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निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए मास्टर प्लान
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पानीपत। बिजली के फॉल्ट ठीक करने के साथ ही उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सप्लाई करने के लिए पानीपत सर्कल कार्यालय ने ‘परमिट एक, काम अनेक योजना’ की शुरुआत की है। इसके तहत एक परमिट पर ही निगम अधिकारी और कर्मचारी आसपास के सब स्टेशन एवं फीडरों की मरम्मत का काम भी करेंगे। इस योजना के तहत एक समय पर कई कामों को शामिल किया जाएगा ताकि दूसरे कामों के लिए अलग से परमिट न लेना पड़े। साथ ही बार-बार लाइन कट भी न करनी पड़े। प्रदेश में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत पानीपत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की जा रही है।
इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में रविवार को मरम्मत का काम किया जाएगा। इस दिन ज्यादातर फैक्टरियां बंद रहती हैं और इस प्रकार उन्हें बिजली न होने की वजह से नुकसान से बचाया जा सकेगा। वहीं रिहायशी क्षेत्र में बुधवार और शनिवार को लाइन और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का काम किया जाएगा। रिहायशी क्षेत्र में मरम्मत के लिए दिन बदलना पड़ा तो बिजली अधिकारी आरडब्ल्यूए से पूछकर इसका फैसला लेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि लोगों को बिना लाइट के ज्यादा परेशानी न उठानी पड़े।
खास बात ये है कि अब अधिकारी अपनी सुविधा एवं मनमर्जी से परमिट भी नहीं ले सकेंगे। परमिट सिर्फ स्थानीय उपभोक्ताओं की सुविधा के अनुसार ही लिया जा सकेगा। नए फीडर, पावर हाउस या ट्रांसफार्मर लगाए जाने के लिए परमिट के दिन में भी बदलाव किया जा सकता है। खराब मौसम, आंधी या तूफान में लाइनों के टूटने पर मरम्मत के लिए दिन बदलाव हो सकता है। रिहायशी क्षेत्र में आरडब्ल्यूए के अनुसार सप्ताह में बुधवार या शनिवार को बिजली की जरूरत है तो दिन में परमिट में बदलाव हो सकेगा। इंडस्ट्रियल एरिया में कम समय के लिए परमिट लेना है तो वह दोपहर बाद मिलेगा। पूरे दिन के लिए सुबह के समय परमिट लेना पड़ेगा। वहीं, इसके लिए यूएचबीवीएन व एचवीपीएन को आपसी तालमेल बनाना होगा।
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ऐसे चलेगा काम
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता एसएस ढुल ने बताया कि ‘परमिट एक काम अनेक योजना’ प्रदेश में सिर्फ पानीपत में ही लागू की गई है। इसके तहत अगर 132 केवी पावर हाउस के किसी 33 केवी सब स्टेशन या इससे जुड़ी लाइन के किसी 11 केवी के फीडर पर कोई सामान्य रखरखाव या मरम्मत का काम करना है तो लाइन को बंद रखना पड़ेगा। इसके लिए परमिट लेना होगा। इससे संबंधित पूरे एरिया की लाइट गुल रहेगी। इस दौरान सब स्टेेशन या पावर हाउस से जुड़े अन्य फीडरों या सब स्टेशनों पर भी मरम्मत का काम चलाया जाएगा। इससे एक ही परमिट पर एक ही समय में कई फीडरों की मरम्मत का काम किया जा सकेगा। जिससे उपभोक्ताओं को भी बार-बार कटों की समस्या से निजात मिलेगी और निगम का भी समय बचेगा।
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इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में रविवार को मरम्मत का काम किया जाएगा। इस दिन ज्यादातर फैक्टरियां बंद रहती हैं और इस प्रकार उन्हें बिजली न होने की वजह से नुकसान से बचाया जा सकेगा। वहीं रिहायशी क्षेत्र में बुधवार और शनिवार को लाइन और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का काम किया जाएगा। रिहायशी क्षेत्र में मरम्मत के लिए दिन बदलना पड़ा तो बिजली अधिकारी आरडब्ल्यूए से पूछकर इसका फैसला लेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि लोगों को बिना लाइट के ज्यादा परेशानी न उठानी पड़े।
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खास बात ये है कि अब अधिकारी अपनी सुविधा एवं मनमर्जी से परमिट भी नहीं ले सकेंगे। परमिट सिर्फ स्थानीय उपभोक्ताओं की सुविधा के अनुसार ही लिया जा सकेगा। नए फीडर, पावर हाउस या ट्रांसफार्मर लगाए जाने के लिए परमिट के दिन में भी बदलाव किया जा सकता है। खराब मौसम, आंधी या तूफान में लाइनों के टूटने पर मरम्मत के लिए दिन बदलाव हो सकता है। रिहायशी क्षेत्र में आरडब्ल्यूए के अनुसार सप्ताह में बुधवार या शनिवार को बिजली की जरूरत है तो दिन में परमिट में बदलाव हो सकेगा। इंडस्ट्रियल एरिया में कम समय के लिए परमिट लेना है तो वह दोपहर बाद मिलेगा। पूरे दिन के लिए सुबह के समय परमिट लेना पड़ेगा। वहीं, इसके लिए यूएचबीवीएन व एचवीपीएन को आपसी तालमेल बनाना होगा।
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ऐसे चलेगा काम
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता एसएस ढुल ने बताया कि ‘परमिट एक काम अनेक योजना’ प्रदेश में सिर्फ पानीपत में ही लागू की गई है। इसके तहत अगर 132 केवी पावर हाउस के किसी 33 केवी सब स्टेशन या इससे जुड़ी लाइन के किसी 11 केवी के फीडर पर कोई सामान्य रखरखाव या मरम्मत का काम करना है तो लाइन को बंद रखना पड़ेगा। इसके लिए परमिट लेना होगा। इससे संबंधित पूरे एरिया की लाइट गुल रहेगी। इस दौरान सब स्टेेशन या पावर हाउस से जुड़े अन्य फीडरों या सब स्टेशनों पर भी मरम्मत का काम चलाया जाएगा। इससे एक ही परमिट पर एक ही समय में कई फीडरों की मरम्मत का काम किया जा सकेगा। जिससे उपभोक्ताओं को भी बार-बार कटों की समस्या से निजात मिलेगी और निगम का भी समय बचेगा।