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नए मकानों का नहीं हो निर्माण, नक्शे और रजिस्टरी पर भी रोक
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पानीपत। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने टीडीआई के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। बोर्ड ने टीडीआई को नए मकानों के निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं। नियमों के खिलाफ चल रही टीडीआई पर कड़ा एक्शन लेने के लिए तहसीलदार, योजनाकार विभाग और बिजली निगम को भी पत्र लिखा गया है। अब प्रशासन की ओर से यहां कोई नई सुविधा नहीं दी जाएगी। टीडीआई के पास कंसेंट टू ऑपरेट सर्टिफिकेट, सीईटीपी और प्रदूूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति नहीं है। इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
जोगेंद्र राठी ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी शिकायत थी कि टीडीआई बिना परमिशन के चल रही है। इनके पास जरूरी कागजात भी नहीं है। इसी शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच की। जांच में पाया गया कि कंपनी का सीटीओ 2018 में एक्सपायर हो चुका है। कंपनी ने इसे रिन्यू नहीं कराया। यहां पर सीईटीपी भी नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इन्हें एनओसी नहीं मिली है। अब बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बिजली निगम को टीडीआई में नया कनेक्शन न देने, योजनाकार विभाग को नए मकानों का नक्शा न पास करने और तहसीलदार को नए मकानों की रजिस्ट्री न करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड की ओर से कुरुक्षेत्र की पर्यावरण कोर्ट में भी टीडीआई के खिलाफ केस दायर किया गया है। इसमें सुनवाई हो चुकी है अब जल्द हर्जाने की राशि तय की जा सकती है।
सभी विभागों को सेेवाएं रोकने का निर्देश
योजनाकार विभाग, बिजली निगम और तहसीलदार को पत्र लिखकर टीडीआई की नई सेवाएं रोकने के निर्देश दिए गए हैं। टीडीआई के पास सीटीओ नहीं था। बोर्ड से एनओसी भी नहीं ली गई है। इसलिए अब टीडीआई में नए मकानों के निर्माण कार्यों को रोका गया है।
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-कमलजीत सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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जोगेंद्र राठी ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी शिकायत थी कि टीडीआई बिना परमिशन के चल रही है। इनके पास जरूरी कागजात भी नहीं है। इसी शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच की। जांच में पाया गया कि कंपनी का सीटीओ 2018 में एक्सपायर हो चुका है। कंपनी ने इसे रिन्यू नहीं कराया। यहां पर सीईटीपी भी नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इन्हें एनओसी नहीं मिली है। अब बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बिजली निगम को टीडीआई में नया कनेक्शन न देने, योजनाकार विभाग को नए मकानों का नक्शा न पास करने और तहसीलदार को नए मकानों की रजिस्ट्री न करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड की ओर से कुरुक्षेत्र की पर्यावरण कोर्ट में भी टीडीआई के खिलाफ केस दायर किया गया है। इसमें सुनवाई हो चुकी है अब जल्द हर्जाने की राशि तय की जा सकती है।
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सभी विभागों को सेेवाएं रोकने का निर्देश
योजनाकार विभाग, बिजली निगम और तहसीलदार को पत्र लिखकर टीडीआई की नई सेवाएं रोकने के निर्देश दिए गए हैं। टीडीआई के पास सीटीओ नहीं था। बोर्ड से एनओसी भी नहीं ली गई है। इसलिए अब टीडीआई में नए मकानों के निर्माण कार्यों को रोका गया है।
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-कमलजीत सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड