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एक माह से वेंटिलेटर पर शहर का सिविल अस्पताल

Fri, 04 Mar 2016 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत Updated Fri, 04 Mar 2016 12:21 AM IST
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no medicine in civil hospital
शहर के सिविल अस्पताल में कहने को तो बच्चों के छह डॉक्टर हैं, लेकिन दवा बुखार तक की नहीं हैं। यह समस्या एक-दो दिन से नहीं बल्कि करीब एक माह से चली आ रही है।
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मजबूरी में बच्चों के परिजनों को बाहर से दवा लेनी पड़ रही है। इससे उनकी जेब अच्छी-खासी ढीली हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आगे से दवाओं का टोटा बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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मौसम की मार का सर्वाधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है। आमतौर 70 का आउटडोर रखने वाले सिविल अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन सौ तक बच्चे उपचार के लिए लाए जा रहे हैं।
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लंबी लाइन में लगने के बाद बच्चों के परिजन बच्चों को डॉक्टर तक तो ले जाते हैं। वहां डॉक्टर से बच्चों की जांच भी करा देते हैं, लेकिन डॉक्टर की लिखी दवा अस्पताल में मिल पा सकते। मजबूरी में उन्हें बाहर से दवा लेनी पड़ रही है।

एक माह से बड़ी समस्या

अस्पताल में बच्चों को बीमारी के दौरान दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं, विटामिन सीरप और खांसी की दवा पिछले एक माह से उपलब्ध नहीं है। विटामिन सीरप कमजोर बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। एसएनसीयू वार्ड अधिकांश बच्चे काफी कमजोर हैं। इन बच्चों का वजन भी सामान्य नहीं है। ऐसे में विटामिन सीरप नहीं होने से बच्चों के वजन में बढ़ोतरी नहीं हो  रही।

12 इंक्यूवेटरों पर 19 बच्चे
बाल चिकित्सकों की मानें तो सिविल अस्पताल में हर रोज 30 से अधिक महिलाओं की डिलीवरी होती है। सभी बच्चे जन्म के बाद स्वस्थ्य नहीं होते। अधिकांश बच्चों को जन्म के बाद बुखार हो जाता है। इन्हें उपचार के लिए अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में रखा जाता है।

फिलहाल सिविल अस्पताल में 12 इंक्यूवेटरों पर 19 बच्चों का इलाज चल रहा है। बच्चों को देने के लिए दवाएं नहीं हैं। बाल रोग विशेषज्ञ कई बार अधिकारियों को इस समस्या को लेकर लिख चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा।

700 ग्राम की बच्ची, जेब से करा रहे इलाज

बाल चिकित्सक ने बताया कि सिविल अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में इंक्यूवेटर पर एक 700 ग्राम की बच्ची का इलाज चल रहा है। बच्ची को सामान्य होने में काफी समय लगेगा। फिलहाल बच्ची काफी कमजोर है। बच्ची को विटामिन सीरप की काफी आवश्यक्ता है। सिविल अस्पताल में विटामिन सीरप एक माह से समाप्त है। बच्ची के लिए बाहर से दवा लाकर इलाज करना पड़ रहा है।

कोई फर्क नहीं पड़ता
सिविल अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए कुछ भी उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में बच्चों के उपचार के लिए बुखार और खांसी की दवा तक नहीं है। इस बारे में कई बार अस्पताल प्रशासन को लिख चुके हैं, लेकिन हालत ज्याें की त्यों बनी हुई है। दवाइयां समाप्त हुए करीब एक माह बीत चुका है।



सिविल अस्पताल में बच्चों की कुछ दवाओं की कमी है। उन्होंने इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को भी पत्र लिखा है। उन्हें उम्मीद है कि सिविल अस्पताल में जल्द दवाइयां आ जाएंगी। फिलहाल लोगों को होने वाली परेशानी का अहसास  है।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।
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