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Panipat News: उठान बंद, अब धान से अटी मंडी
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मतलौडा। धान की खरीद को लेकर सरकार और प्रशासन की विफलता सामने आ रही है। जिसका खामियाजा अब किसानों के साथ आढ़तियों, मजदूरों और ट्रक ड्राइवरों तक को भुगतान पड़ रहा है। सरकार ने खरीद तो शुरू की लेकिन मिलर अलॉट नहीं किया। उठान शुरू कराया तो गेट पास पोर्टल बंद हो गया। जिसकी वजह से अब मंडी धान की खरीद के बाद भी धान से भरी बोरियों के ढेर लगना शुरू हो गए हैं।
इससे किसानों के साथ आढ़तियों की चिंता भी बढ़ गई है। अब आढ़ती दिन रात मंडी में पड़ी धान की पहरेदारी कर रहे हैं। उन्हें डर सताने लगा है कि अगर बेमौसम बरसात हुई तो धान का काफी बड़ा नुकसान उन्हें भरना पड़ेगा। गेट पास न कटने से अभी तक धान की खरीद के पैसे किसानों को भी नहीं मिल पाए हैं। धान से भरे ट्रक मंडी में खड़े रहते हैं जिससे ड्राइवरों की दिहाड़ी भी टूट रही है। ये ड्रामा पिछले चार दिन से चल रहा है। जिससे परेशान होकर बुधवार को धान से भरे 20 ट्रक चालकों ने करीब 27 हजार क्विंटल धान की बोरियों को वापस मंडी में उतार दिया। इस पर आढ़तियों का सरकार और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बैठक करते हुए फैसला लिया कि अगर पोर्टल चालू कर धान को नहीं उठाया गया तो वे मंडी को बंद कर प्रदर्शन करेंगे।
आढ़तियों का कहना है कि सरकार ने पीआर किस्म की धान की जिम्मेदारी तो स्टेट वेयर हाउस को दे दी है लेकिन अभी तक मिलर ही नियुक्त नहीं किया है। जिससे स्टेट वेयर हाउस की ओर से खरीदे गए धान का भी उठान नहीं हो पाया है। मंडी में बोरियों का उठान शुरू कराया तो सरकार का गेट पास पोर्टल बंद हो गया। इसकी वजह से पिछले चार दिन से मंडी में करीब 27 हजार क्विंटल धान की बोरियों से भरे 20 ट्रक चालकों ने वापस खाली करवा दिए हैं। जिससे अब बिकी हुई धान की भी रखवाली उन्हें करनी पड़ रही है।
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अभी तक मंडी में कुल 47 हजार क्विंटल पीआर धान पहुंची थी। जिसमें से करीब 20 हजार क्विंटल धान का उठान वेयर हाउस ने कराया। बाकी करीब 27 हजार क्विंटल धान के 20 ट्रक भी भरवाए गए लेकिन पोर्टल बंद होने से गेट पास नहीं कटा। चार दिन से बोरियों से भरे ट्रक चालकों को अपनी मजदूरी की चिंता सताने लगी तो उन्होंने मंडी में ट्रक अनलोड करवा दिए।
बॉक्स
आढ़तियों ने की बैठक, अफसरों को दी शिकायत के साथ चेतावनी:
धान की वापस मंडी में हुई अनलोडिंग को लेकर बुधवार को आढ़ती एसोसिएशन की एक बैठक प्रधान बिजेंद्र टामक की अध्यक्षता में हुई। इसमें आढ़ती सतबीर दहिया, प्रवीण मलिक, विजय बांगड, प्रमोद गर्ग समेत अन्य भी शामिल रहे। आढ़तियों ने कहा कि मंडी में धान आई तो इसे खरीद भी लिया गया। इसकी बोरियां तक भरवा दी गई। अब उठान न होने से ये धान सूख रही है। अगर बारिश हुई तो ये धान खराब हो जाएगी। इसका जिम्मेदार कौन होगा। उन्हें धान की चोरी होने का डर, खराब होने का डर भी सता रहा है। सरकार अब बिना गेट पास के इस धान को स्वीकार नहीं कर रही। मजबूरी में मंडी में धान की रखवाली के लिए चौकीदार छोड़ रखे हैं। इसे लेकर उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नीतू सिंह को शिकायत भी दी। वहीं, सभी आढ़तियों ने फैसला लिया कि अगर तीन दिन के भीतर पोर्टल शुरू करवा कर धान का उठान नहीं कराया तो मंडी के सभी आढ़ती मंडी के सभी गेटों पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। बाकी की अन्य धान की किस्मों की खरीद फरोख्त भी बंद करवा दी जाएगी।
इस वेयर हाउस मैनेजर रणबीर सिंह ने कहा कि अब तक मिलर अलॉट नहीं हुआ है। फिर भी स्टेट वेयर हाउस धान की खरीद कर रहा है। अब तक 50 हजार बैग की पेमेंट का भुगतान तक किसानों को किया जा चुका है। उठान न होने, गेट पास पोर्टल बंद होने से लेकर धान की अनलोडिंग के पूरे मामले बारे उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
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इससे किसानों के साथ आढ़तियों की चिंता भी बढ़ गई है। अब आढ़ती दिन रात मंडी में पड़ी धान की पहरेदारी कर रहे हैं। उन्हें डर सताने लगा है कि अगर बेमौसम बरसात हुई तो धान का काफी बड़ा नुकसान उन्हें भरना पड़ेगा। गेट पास न कटने से अभी तक धान की खरीद के पैसे किसानों को भी नहीं मिल पाए हैं। धान से भरे ट्रक मंडी में खड़े रहते हैं जिससे ड्राइवरों की दिहाड़ी भी टूट रही है। ये ड्रामा पिछले चार दिन से चल रहा है। जिससे परेशान होकर बुधवार को धान से भरे 20 ट्रक चालकों ने करीब 27 हजार क्विंटल धान की बोरियों को वापस मंडी में उतार दिया। इस पर आढ़तियों का सरकार और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बैठक करते हुए फैसला लिया कि अगर पोर्टल चालू कर धान को नहीं उठाया गया तो वे मंडी को बंद कर प्रदर्शन करेंगे।
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आढ़तियों का कहना है कि सरकार ने पीआर किस्म की धान की जिम्मेदारी तो स्टेट वेयर हाउस को दे दी है लेकिन अभी तक मिलर ही नियुक्त नहीं किया है। जिससे स्टेट वेयर हाउस की ओर से खरीदे गए धान का भी उठान नहीं हो पाया है। मंडी में बोरियों का उठान शुरू कराया तो सरकार का गेट पास पोर्टल बंद हो गया। इसकी वजह से पिछले चार दिन से मंडी में करीब 27 हजार क्विंटल धान की बोरियों से भरे 20 ट्रक चालकों ने वापस खाली करवा दिए हैं। जिससे अब बिकी हुई धान की भी रखवाली उन्हें करनी पड़ रही है।
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अभी तक मंडी में कुल 47 हजार क्विंटल पीआर धान पहुंची थी। जिसमें से करीब 20 हजार क्विंटल धान का उठान वेयर हाउस ने कराया। बाकी करीब 27 हजार क्विंटल धान के 20 ट्रक भी भरवाए गए लेकिन पोर्टल बंद होने से गेट पास नहीं कटा। चार दिन से बोरियों से भरे ट्रक चालकों को अपनी मजदूरी की चिंता सताने लगी तो उन्होंने मंडी में ट्रक अनलोड करवा दिए।
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आढ़तियों ने की बैठक, अफसरों को दी शिकायत के साथ चेतावनी:
धान की वापस मंडी में हुई अनलोडिंग को लेकर बुधवार को आढ़ती एसोसिएशन की एक बैठक प्रधान बिजेंद्र टामक की अध्यक्षता में हुई। इसमें आढ़ती सतबीर दहिया, प्रवीण मलिक, विजय बांगड, प्रमोद गर्ग समेत अन्य भी शामिल रहे। आढ़तियों ने कहा कि मंडी में धान आई तो इसे खरीद भी लिया गया। इसकी बोरियां तक भरवा दी गई। अब उठान न होने से ये धान सूख रही है। अगर बारिश हुई तो ये धान खराब हो जाएगी। इसका जिम्मेदार कौन होगा। उन्हें धान की चोरी होने का डर, खराब होने का डर भी सता रहा है। सरकार अब बिना गेट पास के इस धान को स्वीकार नहीं कर रही। मजबूरी में मंडी में धान की रखवाली के लिए चौकीदार छोड़ रखे हैं। इसे लेकर उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नीतू सिंह को शिकायत भी दी। वहीं, सभी आढ़तियों ने फैसला लिया कि अगर तीन दिन के भीतर पोर्टल शुरू करवा कर धान का उठान नहीं कराया तो मंडी के सभी आढ़ती मंडी के सभी गेटों पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। बाकी की अन्य धान की किस्मों की खरीद फरोख्त भी बंद करवा दी जाएगी।
इस वेयर हाउस मैनेजर रणबीर सिंह ने कहा कि अब तक मिलर अलॉट नहीं हुआ है। फिर भी स्टेट वेयर हाउस धान की खरीद कर रहा है। अब तक 50 हजार बैग की पेमेंट का भुगतान तक किसानों को किया जा चुका है। उठान न होने, गेट पास पोर्टल बंद होने से लेकर धान की अनलोडिंग के पूरे मामले बारे उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।