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Panipat News: श्लोकोच्चारण से अध्यात्ममय हुई औद्योगिक नगरी
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पानीपत। गीता महोत्सव पर शिवाजी स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया। महोत्सव के समापन पर बुधवार को भक्ति गीतों पर भावपूर्ण प्रस्तुतियों से कलाकारों ने सबका मन मोह लिया। इसके साथ गीता के श्लोकों का पाठ किया गया। इससे औद्योगिक नगरी का वातावरण अध्यात्ममय हो गया। इस दौरान आयोजित प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
नगराधीश टिनू पोसवाल मुख्यातिथि रहीं। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव से युवा पीढ़ी को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि संतों की बदौलत आज हिंदू समाज आगे बढ़ा है और हमें समाज को नई दिशा देने वाले संतों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति की बेजोड़ मिसाल अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत हर गली-हर घर में देखने को मिल रही है। इससे भारत का गौरव और भी ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि स्वामी ज्ञानानंद महाराज की अगुवाई में जिस तरह से गीता का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, उससे भारतीय संस्कृति, धर्म एवं दर्शन पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने कहा कि गीता एक ग्रंथ ही नहीं बल्कि जीने का सिद्धांत है। जिला प्रशासन व शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बढ़ चढ़कर कार्य किया है। इसलिए आज शहर पूरा गीतामय हो गया है। इससे पूर्व में बुधवार को ही ग्लोबल चैंटिंग के तहत विभिन्न स्कूलों व शिवाजी स्टेडियम में एक साथ गीता के श्लोकों का मंत्रोचार किया। समापन कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक दलों व स्कूलों बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई। सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की प्रदर्शनी से भी आमजन ने विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की। नगराधीश टिनू पोसवाल ने स्कूलों व सांस्कृतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
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नगराधीश टिनू पोसवाल मुख्यातिथि रहीं। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव से युवा पीढ़ी को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि संतों की बदौलत आज हिंदू समाज आगे बढ़ा है और हमें समाज को नई दिशा देने वाले संतों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति की बेजोड़ मिसाल अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत हर गली-हर घर में देखने को मिल रही है। इससे भारत का गौरव और भी ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि स्वामी ज्ञानानंद महाराज की अगुवाई में जिस तरह से गीता का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, उससे भारतीय संस्कृति, धर्म एवं दर्शन पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
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उन्होंने कहा कि गीता एक ग्रंथ ही नहीं बल्कि जीने का सिद्धांत है। जिला प्रशासन व शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बढ़ चढ़कर कार्य किया है। इसलिए आज शहर पूरा गीतामय हो गया है। इससे पूर्व में बुधवार को ही ग्लोबल चैंटिंग के तहत विभिन्न स्कूलों व शिवाजी स्टेडियम में एक साथ गीता के श्लोकों का मंत्रोचार किया। समापन कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक दलों व स्कूलों बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई। सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की प्रदर्शनी से भी आमजन ने विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की। नगराधीश टिनू पोसवाल ने स्कूलों व सांस्कृतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
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