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Panipat News: बचपन के शौक को जीवन का माध्यम बना लोगों को बना रही स्वस्थ
Mon, 12 Oct 2026 03:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Mon, 12 Oct 2026 03:13 AM IST
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कुसुम धीमान। स्रोत : स्वयं
पानीपत। यमुना एनक्लेव निवासी कुसुम धीमान ने अपने बचपन के शौक को ही जीवन का लक्ष्य बना लिया और उसे ही जीवन का माध्यम बनाकर लोगों को स्वास्थ्य का पाठ पढ़ा रही हैं। अब वे बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ योग और सुदर्शन क्रिया का ज्ञान भी दे रही हैं। इसके लिए उन्हें अब तक करीब 30 संस्थाओं की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका है।
कुसुम धीमान ने बताया कि अब वे 23 साल से आर्ट ऑफ लिविंग में स्टेट मीडिया कॉ-आर्डिनेटर बनकर लोगों को योग और मेडिटेशन करवा रही हैं। इसके लिए उन्हें अपनी नींद पर नियंत्रण करना पड़ा है क्योंकि सुदर्शन क्रिया करने के लिए नियमितता का होना जरूरी है। वे सुबह पांच बजे उठकर सहज समाधि और सुदर्शन क्रिया करती हैं। जिससे काम करने के लिए ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है। सुदर्शन क्रिया करने से उनका मन शांत रहता है और किसी के प्रति द्वेष की भावना उत्पन्न होने से पहले ही समाप्त हो जाती है। हाल में वे एमडी स्कूल में चेयरपर्सन के पद पर कार्यरत है। उन्हें समाजसेवा के लिए पानीपत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वे आर्ट ऑफ लिविंग की टीम के साथ स्कूल में जाकर शिक्षकों व बच्चों को योग, ध्यान के बारे में बताती हैं। अब पिछले पांच दिन में वे टीम के साथ करीब 40 स्थानों पर सेमिनार कर चुकी हैं। एक घंटे की योग कक्षा में वे लोगों को योग व सुदर्शन क्रिया कराती हैं और उनका महत्व बताकर उन्हें जागरूक करती हैं। उन्होंने कहा कि सुदर्शन क्रिया हमें शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी स्वस्थ बनाती है। मानसिक रूप से स्वस्थ और शांत रहने के लिए सुदर्शन क्रिया अवश्य करनी चाहिए। यह हमारे अंदर द्वेष और क्रोध की भावना को खत्म करती है और हमें मानसिक रूप से स्वस्थ बनाती है। संवाद
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कुसुम धीमान ने बताया कि अब वे 23 साल से आर्ट ऑफ लिविंग में स्टेट मीडिया कॉ-आर्डिनेटर बनकर लोगों को योग और मेडिटेशन करवा रही हैं। इसके लिए उन्हें अपनी नींद पर नियंत्रण करना पड़ा है क्योंकि सुदर्शन क्रिया करने के लिए नियमितता का होना जरूरी है। वे सुबह पांच बजे उठकर सहज समाधि और सुदर्शन क्रिया करती हैं। जिससे काम करने के लिए ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है। सुदर्शन क्रिया करने से उनका मन शांत रहता है और किसी के प्रति द्वेष की भावना उत्पन्न होने से पहले ही समाप्त हो जाती है। हाल में वे एमडी स्कूल में चेयरपर्सन के पद पर कार्यरत है। उन्हें समाजसेवा के लिए पानीपत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वे आर्ट ऑफ लिविंग की टीम के साथ स्कूल में जाकर शिक्षकों व बच्चों को योग, ध्यान के बारे में बताती हैं। अब पिछले पांच दिन में वे टीम के साथ करीब 40 स्थानों पर सेमिनार कर चुकी हैं। एक घंटे की योग कक्षा में वे लोगों को योग व सुदर्शन क्रिया कराती हैं और उनका महत्व बताकर उन्हें जागरूक करती हैं। उन्होंने कहा कि सुदर्शन क्रिया हमें शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी स्वस्थ बनाती है। मानसिक रूप से स्वस्थ और शांत रहने के लिए सुदर्शन क्रिया अवश्य करनी चाहिए। यह हमारे अंदर द्वेष और क्रोध की भावना को खत्म करती है और हमें मानसिक रूप से स्वस्थ बनाती है। संवाद
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