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सदन में 63 कॉलोनियों को पास करने का प्रस्ताव होल्ड, दोबारा होगा सर्वे
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पानीपत। नगर निगम सदन की बैठक में सरकार की ओर से भेजा गया 63 कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव पास नहीं हो सका। कॉलोनियों की लिस्ट में कुछ वार्डों की कॉलोनियों के नाम तो कई वार्डों की कॉलोनियों के रकबे के खसरे नंबर नहीं मिले। इस पर जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताते हुए दोबारा सर्वे करवाने की मांग रखी है। इस प्रस्ताव को सदन की अगली बैठक तक लंबित रखा गया है।
कुछ जनप्रतिनिधियों ने सदन के एजेंडें में प्रस्तावित 63 कॉलोनियों की सूची देख उनके वार्ड का नाम न होने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कॉलोनियों के खसरे नंबर गलत है और काफी रकबा भी छोड़ा गया है। अगर उन्हें शामिल नहीं किया गया तो दिक्कत पेश आएगी। कई कॉलोनियों तक मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाएंगी। जिस पर फैसला लिया गया कि निगम अधिकारी डीटीपी के साथ मिलकर फिर से सर्वे करेंगे। वार्डों में बचे हुए रकबे के खसरे नंबरों को लिस्ट में अपडेट करना होगा। जिन क्षेत्रों के खसरा नंबर तहसील में अपडेट नहीं हैं या उपलब्ध नहीं हैं, उन कॉलोनियों की बांउड्री का एक नक्शा तैयार किया जाएगा। बाउंड्री में आने वाला क्षेत्र वैध माना जागा।
वार्ड-18 के पार्षद बलराम मकौल ने कहा कि उनके वार्ड की न्यू आरके पुरम और न्यू मुखीजा कॉलोनी के नाम लिस्ट में नहीं है जबकि यहां पर लोग वर्षों से बसे हैं। इस पर निगम अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है जो कॉलोनियां सेक्टर-46 में आई हों, उन्हें सरकार ने रोका हो या फिर किसी गलती की वजह से कॉलोनियों के नाम रह गए हों। वार्ड -16 के पार्षद अतर सिंह रावल ने कहा कि उनके वार्ड का करीब 25 एकड़ का एरिया सर्वे से छूटा है। बचे हुए खसरों को भी लिस्ट में अपडेट करवाया जाए ताकि लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिले।
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सदन में सभी ने फैसला लिया है कि इस समस्या के समाधान के लिए निगम अधिकारी डीटीपी के साथ दोबारा सर्वे करेंगे। जो क्षेत्र रह गया, उसे शामिल कर प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजेंगे।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर
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कुछ जनप्रतिनिधियों ने सदन के एजेंडें में प्रस्तावित 63 कॉलोनियों की सूची देख उनके वार्ड का नाम न होने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कॉलोनियों के खसरे नंबर गलत है और काफी रकबा भी छोड़ा गया है। अगर उन्हें शामिल नहीं किया गया तो दिक्कत पेश आएगी। कई कॉलोनियों तक मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाएंगी। जिस पर फैसला लिया गया कि निगम अधिकारी डीटीपी के साथ मिलकर फिर से सर्वे करेंगे। वार्डों में बचे हुए रकबे के खसरे नंबरों को लिस्ट में अपडेट करना होगा। जिन क्षेत्रों के खसरा नंबर तहसील में अपडेट नहीं हैं या उपलब्ध नहीं हैं, उन कॉलोनियों की बांउड्री का एक नक्शा तैयार किया जाएगा। बाउंड्री में आने वाला क्षेत्र वैध माना जागा।
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वार्ड-18 के पार्षद बलराम मकौल ने कहा कि उनके वार्ड की न्यू आरके पुरम और न्यू मुखीजा कॉलोनी के नाम लिस्ट में नहीं है जबकि यहां पर लोग वर्षों से बसे हैं। इस पर निगम अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है जो कॉलोनियां सेक्टर-46 में आई हों, उन्हें सरकार ने रोका हो या फिर किसी गलती की वजह से कॉलोनियों के नाम रह गए हों। वार्ड -16 के पार्षद अतर सिंह रावल ने कहा कि उनके वार्ड का करीब 25 एकड़ का एरिया सर्वे से छूटा है। बचे हुए खसरों को भी लिस्ट में अपडेट करवाया जाए ताकि लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिले।
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सदन में सभी ने फैसला लिया है कि इस समस्या के समाधान के लिए निगम अधिकारी डीटीपी के साथ दोबारा सर्वे करेंगे। जो क्षेत्र रह गया, उसे शामिल कर प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजेंगे।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर