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सुविधाओं को तरसी औद्योगिक नगरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 02:38 AM IST
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Industrial city longing for facilities
करोड़ों रुपये के राजस्व से सरकारी खजाना भरने के बावजूद औद्योगिक नगरी पानीपत सड़क, नालों और निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। स्थिति यह है कि दो साल बाद भी क्षेत्र में निकासी नालों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। वहीं निर्माण के लिए जगह-जगह खोदे गए गड्ढे क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत और खतरे का सबब बन रहे हैं।
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ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में छह महीने में 16 नालों का निर्माण हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) को करना था, लेकिन सवा दो साल में महज 35 फीसदी ही निर्माण हो सका।
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उद्यमी कई साल से नालों के निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब बिजली के पोल न हटने से नालों का काम रुका हुआ है। बिजली निगम ने एचएसआईआईडी से लगभग 175 खंभे हटाने के लिए 85 लाख रुपये मांगे हैं। दो माह पहले एचएसआईआईडी को एस्टीमेट बनाकर दिया गया था। अब दो दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया तालाब में तब्दील हो चुका है। ऐसे में लेबर और उद्यमियों को फैक्टरी जाने के लिए गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है।
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ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में अधिकतर सड़कें टूटी हुईं हैं। 2016 से यहां सड़कों के निर्माण कार्य को लेकर उद्यमी संघर्ष कर रहे हैं। कई बार जन प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद ठेकेदार तक फरार हो गए। वहीं एचएसआईआईडीसी को 9.84 करोड़ रुपये की लागत से 16 नालों का निर्माण पूरा कराना था। इनका निर्माण नवंबर 2019 में शुरू हुआ था। चार महीने ही बमुश्किल काम चल पाया और कोविड के कारण अप्रैल 2020 में काम पूरी तरह से बंद हो गया था। 13 माह से काम ठप पड़ा है। अब अधूरे काम के कारण उद्यमियों और श्रमिकों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। दरअसल, यहां गंदे पानी की निकासी न होना बड़ी समस्या है। सड़कों पर केमिकल युक्त पानी बहता है। श्रमिकों को इसी से होकर गुजरना पड़ता है।
नालों के निर्माण के 6-6 फीट गहरे गड्ढे खोदे
नालों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 6-6 फीट गहरे गड्ढे सड़क के किनारे खोदे गए हैं। बारिश में इन गड्ढों में पानी भरा हुआ है। यहां हादसे होने का भय बना रहता है। कई बार इनमें पशु गिरकर घायल हो चुके हैं।

पोल नहीं हटने से नालों का काम रुका है : ग्रोवर
सड़कों का निर्माण कार्य लगभग हो गया है, लेकिन बिजली निगम ने अब तक पोल नहीं हटाए हैं। इसी कारण नालों का निर्माण कार्य रुका हुआ है। नालों का निर्माण होने के बाद ही समस्याओं का समाधान होगा।
- विनोद ग्रोवर, प्रधान, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया मेन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन
एचएसआईआईडी से पैसे मिलते ही हटेंगे पोल- पुनिया
एचएसआईआईडी को पोल हटाने के लिए 85 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर दे चुके हैं। उन्हें अब तक पैसा नहीं मिला है। पैसे मिलते ही वो यहां से पोल हटाएंगे।
कुलदीप पुनिया, एसडीओ मॉडल टाउन सब डिविजन
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