपत। रोष प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य विभाग के निष्कासित कर्मचारी। - फोटो : Panipat
पानीपत। नाराज कोविड स्टाफ ने कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू न होने पर सोमवार को सिविल अस्पताल में प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। इन कर्मचारियों ने सरकार से दोबारा नौकरी की मांग की है।
विज्ञापन

सर्व कोविड-19 संघ के सचिव भारत भूषण ने कहा कि हम पिछले दो सालों में लगभग चार लाख लोगों की जांच कर चुके हैं। हमनें सरकार द्वारा दिए गए प्रत्येक कार्य को सुचारू रूप से किया। जनता की सेवा में अपने परिवार, बच्चों की परवाह किए बिना ही अपना कार्य पूरी लगन से किया और यह कार्य करते हुए हमारे कुछ साथी भी कोरोना से पीड़ित हुए।
विज्ञापन

सभी लोग एनएचएम के तहत कार्य कर रहे थे और उन्हें एनएचएम के कोविड-19 बजट से वेतन मिलता था। लेकिन अब उनकी सेवाएं बंद कर दी गई। इस संबंध में उन्होंने करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया व ग्रामीण विधायक के साथ-साथ शहरी विधायक जिला उपायुक्त व पानीपत की मेयर के सामने भी अपनी समस्याएं रखी, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। जब तक उनको दोबारा ड्यूटी पर नहीं लिया जाएगा उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक अप्रैल को दोबारा कॉन्ट्रैक्ट होना था रिन्यू
2020 अप्रैल में इन 17 कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती किया गया था। हर साल इनका कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू होता है। 31 मार्च को इनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाता है। सरकार ने इनका कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करने से इंकार कर दिया है। जिले के दो सरकारी अस्पताल, 7 सीएचसी व 14 पीएचसी में महज 17 एलटी हैं। 24 पोस्ट खाली पड़ी हैं।
बिना कर्मचारियों के कैसे निपटेंगे कोरोना की चौथी लहर से
पानीपत। कई राज्यों में कोरोना की चौथी लहर ने दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है। इन सबसे बीच पानीपत स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मचारियों की कमी चिंता का बड़ा कारण है। सिविल अस्पताल में पिछले 11 दिन से कोविड सैंपलिंग बंद है। महज एक लैब टेक्निशयन को सैंपलिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है।

उधर, सिविल सर्जन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि कोरोना टीके की तीसरी डोज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं लगेगी। लोगों को इसके लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ेगा। ऐसे में कोरोना की चौथी लहर से निपटना स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed