{"_id":"66aae6304ccbed315d00f31d","slug":"kanwadis-remember-the-pain-of-the-roads-throughout-the-year-panipat-news-c-244-1-pnp1001-121994-2024-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: कांवड़ियों को सड़कों का दर्द सालभर रहता है याद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: कांवड़ियों को सड़कों का दर्द सालभर रहता है याद
विज्ञापन
पानीपत। भोले बाबा की कृपा से हरिद्वार से यमुना बॉर्डर तक आने में एक कंकर भी नहीं लगी, लेकिन जैसे ही बॉर्डर पार किया तो टूटी सड़कों में पैर चोटिल हो गए। यहां एक आध किलोमीटर में नहीं बल्कि यमुना से लेकर पानीपत तक कई किमी तक सड़क की स्थिति खराब है। कई जगह तो सड़क पर निकली बजरी पैरों में लग जाती है। पिछले साल बारिश के चलते सड़क पर घुटनों तक पानी था। इस साल बारिश न होने पर इसमें कुछ राहत है।
यह दर्द हरिद्वार से सावन में कांवड़ लाने वाले कांवड़ियों ने बुधवार को पानीपत में प्रवेश करने के बाद बयां किया। दो अगस्त को शिवरात्रि पर जलाभिषेक को लेकर कांवड़ियों का आना तेज है। वहीं सड़क की खस्ता हाल का बयां भी अपनी जुबां से कर रहे हैं। कांवड़ियों की डगर कठिन अभियान के अंतर्गत बुधवार को पुराना हरिद्वार रोड पर मारबल मार्केट और उग्रा खेड़ी मोड़ से लेकर संजय चौक तक सड़क की ग्राउंड रिपोर्ट की गई। मार्बल मार्केट में एक तरफ की सड़क बनी है, जबकि दूसरी तरफ बजरी डाली गई है। उग्रा खेड़ी मोड़ पर पूरी सड़क पर बजरी डाल रखी है। यहां बजरी डालने के बाद ठेकेदार ने रोड रोलर तक नहीं चलाया है। ऐसे में कांवड़ियों को बड़ी मुश्किल से आगे निकलने का रास्ता मिल पाता है।
पानीपत में सड़कों की स्थिति बदतर
जींद निवासी वीरेंद्र ने बताया कि वह करीब 23 साल से हरिद्वार से कांवड़ ला रहा है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सड़कों की स्थिति बेहतर है। पानीपत में आकर सड़कों की बुरी स्थिति नजर आती है। यमुना पुल से पानीपत तक पहुंच पाना मुश्किल हो गया है। पिछले साल मार्बल मार्केट में जमा पानी से होकर गुजरना पड़ा था।
विज्ञापन
प्रशासन की अनदेखी से परेशानी
असंध निवासी सुशील कुमार ने बताया कि पानीपत में सड़कों की बुरी स्थिति है। यहां से सांसद होने के बाद भी सड़क की बुरी स्थिति चिंताजनक है। कांवड़ियों की सेवा को लेकर लोग नतमस्तक रहते हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की अनदेखी के चलते कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसमें सुधार की जरूरत है।
वर्जन :
उग्रा खेड़ी के पास सड़क का छोटा सा टुकड़ा निर्माणाधीन है। ठेकेदार को इस हिस्से पर रोड रोलर चलाने को कहा गया है। मार्बल मार्केट में कांवड़ियों के आने की दिशा में सड़क बनाई गई है। इसके दूसरे हिस्से में सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।
रविंद्र कादियान, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।
विज्ञापन
यह दर्द हरिद्वार से सावन में कांवड़ लाने वाले कांवड़ियों ने बुधवार को पानीपत में प्रवेश करने के बाद बयां किया। दो अगस्त को शिवरात्रि पर जलाभिषेक को लेकर कांवड़ियों का आना तेज है। वहीं सड़क की खस्ता हाल का बयां भी अपनी जुबां से कर रहे हैं। कांवड़ियों की डगर कठिन अभियान के अंतर्गत बुधवार को पुराना हरिद्वार रोड पर मारबल मार्केट और उग्रा खेड़ी मोड़ से लेकर संजय चौक तक सड़क की ग्राउंड रिपोर्ट की गई। मार्बल मार्केट में एक तरफ की सड़क बनी है, जबकि दूसरी तरफ बजरी डाली गई है। उग्रा खेड़ी मोड़ पर पूरी सड़क पर बजरी डाल रखी है। यहां बजरी डालने के बाद ठेकेदार ने रोड रोलर तक नहीं चलाया है। ऐसे में कांवड़ियों को बड़ी मुश्किल से आगे निकलने का रास्ता मिल पाता है।
विज्ञापन
पानीपत में सड़कों की स्थिति बदतर
जींद निवासी वीरेंद्र ने बताया कि वह करीब 23 साल से हरिद्वार से कांवड़ ला रहा है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सड़कों की स्थिति बेहतर है। पानीपत में आकर सड़कों की बुरी स्थिति नजर आती है। यमुना पुल से पानीपत तक पहुंच पाना मुश्किल हो गया है। पिछले साल मार्बल मार्केट में जमा पानी से होकर गुजरना पड़ा था।
विज्ञापन
प्रशासन की अनदेखी से परेशानी
असंध निवासी सुशील कुमार ने बताया कि पानीपत में सड़कों की बुरी स्थिति है। यहां से सांसद होने के बाद भी सड़क की बुरी स्थिति चिंताजनक है। कांवड़ियों की सेवा को लेकर लोग नतमस्तक रहते हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की अनदेखी के चलते कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसमें सुधार की जरूरत है।
वर्जन :
उग्रा खेड़ी के पास सड़क का छोटा सा टुकड़ा निर्माणाधीन है। ठेकेदार को इस हिस्से पर रोड रोलर चलाने को कहा गया है। मार्बल मार्केट में कांवड़ियों के आने की दिशा में सड़क बनाई गई है। इसके दूसरे हिस्से में सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।
रविंद्र कादियान, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।