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शिक्षा में बदलाव संग बढ़ना जरूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 01:53 AM IST
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Need to move with change in education
पानीपत। अमर उजाला की तरफ से आयोजित संवाद के दौरान आपस में बातचीत करते हुए शिक्षक। - फोटो : Panipat
आज विद्यार्थियों के पास ज्ञान अर्जित करने के अपार साधन हैं। अगर किताबें नहीं हैं तो इंटरनेट ई-बुक्स हैं, जबकि पहले किताबों पर ही पढ़ाई निर्भर थी। स्मार्टफोन के रूप में हर वक्त स्टडी मैटेरियल साथ में हैं। कभी भी, कहीं भी खाली वक्त में पढ़ाई की जा सकती है, जबकि पहले ऐसा नहीं था। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में न्यू मिडटाउन क्लब में जिले के 20 से अधिक अध्यापकों के साथ संवाद किया गया। अध्यापकों ने शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आए और आ रहे बदलावों के साथ ही तकनीक के समावेश पर विचार रखे। अपने समय की शिक्षा से आज के समय की शिक्षा की तुलना की।
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अध्यापकों ने कहा कि पहले अगर किसी प्रश्न में फंस गए तो तुरंत जवाब नहीं मिलता था। शिक्षक से मुलाकात करने तक का इंतजार करना होता था। समझने का सिर्फ एक ही जरिया था, जबकि आज कई सोर्स हैं। जिसमें इंटरनेट की महत्वपूर्ण भूमिका है। अब एक विषय पर अलग-अलग विशेषज्ञों की राय और शोध देखे जा सकते हैं। ज्ञान अर्जित करने के कई सोर्स हैं। जो बेहतर हैं।
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वर्तमान समय में शिक्षा डिजिटल हो चुकी है
वर्तमान समय में शिक्षा पूरी तरह से डिजिटल हो गई है। लॉकडाउन का ही उदाहरण सामने है। फोन पर ही सारा सिलेबस पूरा हो गया है, जबकि आज से एक दशक पहले तक ऐसा नहीं था। किताबों पर निर्भरता अधिक थी। आज पढ़ाई के लिए लैपटॉप और इंटरनेट जरूरी हो गया है।
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-मधु डागर
शिक्षा के लिहाज से इंटरनेट तोहफा है
शिक्षा और विद्यार्थी के लिहाज से बात करें तो इंटरनेट किसी तोहफे से कम नहीं है। विद्यार्थियों के पास अपनी शंकाओं को दूर करने के अपार साधन हैं। साथ ही इंटरनेट से कोई ज्ञान अर्जित किया तो उसके सही या गलत होने का पता करने के लिए शिक्षक हैं। गूगल पर सारे उत्तर हैं।
-मीना
हमारे समय में तो घंटों तक किताब में उत्तर ढूंढते थे
हमारे समय में आज से 30 साल पहले किसी प्रश्न का उत्तर ढूंढना हो तो घंटों किताबों में ही उलझे रहते थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है। किसी प्रश्न का उत्तर नहीं मिल रहा है तो इंटरनेट है। शिक्षकों ने जो पढ़ाया, उसी विषय पर अधिक ज्ञान अर्जित हो सकता है। विद्यार्थी झटपट इंटरनेट से सवाल पूछ लेते हैं।
-बोधराज श्योराण
लॉकडाउन में तकनीक के जरिए सिलेबस कराया पूरा
आज से एक दशक पहले लॉकडाउन जैसी स्थिति होती तो शिक्षा पूरी तरह से ठप हो जाती। वहीं आज डिजिटल युग की वजह से सिलेबस पूरा कराया जा सका, ऑनलाइन पढ़ाई हो सकी। विद्यार्थियों के दो साल बर्बाद होने से डिजिटल युग ने ही बचाए हैं। विद्यार्थी ऑनलाइन रहकर अच्छे से पढ़ाई कर सके।

-संजीव शास्त्री
इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ शिक्षा के लिए
यह ध्यान भी रखना है कि इंटरनेट कई अन्य द्वार भी खोलता है, जो ठीक नहीं हैं। ऐसे में अभिभावकों को सतर्कता बरतनी होगी। इंटरनेट तक विद्यार्थियों की पहुंच जरूरी हो गई है, लेकिन जब तक कि उसका इस्तेमाल सिर्फ शिक्षा के लिए किया जाए। आज विद्यार्थी इंटरनेट से सभी उत्तर खोज सकते हैं।
-निर्मला
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