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Panipat News: एनएचएम की हड़ताल जारी, डिलीवरी सेवाएं प्रभावित
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पानीपत। एनएचएम की हड़ताल बुधवार को छठे दिन भी जारी रही। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कई सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हैं। प्रसूति वार्ड में डिलीवरी सेवाओं में 20 प्रतिशत तक की कमी आ गई है। उधर बुधवार को पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह कादियान व विधायक बलबीर वाल्मीकि भी एनएचएम कर्मचारियों के धरने में पहुंचे। यहां उन्होंने कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। दोनों नेताओं ने कांग्रेस सरकार बनने के छह माह के अंदर इनकी सभी मांगे माने जाने का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि एनएचएम के 350 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। इनमें 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क, डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कई सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हैं। प्रसूति वार्ड में डिलीवरी सेवाओं में 20 प्रतिशत तक की कमी आ गई है। पिछले छह दिन में जिला नागरिक अस्पताल में महज 80 डिलीवरी हुई है। जहां पहले प्रतिदिन 35-40 डिलीवरी होती थी अब घटकर औसतन 20 डिलीवरी रह गई हैं। इसी तरह हड्डी रोग की ओपीडी प्रभावित हो रही है। टीकाकरण कार्यक्रम लगभग ठप हो गए हैं। जिले की सभी एएनएम हड़ताल में शामिल हैं। इसलिए फील्ड में चलने वाले टीकाकरण कार्यक्रम फिलहाल बंद हैं। अस्पतालों में ही बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। फिजियोथैरेपी व हड्डी रोग संबंधी ओपीडी प्रभावित हैं। मरीजों को बिना इलाज घर लौटना पड़ रहा है। बुधवार को एनएचएम कर्मचारियों ने जिला नागरिक अस्पताल के गेट पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया है।
बॉक्स
यह सेवाएं हो रही हैं प्रभावित-
- जिला नागरिक अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। हड़ताल के चलते हड्डी की सर्जरी सेवाएं रुक गई हैं।
- फिजियोथैरेपी सेवाएं पूरी तरह से बंद है। यहां हर रोज इलाज के लिए 30-40 मरीज आते हैं। इनमें अधिकतर बुजुर्ग शामिल हैं।
- एनएचएम की हड़ताल से एसएनसीयू वार्ड की सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। अब यहां पर दूसरे वार्डों से नर्सिंग ऑफिसर लगाए गए हैं।
- एनएचएम की हड़ताल के कारण सारा कागजी काम ठप हो गया है।
मांगे न माने जाने तक रहेंगे हड़ताल पर : मलिक
एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि उनको विपक्ष का समर्थन मिल रहा है। धरने में पूर्व मंत्री बिजेंद्र कादियान व विधायक बलबीर वाल्मीकि पहुंचे हैं। उन्होंने अपने स्तर पर उनकी मांगे उठाने का आश्वासन दिया है। सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी, इसलिए हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर दिया गया है। उनकी हड़ताल से लोगों को परेशानी हो रही है। इसकी जिम्मेदार सरकार है। सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। इसलिए उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। वह एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। आज तक उनको सातवां पे स्केल नहीं दिया गया है। वह सालों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आए हैं। स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है लेकिन उनका शोषण हो रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए।
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उल्लेखनीय है कि एनएचएम के 350 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। इनमें 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क, डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कई सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हैं। प्रसूति वार्ड में डिलीवरी सेवाओं में 20 प्रतिशत तक की कमी आ गई है। पिछले छह दिन में जिला नागरिक अस्पताल में महज 80 डिलीवरी हुई है। जहां पहले प्रतिदिन 35-40 डिलीवरी होती थी अब घटकर औसतन 20 डिलीवरी रह गई हैं। इसी तरह हड्डी रोग की ओपीडी प्रभावित हो रही है। टीकाकरण कार्यक्रम लगभग ठप हो गए हैं। जिले की सभी एएनएम हड़ताल में शामिल हैं। इसलिए फील्ड में चलने वाले टीकाकरण कार्यक्रम फिलहाल बंद हैं। अस्पतालों में ही बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। फिजियोथैरेपी व हड्डी रोग संबंधी ओपीडी प्रभावित हैं। मरीजों को बिना इलाज घर लौटना पड़ रहा है। बुधवार को एनएचएम कर्मचारियों ने जिला नागरिक अस्पताल के गेट पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया है।
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यह सेवाएं हो रही हैं प्रभावित-
- जिला नागरिक अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। हड़ताल के चलते हड्डी की सर्जरी सेवाएं रुक गई हैं।
- फिजियोथैरेपी सेवाएं पूरी तरह से बंद है। यहां हर रोज इलाज के लिए 30-40 मरीज आते हैं। इनमें अधिकतर बुजुर्ग शामिल हैं।
- एनएचएम की हड़ताल से एसएनसीयू वार्ड की सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। अब यहां पर दूसरे वार्डों से नर्सिंग ऑफिसर लगाए गए हैं।
- एनएचएम की हड़ताल के कारण सारा कागजी काम ठप हो गया है।
मांगे न माने जाने तक रहेंगे हड़ताल पर : मलिक
एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि उनको विपक्ष का समर्थन मिल रहा है। धरने में पूर्व मंत्री बिजेंद्र कादियान व विधायक बलबीर वाल्मीकि पहुंचे हैं। उन्होंने अपने स्तर पर उनकी मांगे उठाने का आश्वासन दिया है। सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी, इसलिए हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर दिया गया है। उनकी हड़ताल से लोगों को परेशानी हो रही है। इसकी जिम्मेदार सरकार है। सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। इसलिए उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। वह एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। आज तक उनको सातवां पे स्केल नहीं दिया गया है। वह सालों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आए हैं। स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है लेकिन उनका शोषण हो रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए।
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