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चोर और नशेड़ियों की गिरफ्त में रैन बसेरे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 01:30 AM IST
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Night shelters in the grip of thieves and drug addicts
पानीपत। जीटी रोड पर स्काईलार्क के सामने पुल के नीचे बने हुए रैन बसेरा के अंदर कंबल चोरी होने के का? - फोटो : Panipat
पानीपत। नगर निगम के रैन बसेरों को खुले एक सप्ताह भी नहीं हुआ कि इनमें चोरी की वारदातें होने लगीं। यहां से मुसाफिरों और बेघरों के लिए रखे गए कंबल चोरी हो गए। इसके बाद यहां रुकने वाले लोगों को केवल गद्दों पर ही बैठकर रात गुजारनी पड़ रही है। अब निगम ने आधार कार्ड दिखाने पर ही प्रवेश देने का निर्देश दिया है। हालांकि शहर में सैकड़ों बेघर अभी भी रैन बसेरों में रात नहीं गुजार पा रहे हैं, सड़कों पर ही सोने को मजबूर हैं।
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चोरी की सूचना पर निगम अधिकारियों ने बुधवार रात रैन बसेरों का निरीक्षण किया और पूरी रिपोर्ट तलब की। अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट आयुक्त को देंगे। इसके बाद आयुक्त इस पर फैसला लेंगे। बता दें कि नगर निगम की ओर से इन रैन बसेरों को चालू किए अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ है। बुधवार की रात ‘अमर उजाला’ टीम ने जीटी रोड पर फ्लाईओवर के नीचे बने रैन बसेरों का निरीक्षण किया। जिसका हाल पेश है।
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रैन बसेरों भी ठिठुर रहे लोग
जीटी रोड पर फ्लाईओवर के नीचे बने रैन बसेरे में लोग सिर्फ गद्दों पर बैठे थे। उन्होंने बताया कि निगम ने यहां 12 कंबल रखवाए थे। जो चोरी हो गए, सिर्फ गद्दे ही बचे हैं। अब इन्हीं गद्दों पर बैठकर पूरी रात गुजारनी पड़ रही है। रैन बसेरों में ठिठुरने को मजबूर हैं।
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रात को सड़क पर सोते मिले लोग
जीटी रोड पर दुकानों के साथ कुछ लोग सोते हुए मिले। इन लोगों का कहना था कि उन्हें पता ही नहीं है कि रैन बसेरे कहां हैं। उनको निगम के सभी रैन बसेरों के बारे में बताया गया, जिसके बाद उनमें से कुछ वहां रुकने की बात कहकर चले गए।
मांगते हैं आधार कार्ड
ऐसे ही शहर की सड़क पर कुछ लोग ठिठुरते हुए मिले। ये रैन बसेरे के पास ही थे। इन्होंने बताया कि उनको रैन बसेरों में रुकने नहीं दिया जाता क्योंकि उनके पास आधार कार्ड ही नहीं है। बिना आधार कार्ड के रैन बसेरे वाले उन्हें निकाल देते हैं। जिससे वे ठंड में ही रात गुजारने को मजबूर हैं।
नशेड़ी आते हैं, चोरी करते हैं, इसलिए मांगते हैं आधार
लाल बत्ती चौक और स्काई लार्क के सामने रखे रैन बसेरों के केयर टेकरों बताया कि रात के समय इन बसेरों में नशेड़ी आते हैं। यहां से कंबल चोरी कर ले जाते हैं। इसलिए अब सबसे आधार कार्ड मांग रहे हैं। जिसके पास आधार नहीं होता या जो नशे में होता है, उसे रोक दिया जाता है। रैन बसेरों में निगम ने जेबीएम और आईएनडी कंपनी के कर्मचारियों को रखवाली के लिए लगाया है, जो सिर्फ रात को रुकते हैं। दिन में ये बसेरे खुले पड़े रहते हैं।

करवाएंगे स्थायी समाधान
रैन बसेरों में सामान और यहां रुकने वाले लोगों की सुरक्षा का स्थायी समाधान करवाया जाएगा। इन बसेरों को जरूतरमंद लोगों के लिए तैयार किया गया है। किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों से मौके की रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी। - आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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