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Panipat News: 22 दिन बाद महासाध्वी का सीझा संथारा,निकाली भव्य अंतिम यात्रा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jan 2023 09:00 AM IST
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Mahasadhvi's Seejha Santhara after 22 days, grand funeral procession
पानीपत। एसएस जैन सभा गांधी मंडी से संथारा सीझने के बाद संथारा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा संथारा सीझने के बाद सोमवार को गांधी मंडी से निकाली गई जो सेक्टर-25 दशहरा ग्राउंड संपन्न हुई। जहां उनका अंतिम संस्कार विधि विधान के साथ किया गया।
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11 दिसंबर 2022 को संथारा समाधि लेने वाली 81 वर्षीय जैन साध्वी कुसुम प्रभा नए साल रविवार को शाम 6:40 बजे पर संथारा सीझ गया था। संथारा समाधि में अन्न, जल व अन्य सब कुछ खाने व पीने की वस्तुएं त्याग दी गई थी। पिछले 22 दिनों से जैन साध्वी कुसुम प्रभा ने अन्न, जल सहित सबकुछ त्याग दिया था। पांच दिसंबर को संथारा समाधि लेकर बैठ गई थी। 22 दिवसीय संधारा साधना संपन्न होने के बाद सोमवार को देश के अलग अलग कोने से चादर चढ़ाने के लिए श्रद्धालु हजारों की संख्या में पहुंचे।
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महा साध्वी ने 65 वर्ष पूर्व जैन सन्यास स्वीकार कर आत्मा साधना स्वाध्याय, तप त्याग ध्यान सेवा में समर्पित होकर गुरु सानिध्य में साधना प्रारंभ की थी। सुभद्र मुनि महाराज से अमृत मंगल पाठ श्रवण कर साधना संपन्न की। इस मौके पर विचक्षण महाराज,रमेश मुनि, राजेश मुनि, समेत 50 साधु साध्वी उपस्थित रहे। अंतिम यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर सैकड़ों की संख्या में संतों ने चादर भेंट की।
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गांधी मंडी पानीपत के प्रधान जगदीश जैन महामंत्री डॉ. ईश्वर जैन ने बताया समाज के प्रत्येक सदस्यों ने पूर्ण रूप से विकसित सेवा की जैन कॉन्फ्रेंस के एवं अन्य संघों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने बताया कि संथारा समाधि लेने वाली जैन साध्वी कुसुम प्रभा ने 13 साल की उम्र में वैराग्य धारण किया था। घर पर ही जैन धर्म के नियमों की शिक्षा प्राप्त करते हुए साढ़े 16 साल की उम्र में दीक्षा प्राप्त कर ली थी। इसके बाद साध्वी कुसुम प्रभा देशभर में विचरण को निकल पड़ी और हरियाणा, राजस्थान, यूपी व दिल्ली से होते हुए पानीपत पहुंची।

जैन साध्वी कुसुम प्रभा का जन्म 11 मार्च 1942 को जींद जिला के गांव कहसून में हुआ था। उनके पिता गोपीराम का खुद का व्यापार था। मां चुनिया देवी गृहिणी थी। परिवार में तीन बहन और एक भाई हैं। पांच दिसंबर को जैन साध्वी कुसुम प्रभा को पांच दिसंबर को मेजर अटैक आया था। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने बताया कि अब बेहतर इलाज संभव नहीं है। इसके बाद साध्वी कुसुम प्रभा ने संथारा समाधि का फैसला लिया था। 11 दिसंबर को वह संथारा समाधि पर बैठी थी। रविवार को शाम 6:40 बजे पर संथारा सीझ गया था।
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