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Panipat News: हड़ताल से आधे शहर में अंधेरा, 1470 शिकायतें
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इसराना सब डिवीजन में प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले ही दिन वीरवार को शहर से गांवों तक बिजली आपूर्ति चरमरा गई। शहर के करीब आधे हिस्से और जिले के करीब 60 गांवों में बिजली संकट गहरा गया। कटौती से इनवर्टर ठप हो गए और घरों में पानी की किल्लत हो गई। स्कूली विद्यार्थियों सहित आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। गांवों में लोगों ने जेनरेटर चलाकर पानी जमा किया। बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर शाम सात बजे तक 1470 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि सामान्य दिनों में पूरे दिन में औसतन 600 शिकायतें आती हैं।
हड़ताल के चलते मुख्य पावर हाउस और सब डिविजन कार्यालयों पर ताले लटके रहे। शिकायतें सुनने और फॉल्ट ठीक करने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। सेक्टर-11-12, सेक्टर-6, सेक्टर-13-17, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-25 व 29, मॉडल टाउन, किशनपुरा, काबड़ी रोड, जीटी रोड, सनौली रोड और गोहाना रोड के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। 11 केवी के 50 फीडर और 33 केवी की 10 लाइनें ब्रेकडाउन होने से व्यवस्था बिगड़ गई।
भटकते रहे उपभोक्ता : बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण फॉल्ट ठीक कराने, नए कनेक्शन लेने और लोड बढ़वाने जैसे काम प्रभावित हुए। कुछ उपभोक्ता बिल जमा कराने के लिए भी भटकते रहे। इमरजेंसी नंबर चालू होने के बावजूद शिकायतों के समाधान के लिए तकनीकी कर्मचारी नहीं मिले। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं, लेकिन तकनीकी समस्याओं का समाधान उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था।
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पंचकूला से पहुंचे अधिकारी, फील्ड में उतारे कर्मचारी : हालात संभालने के लिए पंचकूला से चीफ इंजीनियर, एसई और एक्सईएन पानीपत पहुंचे। तीन एसडीओ को फील्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई। आईटीआई के करीब 30 विद्यार्थियों और निजी सूर्या कंपनी के 126 कर्मचारियों को भी लगाया गया।
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले ही दिन वीरवार को शहर से गांवों तक बिजली आपूर्ति चरमरा गई। शहर के करीब आधे हिस्से और जिले के करीब 60 गांवों में बिजली संकट गहरा गया। कटौती से इनवर्टर ठप हो गए और घरों में पानी की किल्लत हो गई। स्कूली विद्यार्थियों सहित आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। गांवों में लोगों ने जेनरेटर चलाकर पानी जमा किया। बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर शाम सात बजे तक 1470 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि सामान्य दिनों में पूरे दिन में औसतन 600 शिकायतें आती हैं।
हड़ताल के चलते मुख्य पावर हाउस और सब डिविजन कार्यालयों पर ताले लटके रहे। शिकायतें सुनने और फॉल्ट ठीक करने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। सेक्टर-11-12, सेक्टर-6, सेक्टर-13-17, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-25 व 29, मॉडल टाउन, किशनपुरा, काबड़ी रोड, जीटी रोड, सनौली रोड और गोहाना रोड के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। 11 केवी के 50 फीडर और 33 केवी की 10 लाइनें ब्रेकडाउन होने से व्यवस्था बिगड़ गई।
भटकते रहे उपभोक्ता : बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण फॉल्ट ठीक कराने, नए कनेक्शन लेने और लोड बढ़वाने जैसे काम प्रभावित हुए। कुछ उपभोक्ता बिल जमा कराने के लिए भी भटकते रहे। इमरजेंसी नंबर चालू होने के बावजूद शिकायतों के समाधान के लिए तकनीकी कर्मचारी नहीं मिले। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं, लेकिन तकनीकी समस्याओं का समाधान उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था।
पंचकूला से पहुंचे अधिकारी, फील्ड में उतारे कर्मचारी : हालात संभालने के लिए पंचकूला से चीफ इंजीनियर, एसई और एक्सईएन पानीपत पहुंचे। तीन एसडीओ को फील्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई। आईटीआई के करीब 30 विद्यार्थियों और निजी सूर्या कंपनी के 126 कर्मचारियों को भी लगाया गया।
कार्यालय में धरना, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
पानीपत। गोहाना रोड स्थित निगम के सर्कल कार्यालय परिसर में बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एक्सईएन, एसडीओ और जेई सहित जिले के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि 24 अक्तूबर तक समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। अनाज मंडी में व्यवस्था सामान्य रही। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जेनरेटर से पानी की व्यवस्था की गई। ब्यूरो
बिजली कर्मियों की हड़ताल का पहला दिन
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शाम सात बजे तक 1470 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि सामान्य दिनों में औसतन 600 शिकायतें आती हैं।
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11 केवी के 50 फीडर और 33 केवी की 10 लाइनें ब्रेकडाउन हुईं।
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शहर के करीब आधे हिस्से और 60 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
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व्यवस्था संभालने के लिए आईटीआई के करीब 30 विद्यार्थी और सूर्या कंपनी के 126 कर्मचारी लगाए गए।
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कर्मचारियों ने 24 अक्तूबर तक समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी।
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पानीपत। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले ही दिन वीरवार को शहर से गांवों तक बिजली आपूर्ति चरमरा गई। शहर के करीब आधे हिस्से और जिले के करीब 60 गांवों में बिजली संकट गहरा गया। कटौती से इनवर्टर ठप हो गए और घरों में पानी की किल्लत हो गई। स्कूली विद्यार्थियों सहित आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। गांवों में लोगों ने जेनरेटर चलाकर पानी जमा किया। बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर शाम सात बजे तक 1470 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि सामान्य दिनों में पूरे दिन में औसतन 600 शिकायतें आती हैं।
हड़ताल के चलते मुख्य पावर हाउस और सब डिविजन कार्यालयों पर ताले लटके रहे। शिकायतें सुनने और फॉल्ट ठीक करने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। सेक्टर-11-12, सेक्टर-6, सेक्टर-13-17, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-25 व 29, मॉडल टाउन, किशनपुरा, काबड़ी रोड, जीटी रोड, सनौली रोड और गोहाना रोड के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। 11 केवी के 50 फीडर और 33 केवी की 10 लाइनें ब्रेकडाउन होने से व्यवस्था बिगड़ गई।
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भटकते रहे उपभोक्ता : बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण फॉल्ट ठीक कराने, नए कनेक्शन लेने और लोड बढ़वाने जैसे काम प्रभावित हुए। कुछ उपभोक्ता बिल जमा कराने के लिए भी भटकते रहे। इमरजेंसी नंबर चालू होने के बावजूद शिकायतों के समाधान के लिए तकनीकी कर्मचारी नहीं मिले। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं, लेकिन तकनीकी समस्याओं का समाधान उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था।
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पंचकूला से पहुंचे अधिकारी, फील्ड में उतारे कर्मचारी : हालात संभालने के लिए पंचकूला से चीफ इंजीनियर, एसई और एक्सईएन पानीपत पहुंचे। तीन एसडीओ को फील्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई। आईटीआई के करीब 30 विद्यार्थियों और निजी सूर्या कंपनी के 126 कर्मचारियों को भी लगाया गया।
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले ही दिन वीरवार को शहर से गांवों तक बिजली आपूर्ति चरमरा गई। शहर के करीब आधे हिस्से और जिले के करीब 60 गांवों में बिजली संकट गहरा गया। कटौती से इनवर्टर ठप हो गए और घरों में पानी की किल्लत हो गई। स्कूली विद्यार्थियों सहित आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। गांवों में लोगों ने जेनरेटर चलाकर पानी जमा किया। बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर शाम सात बजे तक 1470 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि सामान्य दिनों में पूरे दिन में औसतन 600 शिकायतें आती हैं।
हड़ताल के चलते मुख्य पावर हाउस और सब डिविजन कार्यालयों पर ताले लटके रहे। शिकायतें सुनने और फॉल्ट ठीक करने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। सेक्टर-11-12, सेक्टर-6, सेक्टर-13-17, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-25 व 29, मॉडल टाउन, किशनपुरा, काबड़ी रोड, जीटी रोड, सनौली रोड और गोहाना रोड के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। 11 केवी के 50 फीडर और 33 केवी की 10 लाइनें ब्रेकडाउन होने से व्यवस्था बिगड़ गई।
भटकते रहे उपभोक्ता : बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण फॉल्ट ठीक कराने, नए कनेक्शन लेने और लोड बढ़वाने जैसे काम प्रभावित हुए। कुछ उपभोक्ता बिल जमा कराने के लिए भी भटकते रहे। इमरजेंसी नंबर चालू होने के बावजूद शिकायतों के समाधान के लिए तकनीकी कर्मचारी नहीं मिले। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं, लेकिन तकनीकी समस्याओं का समाधान उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था।
पंचकूला से पहुंचे अधिकारी, फील्ड में उतारे कर्मचारी : हालात संभालने के लिए पंचकूला से चीफ इंजीनियर, एसई और एक्सईएन पानीपत पहुंचे। तीन एसडीओ को फील्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई। आईटीआई के करीब 30 विद्यार्थियों और निजी सूर्या कंपनी के 126 कर्मचारियों को भी लगाया गया।
कार्यालय में धरना, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
पानीपत। गोहाना रोड स्थित निगम के सर्कल कार्यालय परिसर में बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एक्सईएन, एसडीओ और जेई सहित जिले के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि 24 अक्तूबर तक समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। अनाज मंडी में व्यवस्था सामान्य रही। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जेनरेटर से पानी की व्यवस्था की गई। ब्यूरो
बिजली कर्मियों की हड़ताल का पहला दिन
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शाम सात बजे तक 1470 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि सामान्य दिनों में औसतन 600 शिकायतें आती हैं।
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11 केवी के 50 फीडर और 33 केवी की 10 लाइनें ब्रेकडाउन हुईं।
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शहर के करीब आधे हिस्से और 60 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
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व्यवस्था संभालने के लिए आईटीआई के करीब 30 विद्यार्थी और सूर्या कंपनी के 126 कर्मचारी लगाए गए।
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कर्मचारियों ने 24 अक्तूबर तक समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी।

इसराना सब डिवीजन में प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। संवाद

इसराना सब डिवीजन में प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। संवाद

इसराना सब डिवीजन में प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। संवाद