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Panipat News: बंदी की मौत पर 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
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पानीपत/मतलौडा। मतलौडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कवी गांव निवासी शेखर की हत्या के मामले में परिजनों के हंगामे के बाद मतलौडा थाना पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें छह आरोपी समेत उनकी पत्नियां शामिल हैं। हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद बंदी के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। वहीं शेखर की जेल में तबीयत बिगड़ने और उसकी मौत के मामले में मजिस्ट्रेट जांच भी शुरू कर दी गई है।
थाना मतलौडा पुलिस को कवी गांव के नीटू ने बताया कि उसके बड़े भाई शेखर की गांव के अड्डे पर हलवाई की दुकान थी। एक साल पहले शेखर से मकान बनाने के नाम पर अनिल और राजबीर 50 हजार रुपये उधार मांग कर ले गए। जब शेखर पैसे वापस मांगता तो आरोपी टाल मटोल कर देते। 10 सितंबर को शेखर ने फिर अपने पैसे वापस मांगे तो राजबीर, अनिल, विनोद, सेठी, अमित और बिंद्र सभी अपनी पत्नियों को साथ लेकर आए और शेखर के साथ झगड़ा कर मारपीट की। डर की वजह से शेखर व्यायामशाला की ओर चला गया। पीछे से सभी आरोपी लाठी डंडे लेकर टैंपों में सवार होकर आए और शेखर को पीटा।
इस दौरान मौके पर अमन, कलम और रविंद्र ने शेखर को छुड़वाया। अगर वे न छुड़वाते तो आरोपी शेखर को वहीं पर मार देते। इस मारपीट में आरोपियों ने शेखर को काफी चोटें मारी। तभी आरोपियों ने एक झूठी शिकायत के तहत शेखर को गिरफ्तार करवा दिया। वे रात भर शेखर को खोजते रहे लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन 11 सितंबर को उनके पास मतलौडा थाने से फोन आया कि शेखर के कपड़े और आधार कार्ड लेकर आओ। वह मौके पर गया तो उसका भाई शेखर घायल अवस्था में बेहोश पड़ा था। शेखर ने होश में आने के बाद उन्हें सारी बातें बताई। पुलिस ने शेखर का इलाज न करवाकर उसे जेल भेज दिया। 14 सितंबर को उन्हें पता चला कि शेखर की मौत हो गई है। जिसके जिम्मेदार ये सभी आरोपी हैं। मृतक बंदी के भाई की शिकायत पर पुलिस ने छह आरोपियों समेत उनकी पत्नियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी राजीव ने बताया कि मृतक बंदी के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
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थाना मतलौडा पुलिस को कवी गांव के नीटू ने बताया कि उसके बड़े भाई शेखर की गांव के अड्डे पर हलवाई की दुकान थी। एक साल पहले शेखर से मकान बनाने के नाम पर अनिल और राजबीर 50 हजार रुपये उधार मांग कर ले गए। जब शेखर पैसे वापस मांगता तो आरोपी टाल मटोल कर देते। 10 सितंबर को शेखर ने फिर अपने पैसे वापस मांगे तो राजबीर, अनिल, विनोद, सेठी, अमित और बिंद्र सभी अपनी पत्नियों को साथ लेकर आए और शेखर के साथ झगड़ा कर मारपीट की। डर की वजह से शेखर व्यायामशाला की ओर चला गया। पीछे से सभी आरोपी लाठी डंडे लेकर टैंपों में सवार होकर आए और शेखर को पीटा।
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इस दौरान मौके पर अमन, कलम और रविंद्र ने शेखर को छुड़वाया। अगर वे न छुड़वाते तो आरोपी शेखर को वहीं पर मार देते। इस मारपीट में आरोपियों ने शेखर को काफी चोटें मारी। तभी आरोपियों ने एक झूठी शिकायत के तहत शेखर को गिरफ्तार करवा दिया। वे रात भर शेखर को खोजते रहे लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन 11 सितंबर को उनके पास मतलौडा थाने से फोन आया कि शेखर के कपड़े और आधार कार्ड लेकर आओ। वह मौके पर गया तो उसका भाई शेखर घायल अवस्था में बेहोश पड़ा था। शेखर ने होश में आने के बाद उन्हें सारी बातें बताई। पुलिस ने शेखर का इलाज न करवाकर उसे जेल भेज दिया। 14 सितंबर को उन्हें पता चला कि शेखर की मौत हो गई है। जिसके जिम्मेदार ये सभी आरोपी हैं। मृतक बंदी के भाई की शिकायत पर पुलिस ने छह आरोपियों समेत उनकी पत्नियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी राजीव ने बताया कि मृतक बंदी के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
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