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अवैध एरिया को वैध दिखा दी एनओसी और हो गई रजिस्ट्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 02:15 AM IST
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Illegal area was shown to be valid NOC and registered
पानीपत। वैध क्षेत्र में स्थित सौ गज के मकान प्रापर्टी आईडी का इस्तेमाल कर अवैध एरिया में बने दो सौ वर्ग गज के मकान में रजिस्ट्री करा ली गई। नतीजा वैध क्षेत्र के मकान की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही और उसका मालिक विभाग के चक्कर काट रहा है।
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यह मामला है वार्ड नंबर-26 के सिद्धार्थ नगर का। सबसे बड़ी बात है कि एक प्रापर्टी आईडी दो अलग-अलग संपत्तियों में इस्तेमाल किए जाने के बावजूद निगम कर्मियों ने मौके पर जाकर प्रापर्टी को सत्यापित किया जाना तक दिखा दिया। वैध क्षेत्र की प्रापर्टी आईडी पर अवैध क्षेत्र में स्थित मकान के लिए एनओसी प्राप्त की गई और रजिस्ट्री भी हो गई। अब वैध एरिया की जमीन का मालिक अपनी प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए निगम अधिकारियों को शिकायत दी तो सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने आयुक्त से गुहार लगाई। इसके बाद निगम प्रबंधन जागा, लेकिन फाइल को ही गुम कर दिया गया। वहीं, शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने का प्रयास करते हुए रजिस्ट्री करवा चुके अवैध एरिया के प्रॉपर्टी मालिक को नोटिस तक जारी किया गया है।
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ये है मामला-
वार्ड नंबर 26 सिद्धार्थ नगर के निवासी मानुष ने बताया कि सिद्धार्थ नगर की गली नंबर 10 में उनका सौ वर्ग गज का प्लॉट था, जिसे उन्होंने तीन साल पहले बेच दिया था। जो अब दो मंजिला इमारत है। ये एरिया निगम में वैध एरिया में आता है। उनके प्लॉट की प्रॉपर्टी आईडी को निगम ने सिद्धार्थ नगर की अवैध एरिया की एक प्रॉपर्टी में शामिल कर दिया जो कि 200 वर्ग गज की थी। इसकी अधिकारियों ने मौके पर जाकर तस्दीक करने की रिपोर्ट तक बनाई। अवैध प्रॉपर्टी धारकों ने निगम से एनओसी लेकर अपने प्लॉट की रजिस्ट्री करवा ली। अब उन्हें अपनी प्रॉपर्टी आईडी बनवानी थी तो पता चला कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी पर कोई और एनओसी लेकर रजिस्ट्री करवा चुका है। पहले तो निगम ने काफी धक्के खिलवाए और बाद में बताया कि उनकी तो फाइल ही गुम हो गई है । आश्वासन देने के लिए अवैध एरिया की प्रॉपर्टी धारकों को नोटिस भेजा गया है। वहीं, पोर्टल में उसकी प्रॉपर्टी आईडी अब किसी और की दिखा रही है, जिससे उनकी रजिस्ट्री रुक गई है।
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तीन अधिकारियों ने बनाई थी रिपोर्ट : मानुष
शिकायतकर्ता मानुष ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी के साथ छेड़छाड़ निगम के एडीए, डीटीपी एवं टैक्स इंचार्ज व टैक्स क्लर्क ने की है। अवैध एरिया की प्रॉपर्टी को उनकी प्रॉपर्टी की आईडी लगा वैध बनाने की रिपोर्ट पर तीनों के हस्ताक्षर हैं। अब शिकायत के बाद बताया गया कि ये फाइल ही गुम कर दी गई है।

संबंधित अधिकारियों को मॉर्क की फाइल : डीएमसी
मामला संज्ञान में आया था। इसे ठीक करवाने और समस्या का हल करवाने के लिए शिकायत को संबंधित अधिकारियों को मॉर्क कर दिया गया है।
जितेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।
कागजों के आधार पर लिया जाएगा फैसला : आयुक्त
सबसे पहले दोनों प्रॉपर्टियों के कागजात चेक किए जाएंगे। इसके आधार पर ही फैसला लिया जाएगा कि प्रॉपर्टी आईडी से किस प्रकार छेड़छाड़ की गई है और इसमें कौन दोषी है।
आके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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