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Panipat News: मेजर आशीष धौंचक को शौर्य चक्र, पत्नी ज्योति बोलीं वे खुद लेते तो और फक्र महसूस होता
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पानीपत। बिंझौली गांव के लाल मेजर आशीष को मरणोपरांत शौर्य चक्र मिला है। राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू ने बलिदानी की पत्नी ज्योति और सास कमला को ये सम्मान प्रदान किया है। बलिदानी की पत्नी ज्योति ने बताया कि आशीष ने बहादुरी के साथ आतंकवादियों का सामना किया। वे गोली लगने के कई घंटे बाद तक उनका सामना करते रहे। वह यह सम्मान खुद लेते और अधिक फक्र महसूस होता।
बलिदानी मेयर आशीष धौंचक की पत्नी ज्याेति ने बताया कि आशीष शुरू से ही सेना में जाना चाहते थे। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से 12वीं करने के बाद बरवाला के कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक में बीटेक की। एमटेक करने के दौरान 2012 में वे भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट भर्ती हुए थे और अब 19 राष्ट्रीय राइफल्स की सिख लाइट इंफेंट्री में तैनात थे। वर्ष 2018 में पदोन्नत होकर वे मेजर बन गए। इसके बाद ढाई साल पहले उन्हें राजौरी में पोस्टिंग मिली थी। वे बेटी वामिका को बहुत प्यार करते थे। टीडीआई में अपना नया घर बना बनाने के बाद वे जल्द ही इसमें शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान 13 सितंबर 2023 को एक दुखद समाचार ने उनके सारे सपनों को तोड़ दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उन्होंने और उनकी सास ने शौर्य चक्र प्राप्त किया। इस दौरान वे दोनों भावुक हो गई तो राष्ट्रपति ने दोनों को हौसला दिया।
टीडीआई में रहते हैं माता-पिता
मेजर आशीष को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अगस्त 2023 को सेना पदक से नवाजा था। आशीष मूल रूप से पानीपत से सटे बिंझौल गांव से थे। मेजर आशीष तीन बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी मां कमला गृहिणी और पिता लालचंद नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड से सेवामुक्त हैं। उनकी पत्नी ज्योति सरकारी विभाग में अधिकारी हैं। उनकी मां कमला और परिवार पानीपत के टीडीआई सिटी में रहते हैं।
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बलिदानी मेयर आशीष धौंचक की पत्नी ज्याेति ने बताया कि आशीष शुरू से ही सेना में जाना चाहते थे। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से 12वीं करने के बाद बरवाला के कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक में बीटेक की। एमटेक करने के दौरान 2012 में वे भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट भर्ती हुए थे और अब 19 राष्ट्रीय राइफल्स की सिख लाइट इंफेंट्री में तैनात थे। वर्ष 2018 में पदोन्नत होकर वे मेजर बन गए। इसके बाद ढाई साल पहले उन्हें राजौरी में पोस्टिंग मिली थी। वे बेटी वामिका को बहुत प्यार करते थे। टीडीआई में अपना नया घर बना बनाने के बाद वे जल्द ही इसमें शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान 13 सितंबर 2023 को एक दुखद समाचार ने उनके सारे सपनों को तोड़ दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उन्होंने और उनकी सास ने शौर्य चक्र प्राप्त किया। इस दौरान वे दोनों भावुक हो गई तो राष्ट्रपति ने दोनों को हौसला दिया।
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टीडीआई में रहते हैं माता-पिता
मेजर आशीष को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अगस्त 2023 को सेना पदक से नवाजा था। आशीष मूल रूप से पानीपत से सटे बिंझौल गांव से थे। मेजर आशीष तीन बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी मां कमला गृहिणी और पिता लालचंद नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड से सेवामुक्त हैं। उनकी पत्नी ज्योति सरकारी विभाग में अधिकारी हैं। उनकी मां कमला और परिवार पानीपत के टीडीआई सिटी में रहते हैं।
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