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नरेश अग्घी के अपहरण की फिरौती लेकर काजल ने अमित के साथ मुरथल में पी थी चाय
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पानीपत। नरेश अग्घी ।
- फोटो : panipat
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नरेश अग्घी अपहरण कांड में एक बड़े सवाल का जवाब आखिर मिल ही गया। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर पुलिस ने इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाई कैसे? पुलिस को दी शिकायत में भी नरेश अग्घी ने उसकी महिला मित्र की बात छिपाई रखी। पूरे मामले में महिला से संबंधित बात न ही प्रत्यक्षदर्शी ने बताई, न ही नरेश व उसके परिजनों और उसके जानकारों ने बताई। फिर भी पूरे मामले में पुलिस ने सबसे पहलेे अपहरण कांड की मास्टरमाइंड नरेश अग्घी की महिला मित्र को गिरफ्तार किया। उसके कबूलनामे के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में शामिल अन्य चार युवकों को यूपी के बागपत जिले से गिरफ्तार कर लिया।
ये रही महिला तक पुलिस की पहुंचने की कहानी:
पुलिस की सीआइए-वन, साइबर सेल सहित मॉडल टाउन थाना पुलिस इस उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई थी। इस कड़ी में पुलिस ने पानीपत से सोनीपत, सोनीपत से कुंडली बॉर्डर और केजीपी और केएमपी के रास्तों के करीब 150 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसमें से करीब 120 कैमरों की फुटेज पुलिस ने निकाल ली, लेकिन पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूूत नहीं लगा। इसी दौरान पुलिस की इन टीमों में से एक टीम सोनीपत रेवली गांव स्थित अपेक्स ग्रीन वाइट लिलि बिल्डिंग के पास पहुंची। जहां बदमाशों ने 20 लाख की फिरौती लेकर नरेश अग्घी को छोड़ा था। उक्त पते पर पुलिस ने 14 जुलाई को दिन में करीब 10 घंटे तक छानबीन की। जिस दौरान पुलिस की नजर पास के एक ढाबे के बाहर कोने में छिपे हुए तरीके से लगे हुए कैमरे पर पड़ी। पुलिस ने उसकी रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की लगातार रिकॉर्डिंग चेक की। उसमें कुछ समय रोड काफी सुनसान रहा, कुछ समय काफी लोग वहां से गुजरते भी दिखे, लेकिन कोई भी वहां रुकता हुुआ नहीं दिखाई। रिकॉर्डिंग देखते-देखते पुलिस सुबह की साढ़े तीन बजे की बाद तक रिकॉर्डिंग तक पहुंच गई। फुटेज में दिखा कि सुबह करीब पौने 4 बजेे ढाबे पर एक युवक और एक युवती आए, जिन्होंने चाय का ऑर्डर किया। चाय बनने और पीने तक में करीब 17 मिनट का समय लगा। दोनों एक-दूसरे से बहुत कम बातें कर रहे थे, लेकिन उनकी हरकतें संदिग्ध थी। पुलिस ने उनकी इस पूरी हरकतों में एक खास प्वाइंट नोट किया। दोनों युवक-युवती ने इस पूरी अवधि के दौरान उनका मोबाइल फोन एक दफा भी प्रयोग नहीं किया। पुलिस का कहना है कि अधिकांश इस उम्र के लोग, उनका फोन 17 मिनट में कई दफा चेक कर लेते हैं। लेकिन इन्होंने नहीं किया था। साथ ही पुलिस ने बताया था कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने में बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन का प्रयोग किया ही नहीं था। जिससे पुलिस का शक इस बात पर गया कि वारदात में महिला भी शामिल है। ये फुटेज निकाल कर पुलिस ने नरेश अग्घी से महिला संबंधित कई सवाल किए। लेकिन हर बार नरेश अग्घी महिला की बात आने पर आनाकानी करने लगता। कभी सिरदर्द का बहाना करता तो कभी ज्यादा देर न बैठे पाने का बहाना करता था। जिससे पुलिस का शक और ज्यादा बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने उन लोगों से ज्यादा बातचीत की, जिससे नरेश का लगभग हर रोज का मिलना था और जो उनके बहुत करीबी थी। महिला संबंधी कुछ हिंट मिलने पर पुलिस ने नरेश के मोबाइल नंबर सहित वारदात की जांच के दौरान डंप द्वारा निकाले गए कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की। जिस पहलू पर काम करते हुए पुलिस ने 62 वर्षीय जमींदार नरेश अग्घी की 22 वर्षीय महिला मित्र हरियाणवी कलाकार काजल यादव उर्फ काजल चड्ढा उर्फ काजल त्यागी को मंगलवार रात पुरेवाल कॉलोनी पानीपत से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बाकी 4 बदमाशों को बागपत, यूपी से गिरफ्तार किया।
पुलिस के लिए नहीं छोड़ा कोई सबूत
पांच में से तीन आरोपी ग्रेजुएट पास हैं, एक आरोपी 12वीं पास है। बदमाशों ने अपहरण के वक्त पूरे कांड को बड़ी सावधानी से अंजाम दिया। इसके बाद सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरा, जीटी रोड के टोल-प्लाजा से बचने के लिए मंजिल तक पहुंचने के लिए नहर का रास्ता व सुनसान रास्ता चुना। नरेश अग्घी के फोन से उसके परिजनों से बात कर उसके मोबाइल फोन से सिम कार्ड तुरंत निकाल देते थे। ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। खुद के मोबाइल फोन का भी प्रयोग नहीं किया। नरेश का अपहरण कही से किया, ले कर दूसरी जगह गए। फिरौती किसी दूसरी जगह ली व उसे छोड़ा किसी दूसरी जगह पर।
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एसपी बोले: नरेश ने छिपाया महिला मित्र का पहलू, इसलिए लगा वारदात ट्रेस करने में समय:
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि नरेश अग्घी ने अपहरण होने से उसके छूटने तक की पूरी वारदात में पुलिस से उसकी महिला मित्र की बात को छिपा कर रखा। इसी वजह से पुलिस को इस पूरे मामले को ट्रेस करने में इतना समय लग गया। वरना ये मामला शनिवार को ही ट्रेस हो जाता। दोनों के बीच में करीब 3 साल से दोस्ती थी व दोनों का हर दूसरे दिन का मिलना-जुलना था। नरेश के दिए बयान पुलिस को संदिग्ध लगे, तो पुलिस ने नरेश से जुड़ी हर चीज को खंगाला। इस दौरान उसकी महिला मित्र का पता लगा व उसे उसके घर पुरेवाल कॉलोनी से गिरफ्तार किया। वहीं एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी कैमरा खंगाले।
दो लाख लेकर काजल वैन में बैठ पहुंची पानीपत:
शनिवार की सुबह 20 लाख रुपये मिलने के बाद सभी बालगढ़ मिले। इसके बाद सभी ने खर्च के लिए एक-एक लाख व काजल ने 2 लाख रुपये लिए थे। बाकी के रुपये शुभम अपने साथ ले गया था। सभी ने ये तय किया था कि कुछ दिनों बाद ये मामला शांत हो जाने पर बाकी के रुपये बांट लेंगे। चारों युवक रुपये लेकर आई-20 में सवार होकर बागपत चले गए व काजल बालगढ़ से वैन में बैठ कर पानीपत पहुंची।
काजल, पढ़ती रही ऑनलाइन न्यूज पेपर, देती रही बाकी आरोपियों को सचेत होने की जानकारी:
पुलिस पूछताछ में मास्टरमाइंड आरोपी महिला मित्र काजल ने बताया कि वो रोज ऑनलाइन न्यूज पेपर पढ़ती रही। जिसकी सारी जानकारी अपने साथियों को देती रही। न्यूज पेपर पढ़कर वो बताती रही की पुलिस अब किस पहलु पर काम कर रही है, किस तरह के सवाल इसमें खड़े हो रहे हैं? आरोपी तीन दिन काजल की सूचना के आधार पर फरार रहे व बदमाशों ने तीनों दिन उनकी आई-20 कार की नंबर प्लेट बदल-बदल कर इस्तेमाल की। बदमाशों ने अपनी कार व अवैध पिस्तौल को कहीं पर छिपा दिया। जिसे पुलिस रिमांड अवधि के दौरान बरामद करने का प्रयास कर रही है।
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ये रही महिला तक पुलिस की पहुंचने की कहानी:
पुलिस की सीआइए-वन, साइबर सेल सहित मॉडल टाउन थाना पुलिस इस उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई थी। इस कड़ी में पुलिस ने पानीपत से सोनीपत, सोनीपत से कुंडली बॉर्डर और केजीपी और केएमपी के रास्तों के करीब 150 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसमें से करीब 120 कैमरों की फुटेज पुलिस ने निकाल ली, लेकिन पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूूत नहीं लगा। इसी दौरान पुलिस की इन टीमों में से एक टीम सोनीपत रेवली गांव स्थित अपेक्स ग्रीन वाइट लिलि बिल्डिंग के पास पहुंची। जहां बदमाशों ने 20 लाख की फिरौती लेकर नरेश अग्घी को छोड़ा था। उक्त पते पर पुलिस ने 14 जुलाई को दिन में करीब 10 घंटे तक छानबीन की। जिस दौरान पुलिस की नजर पास के एक ढाबे के बाहर कोने में छिपे हुए तरीके से लगे हुए कैमरे पर पड़ी। पुलिस ने उसकी रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की लगातार रिकॉर्डिंग चेक की। उसमें कुछ समय रोड काफी सुनसान रहा, कुछ समय काफी लोग वहां से गुजरते भी दिखे, लेकिन कोई भी वहां रुकता हुुआ नहीं दिखाई। रिकॉर्डिंग देखते-देखते पुलिस सुबह की साढ़े तीन बजे की बाद तक रिकॉर्डिंग तक पहुंच गई। फुटेज में दिखा कि सुबह करीब पौने 4 बजेे ढाबे पर एक युवक और एक युवती आए, जिन्होंने चाय का ऑर्डर किया। चाय बनने और पीने तक में करीब 17 मिनट का समय लगा। दोनों एक-दूसरे से बहुत कम बातें कर रहे थे, लेकिन उनकी हरकतें संदिग्ध थी। पुलिस ने उनकी इस पूरी हरकतों में एक खास प्वाइंट नोट किया। दोनों युवक-युवती ने इस पूरी अवधि के दौरान उनका मोबाइल फोन एक दफा भी प्रयोग नहीं किया। पुलिस का कहना है कि अधिकांश इस उम्र के लोग, उनका फोन 17 मिनट में कई दफा चेक कर लेते हैं। लेकिन इन्होंने नहीं किया था। साथ ही पुलिस ने बताया था कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने में बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन का प्रयोग किया ही नहीं था। जिससे पुलिस का शक इस बात पर गया कि वारदात में महिला भी शामिल है। ये फुटेज निकाल कर पुलिस ने नरेश अग्घी से महिला संबंधित कई सवाल किए। लेकिन हर बार नरेश अग्घी महिला की बात आने पर आनाकानी करने लगता। कभी सिरदर्द का बहाना करता तो कभी ज्यादा देर न बैठे पाने का बहाना करता था। जिससे पुलिस का शक और ज्यादा बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने उन लोगों से ज्यादा बातचीत की, जिससे नरेश का लगभग हर रोज का मिलना था और जो उनके बहुत करीबी थी। महिला संबंधी कुछ हिंट मिलने पर पुलिस ने नरेश के मोबाइल नंबर सहित वारदात की जांच के दौरान डंप द्वारा निकाले गए कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की। जिस पहलू पर काम करते हुए पुलिस ने 62 वर्षीय जमींदार नरेश अग्घी की 22 वर्षीय महिला मित्र हरियाणवी कलाकार काजल यादव उर्फ काजल चड्ढा उर्फ काजल त्यागी को मंगलवार रात पुरेवाल कॉलोनी पानीपत से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बाकी 4 बदमाशों को बागपत, यूपी से गिरफ्तार किया।
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पांच में से तीन आरोपी ग्रेजुएट पास हैं, एक आरोपी 12वीं पास है। बदमाशों ने अपहरण के वक्त पूरे कांड को बड़ी सावधानी से अंजाम दिया। इसके बाद सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरा, जीटी रोड के टोल-प्लाजा से बचने के लिए मंजिल तक पहुंचने के लिए नहर का रास्ता व सुनसान रास्ता चुना। नरेश अग्घी के फोन से उसके परिजनों से बात कर उसके मोबाइल फोन से सिम कार्ड तुरंत निकाल देते थे। ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। खुद के मोबाइल फोन का भी प्रयोग नहीं किया। नरेश का अपहरण कही से किया, ले कर दूसरी जगह गए। फिरौती किसी दूसरी जगह ली व उसे छोड़ा किसी दूसरी जगह पर।
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एसपी सुमित कुमार ने कहा कि नरेश अग्घी ने अपहरण होने से उसके छूटने तक की पूरी वारदात में पुलिस से उसकी महिला मित्र की बात को छिपा कर रखा। इसी वजह से पुलिस को इस पूरे मामले को ट्रेस करने में इतना समय लग गया। वरना ये मामला शनिवार को ही ट्रेस हो जाता। दोनों के बीच में करीब 3 साल से दोस्ती थी व दोनों का हर दूसरे दिन का मिलना-जुलना था। नरेश के दिए बयान पुलिस को संदिग्ध लगे, तो पुलिस ने नरेश से जुड़ी हर चीज को खंगाला। इस दौरान उसकी महिला मित्र का पता लगा व उसे उसके घर पुरेवाल कॉलोनी से गिरफ्तार किया। वहीं एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी कैमरा खंगाले।
दो लाख लेकर काजल वैन में बैठ पहुंची पानीपत:
शनिवार की सुबह 20 लाख रुपये मिलने के बाद सभी बालगढ़ मिले। इसके बाद सभी ने खर्च के लिए एक-एक लाख व काजल ने 2 लाख रुपये लिए थे। बाकी के रुपये शुभम अपने साथ ले गया था। सभी ने ये तय किया था कि कुछ दिनों बाद ये मामला शांत हो जाने पर बाकी के रुपये बांट लेंगे। चारों युवक रुपये लेकर आई-20 में सवार होकर बागपत चले गए व काजल बालगढ़ से वैन में बैठ कर पानीपत पहुंची।
काजल, पढ़ती रही ऑनलाइन न्यूज पेपर, देती रही बाकी आरोपियों को सचेत होने की जानकारी:
पुलिस पूछताछ में मास्टरमाइंड आरोपी महिला मित्र काजल ने बताया कि वो रोज ऑनलाइन न्यूज पेपर पढ़ती रही। जिसकी सारी जानकारी अपने साथियों को देती रही। न्यूज पेपर पढ़कर वो बताती रही की पुलिस अब किस पहलु पर काम कर रही है, किस तरह के सवाल इसमें खड़े हो रहे हैं? आरोपी तीन दिन काजल की सूचना के आधार पर फरार रहे व बदमाशों ने तीनों दिन उनकी आई-20 कार की नंबर प्लेट बदल-बदल कर इस्तेमाल की। बदमाशों ने अपनी कार व अवैध पिस्तौल को कहीं पर छिपा दिया। जिसे पुलिस रिमांड अवधि के दौरान बरामद करने का प्रयास कर रही है।