फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Low blood pressure in pregnant women, 65 percent suffer

Panipat News: गर्भवतियों में खून कम, 65 फीसदी पीड़ित

Wed, 10 Apr 2024 04:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Wed, 10 Apr 2024 04:09 AM IST
विज्ञापन
Low blood pressure in pregnant women, 65 percent suffer
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन


पानीपत। जिले के 15 स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के गर्भवतियों के लिए विशेष जांच शिविर लगाए गए। इनमें 23 महिला डॉक्टरों ने 540 गर्भवतियों की जांच की। शिविरों में 65 प्रतिशत गर्भवतियों में रक्त की कमी मिली। आठ प्रतिशत गर्भवती उच्च रक्तचाप से ग्रस्त मिली। 22 गर्भवतियों को बाहरी स्वास्थ्य केंद्रों से नागरिक अस्पताल में रेफर किया गया है।

जिले में उच्च रक्तचाप से हर 10 डिलीवरी में एक से डिलीवरी प्री मैच्यौर हो रही है। हर आठ डिलीवरी में एक डिलीवरी में गर्भवती को रक्त चढ़ाना पड़ रहा है। पिछले दो साल में लगभग 25 महिलाओं की डिलीवरी के दौरान मौत हो चुकी है। खून की कमी से प्रसूती महिलाएं विभिन्न प्रकार की बीमारियों से घिर रही हैं जो सिजेरियन डिलीवरी का बड़ा कारण है। डॉक्टरों के अनुसार खानपान के प्रति जागरूकता की कमी गर्भवतियों में खून की कमी का बड़ा कारण है।
विज्ञापन

वहीं 2023 में कुल 20187 डिलीवरी हुई हैं। इनमें 5540 डिलीवरी सिजेरियन हुई थी। सिजेरियन डिलीवरी के आंकड़ों को कम करने व मातृत्व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख को विशेष जांच शिविर लगाए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिविल अस्पताल गायनोकॉलोजिस्ट की डॉ. लिपिका बंसल के मुताबिक हर माह लगने वाले जांच शिविर में ये सामने आया है कि 60 से 65 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी है। महिलाओं को रक्त चढ़ाकर डिलीवरी करनी पड़ती है। खून की कमी से शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारी जन्म लेती है। खून की कमी डिलीवरी के दौरान महिला की मौत का कारण भी बनती है।


समालखा में 97 महिलाओं की जांच हुई
समालखा उपमंडल के सामान्य अस्पताल में मंगलवार को प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं का जांच शिविर आयोजित किया गया। डॉ. नेहा गुलाटी ने शिविर में आई 97 महिलाओं की जांच की। जिसमें 24 महिलाओं में हाई रिस्क मिला। डॉ. नेहा गुलाटी ने बताया अधिकतर गर्भवतियों में खून कमी पाई जाती है। शिविर के दौरान जांच कराने आई 97 महिलाओं में से 63 महिलाएं पहली बार आई थी। वहीं 29 महिलाओं का सरकारी अस्पताल में फ्री होने वाले अल्ट्रासाउंड भी लिखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी गर्भवती महिलाओं को गुड़ चना का वितरण भी किया गया। वही सभी गर्भवती महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की गोलियां बांटी गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed