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बिल्डिंग ढहाते टकराए एचटी तार, सहमे श्रमिक
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पानीपत। सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को ढहाने का काम चल रहा है। बीच वाला भाग ढहाते समय एचटी लाइन के तार उससे टकराने से धमाका हो गया। इससे काम कर रहे श्रमिक दहल गए। वे डरकर भागे। सूचना पर बिजली निगम ने तुरंत लाइन काटी। श्रमिकों का कहना है कि अगर लाइन टूटकर नीचे गिर जाती तो उनकी जान जा सकती थी। ये अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है।
गौरतलब है कि 25 दिन पहले सिविल अस्पताल की बिल्डिंग गिराने का टेंडर हुआ था। इसके एक भाग को ठेकेदार ने गिरवा दिया है। अब बीच वाला भाग गिराया जा रहा है। पुरानी बिल्डिंग के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजरी है। यह शव गृह व अस्पताल के अन्य भागों में गई है। बुधवार को जेसीबी से बिल्डिग की दूसरी मंजिल गिराते वक्त 11 हजार हाई वोल्टेज के तारें आपस में टकरा हए। इससे हुए धमाके से वहां काम कर रहे श्रमिक सहम गए।
ठेकेदार रविंद्र ने बताया कि उनको बिल्डिंग को गिराने व मलबा उठाने का ठेका है। उन्होंने टेंडर लेते ही सिविल सर्जन व पीएमओ को पत्र लिखकर लाइन हटाने की मांग की थी लेकिन इन तारों को हटाया नहीं गया। गनीमत रही कि तारें टूटे नहीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। यह अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है। दूसरी ओर इस बारे में डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया का कहना है कि उनके संज्ञान में ये मामला नहीं है। तारों को जल्द वहां से हटवा दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि 25 दिन पहले सिविल अस्पताल की बिल्डिंग गिराने का टेंडर हुआ था। इसके एक भाग को ठेकेदार ने गिरवा दिया है। अब बीच वाला भाग गिराया जा रहा है। पुरानी बिल्डिंग के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजरी है। यह शव गृह व अस्पताल के अन्य भागों में गई है। बुधवार को जेसीबी से बिल्डिग की दूसरी मंजिल गिराते वक्त 11 हजार हाई वोल्टेज के तारें आपस में टकरा हए। इससे हुए धमाके से वहां काम कर रहे श्रमिक सहम गए।
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ठेकेदार रविंद्र ने बताया कि उनको बिल्डिंग को गिराने व मलबा उठाने का ठेका है। उन्होंने टेंडर लेते ही सिविल सर्जन व पीएमओ को पत्र लिखकर लाइन हटाने की मांग की थी लेकिन इन तारों को हटाया नहीं गया। गनीमत रही कि तारें टूटे नहीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। यह अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है। दूसरी ओर इस बारे में डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया का कहना है कि उनके संज्ञान में ये मामला नहीं है। तारों को जल्द वहां से हटवा दिया जाएगा।
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