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Panipat News: अवैध कब्जे और केसों में फंसा एचएसवीपी, अब कराएगा सर्वे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Mar 2023 02:15 AM IST
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HSVP trapped in illegal occupation and cases, will now conduct survey
पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अवैध कब्जे और कोर्ट केसों के फेर में फंस गया है। प्राधिकरण आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। प्राधिकरण ने पिछले तीन साल में लगभग 600 करोड़ की भूमि बेचकर आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास कर चुका है
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प्राधिकरण की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी 136 एकड़ पर अवैध कब्जा है। लगभग 100 से अधिक प्लॉटों पर कोर्ट में केस चल रहा है। अब प्राधिकरण भूमि की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सभी 13 सेक्टरों में सर्वे कराएगा। इसकी वीडियोग्राफी कर सीडी भी तैयार की जाएगी। सीडी तैयार होने के बाद प्राधिकरण अवैध कब्जाधारियों पर कार्रवाई करेगा। प्राधिकरण ने 2021 में संत नगर का सर्वे कराया है।
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2019 में एसएचवीपी के तत्कालीन मुख्य प्रशासक जी गणेशन ने सभी जिलों के प्राधिकरण को सरकारी भूमि बेचने के लिए एक टारगेट दिया था। सभी जिलों से राजस्व एकत्रित कर प्राधिकरण को आर्थिक तंगी से उभारना था। प्राधिकरण को 2021 तक एक हजार रुपये की भूमि बेचनी थी। अधिकतर भूमि पर कब्जे होने के कारण प्राधिकरण ये टारगेट पूरा नहीं कर पाया। प्राधिकरण लगभग 600 करोड़ की ही भूमि बेच पाया था।
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सेक्टर 25 में तीन स्थानों पर रेत बजरी कारोबारियों का लगभग 10 एकड़ पर अवैध कब्जा है। यहां रेत बजरी लाकर डाला जात है। हवा चलने पर रेत फैक्टरियों व रोड पर आता है। इससे लोगों को परेशानी होती है। प्राधिकरण कई बार कार्रवाई कर यहां से ट्राली भी जब्त कर चुका है, लेकिन परेशानी अब भी जारी है। आवासीय कंपनियों ने भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किए हैं।

प्राधिकरण के पास सेक्टरों में पड़ी सरकारी भूमि की सही जानकारी नहीं है क्योंकि 2016 में सेक्टरों की भूमि के सर्वे की वीडियोग्राफी की सीडी गुम हो गई थी। इस मामले में विभाग के पांच कर्मचारियों पर केस भी दर्ज हुआ था। इसलिए विभाग को ये जानने में दिक्कत आ रही है कि सरकार की कौन सी भूमि कहां पड़ी है। इस मामले के शिकायतकर्ता जन आवाज सोसायटी के प्रधान जोगेंद्र स्वामी लगाकर मुख्य प्रशासक को शिकायत भी दे रहे हैं।


प्राधिकरण की भूमि की वास्तविक स्थिति जानने के लिए दोबारा सर्वे कराया जाएगा। सर्वे होने के बाद अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई होगी। सभी सेक्टरों में सर्वे के लिए अलग टीमें बनाई जाएंगी।
पुलकित मल्होत्रा, संपदा अधिकारी
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