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Panipat News: नए कानून को लेकर युवाओं को किया जागरूक
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पानीपत। नए कानून को लेकर विभिन्न स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में उप जिला न्यायवादी कुलदीप ढुल द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने की कड़ी में सरकार के आदेश पर उप जिला न्यायवादी कुलदीप ढुल द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।कार्यक्रम में एक जुलाई से लागू हुए नए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कुलदीप ढुल ने छात्रों और अध्यापकों को कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि दंड से न्याय की ओर अग्रसर होते हुए गत एक जुलाई से नए आपराधिक अधिनियम भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लागू हुए हैं। देशभर में लागू हुए नए कानून का सभी को पालन करना होगा। नया आपराधिक कानून औपनिवेशिक युग के पुराने कानूनों की जगह पर लाया गया है।
उन्होंने बताया कि नए कानून में महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के लिए सख्त सजा के प्रावधान किए गए हैं। नए कानून को लाने का उद्देश्य जांच और न्याय प्रणाली को पारदर्शी, सहज और सुलभ बनाना है। एक जुलाई से भारतीय आपराधिक कानून की रूपरेखा बदल गई है। जो कानून लंबे समय से देश में चले आ रहे थे, उन पर पूर्ण विराम लग गया है।
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कुलदीप ढुल ने नए कानूनों के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें विस्तार से बताई। उन्होंने जीरो एफआईआर, भारतीय न्याय संहिता बिल 2023 के अनुपस्थिति में परीक्षण, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बयान औरजांच, न्याय में तेजी की कोशिश, महिलाओं के लिए बदले नियम आदि की विस्तार से जानकारी दी।
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कुलदीप ढुल ने छात्रों और अध्यापकों को कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि दंड से न्याय की ओर अग्रसर होते हुए गत एक जुलाई से नए आपराधिक अधिनियम भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लागू हुए हैं। देशभर में लागू हुए नए कानून का सभी को पालन करना होगा। नया आपराधिक कानून औपनिवेशिक युग के पुराने कानूनों की जगह पर लाया गया है।
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उन्होंने बताया कि नए कानून में महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के लिए सख्त सजा के प्रावधान किए गए हैं। नए कानून को लाने का उद्देश्य जांच और न्याय प्रणाली को पारदर्शी, सहज और सुलभ बनाना है। एक जुलाई से भारतीय आपराधिक कानून की रूपरेखा बदल गई है। जो कानून लंबे समय से देश में चले आ रहे थे, उन पर पूर्ण विराम लग गया है।
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कुलदीप ढुल ने नए कानूनों के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें विस्तार से बताई। उन्होंने जीरो एफआईआर, भारतीय न्याय संहिता बिल 2023 के अनुपस्थिति में परीक्षण, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बयान औरजांच, न्याय में तेजी की कोशिश, महिलाओं के लिए बदले नियम आदि की विस्तार से जानकारी दी।