{"_id":"619408227057cc4a71056d41","slug":"jbm-fired-the-illegal-recovery-worker-panipat-news-knl898227200","type":"story","status":"publish","title_hn":"केवल डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करेगी जेबीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केवल डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करेगी जेबीएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। यूजर चार्ज पर अवैध वसूली प्रकरण में कूड़ा उठाने वाली कंपनी जेबीएम ने मंगलवार को निगम को अपना स्पष्टीकरण भेजा। जेबीएम का कहना है कि उनके जिस कर्मचारी ने अवैध वसूली की है, उसे निकाल दिया गया है। जेबीएम का काम केवल डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन है और वह सिर्फ वही काम करेगी। उनके कर्मचारियों से कूड़े के ढेरियां तक उठवाई जाती हैं, जो अनुबंध में नहीं है।
निगम पर पलटवार करते हुए जेबीएम पदाधिकारियों का कहना है कि उनका टेंडर 2017 में निगम के साथ 22 वर्ष के लिए तय हुआ था। निगम को शर्त के अनुसार जेबीएम को शहर में 44 सेंकेंडरी प्वाइंट देने थे। इनमें से आज तक एक भी प्वाइंट नहीं दिया गया। ऐसे में निगम सौ प्रतिशत सफाई भी चाहता है। जेबीएम के क्षेत्रीय प्रबंधक कमांडर राजेंद्र ने कहा कि एक बार निगम उनको सेकेंडरी प्वाइंट देने के लिए तैयार हुआ था। 44 की बजाए 24 पर सहमति बनी थी, लेकिन ये भी नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि हमें तो ये भी नहीं चाहिए। अगर निगम जीटी रोड के दोनों तरफ जेबीएम को केवल चार-चार कूड़ा डंपिंग के लिए सेकेंडरी प्वाइंट देता है, तो शहर को चमका देंगे।
ये था मामला-
9 नवंबर को वार्ड नंबर-10 में जेबीएम कर्मचारियों द्वारा वार्ड के लोगों से कूड़ा उठाने के नाम पर 60 रुपये की वसूली करने का मामला सामने आया था। जबकि नियमानुसार 60 रुपये के यूजर चार्ज के टैक्स स्लैब दायरे में नहीं हैं। इस दौरान 20 रुपये वाली कैटेगरी के मकानों से भी 60 रुपये लिए जा रहे थे। इस पर मौके पर कर्मियों व लोगों के बीच काफी हंगामा भी हुआ। जिसपर नगर निगम ने जेबीएम कंपनी को अवैध वसूूली प्रकरण पर तीन दिन में अपना स्पष्टीकरण पेश करने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
कर्मचारी से हुई थी गलती, नौकरी से निकाला- जेबीएम
जेबीएम के क्षेत्रीय प्रबंधक कमांडर राजेंद्र ने बताया कि उनके एक कर्मचारी से दिवाली मांगने के चक्कर में गलती हुई है। उसने यूजर चार्ज और दिवाली की बधाई को पर्ची पर ही चढ़ा दिया। उसकी इस गलती पर उसे कंपनी से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी महीने की कलेक्शन ही चार से पांच लाख रुपये की हो रही है। ऐसे में जेबीएम शहर से कुछ भी खास कलेक्शन नहीं कर रही है, जिसका खामियाजा दूसरों को भी भुगतना पड़े।
जेबीएम का जवाब देखने के बाद जल्द ही पूरे प्रकरण में फैसला लिया गया जाएगा। जो भी उचित कार्रवाई होगी, की जाएगी।
आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
विज्ञापन
निगम पर पलटवार करते हुए जेबीएम पदाधिकारियों का कहना है कि उनका टेंडर 2017 में निगम के साथ 22 वर्ष के लिए तय हुआ था। निगम को शर्त के अनुसार जेबीएम को शहर में 44 सेंकेंडरी प्वाइंट देने थे। इनमें से आज तक एक भी प्वाइंट नहीं दिया गया। ऐसे में निगम सौ प्रतिशत सफाई भी चाहता है। जेबीएम के क्षेत्रीय प्रबंधक कमांडर राजेंद्र ने कहा कि एक बार निगम उनको सेकेंडरी प्वाइंट देने के लिए तैयार हुआ था। 44 की बजाए 24 पर सहमति बनी थी, लेकिन ये भी नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि हमें तो ये भी नहीं चाहिए। अगर निगम जीटी रोड के दोनों तरफ जेबीएम को केवल चार-चार कूड़ा डंपिंग के लिए सेकेंडरी प्वाइंट देता है, तो शहर को चमका देंगे।
विज्ञापन
ये था मामला-
9 नवंबर को वार्ड नंबर-10 में जेबीएम कर्मचारियों द्वारा वार्ड के लोगों से कूड़ा उठाने के नाम पर 60 रुपये की वसूली करने का मामला सामने आया था। जबकि नियमानुसार 60 रुपये के यूजर चार्ज के टैक्स स्लैब दायरे में नहीं हैं। इस दौरान 20 रुपये वाली कैटेगरी के मकानों से भी 60 रुपये लिए जा रहे थे। इस पर मौके पर कर्मियों व लोगों के बीच काफी हंगामा भी हुआ। जिसपर नगर निगम ने जेबीएम कंपनी को अवैध वसूूली प्रकरण पर तीन दिन में अपना स्पष्टीकरण पेश करने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
कर्मचारी से हुई थी गलती, नौकरी से निकाला- जेबीएम
जेबीएम के क्षेत्रीय प्रबंधक कमांडर राजेंद्र ने बताया कि उनके एक कर्मचारी से दिवाली मांगने के चक्कर में गलती हुई है। उसने यूजर चार्ज और दिवाली की बधाई को पर्ची पर ही चढ़ा दिया। उसकी इस गलती पर उसे कंपनी से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी महीने की कलेक्शन ही चार से पांच लाख रुपये की हो रही है। ऐसे में जेबीएम शहर से कुछ भी खास कलेक्शन नहीं कर रही है, जिसका खामियाजा दूसरों को भी भुगतना पड़े।
जेबीएम का जवाब देखने के बाद जल्द ही पूरे प्रकरण में फैसला लिया गया जाएगा। जो भी उचित कार्रवाई होगी, की जाएगी।
आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।