फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Heer-Ranjha's sang presentation in Panipat

हीर-रांझा की सांग प्रस्तुति देख दर्शक मंत्रमुग्ध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Apr 2021 01:55 AM IST
विज्ञापन
Heer-Ranjha's sang presentation  in  Panipat
एसडी पीजी कॉलज में आयोजित सांग महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद - फोटो : Panipat
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

पानीपत। हरियाणा से सांग की कला विलुप्त होने की कगार पर है और गिने चुने कलाकार ही रह गए हैं जो आज भी सांग की प्रस्तुति दे रहे हैं। इस कला को पुनर्जीवित करने के उद्देेश्य से हरियाणा कला परिषद और दादा लखमी चंद कला विकास मंच के संयुक्त तत्वावधान से सोमवार को एसडी पीजी कॉलेज में तीन दिवसीय सांग महोत्सव की शुरुआत की गई। पहले दिन हिसार से आई सोनू एंड पार्टी ने हीर-रांझा सांग की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांग महोत्सव में आकर्षण का केंद्र दूरदराज गांवों से आए हुए बुजुर्ग और हरियाणवी भाषा को जानने-समझने वाले दर्शक थे। महोत्सव का शुुुभारंभ सांसद संजय भाटिया ने किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर भपजा जिला अध्यक्ष डॉ. अर्चना शर्मा मौजूद रहीं। उनका स्वागत दादा लखमीचंद कला विकास मंच के संस्थापक विरेंद्र शर्मा, सह संस्थापक हरिदास शस्त्री, प्रधान मेघराज कौशिक, महिला प्रधान रजनी बेनिवाल और एसडी पीजी कॉलेज के प्रधान पवन गोयल और प्राचार्य डा. अनुपम अरोड़ा ने किया। अतिथियों ने कहा कि बेशक युवा पीढ़ी पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव में आ रही है, लेकिन जीवन में कामयाबी और सच्ची खुशी उन्हें अपने ही लोक साहित्य और संस्कृति से मिलेगी। सांसद संजय भाटिया ने कहा कि हरियाणवी हमारी लोक संस्कृति है।
विज्ञापन

सूर्य कवि पंडित लखमी चंद का सांग विधा के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति में अतुल्यनीय योगदान है। विरेंद्र शर्मा ने कहा कि यह मंच सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से निरंतर हरियाणा की संस्कृति को स्थापित कर रहा है एवं सुदृढ़ बना रहा है। प्रधान पवन गोयल ने कहा कि सांग महोत्सव से दर्शकों को हरियाणवी संस्कृति, लोक काव्य और कला के बारे में बहुत कुछ सिखने को मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस महोत्सव का मकसद हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देना और नए एवं उभरते युुवा कलाकारों को मौका देना है। हरियाणा की संस्कृृति काफी प्राचीन है और फिर से एक नई पहचान के साथ खुद को स्थापित कर रही है। इस अवसर पर विरेंद्र शर्मा, हरिदास शस्त्री, मेघराज कौशिक, रजनी बेनिवाल, प्रदीप मलिक, जसमेर गौतम, तनु शर्मा, सीमा हरियाणवी, धर्मबीर, नरेंद्र गर्ग और गुलाब पांचाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed