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Panipat News: आशा कार्यकर्ताओं का ज्ञान परखेगा स्वास्थ्य विभाग
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पानीपत। स्वास्थ्य विभाग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान को जांचेगा। नेशनल ओपन स्कूल आशा कार्यकर्ताओं की 21 सितंबर को परीक्षा लेगा। यह परीक्षा प्रैक्टिकल व लिखित रूप में होगी। पहले 100 नंबर का प्रैक्टिकल होगा फिर इतने ही नंबर की लिखित परीक्षा होगी। जिले में कुल 930 आशा कार्यकर्ता हैं, परीक्षा के लिए अब तक 450 आशा कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनको रोल नंबर भी मिल गए हैं। जल्द सभी आशाओं को रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस परीक्षा का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान को जानना है।
प्रैक्टिकल में आशा कार्यकर्ताओं से हाथ धोने की सही विधि, ठंड में नवजात को पकड़ने की सही विधि, थर्मामीटर से जांच, वेट मशीन पर वजन तोलने की विधि जानी जाएगी। लिखित परीक्षा में डेंगू, मलेरिया, एनीमिया, पोषण व टीकाकरण के बारे में प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में पास होने वाली आशाओं को स्वास्थ्य विभाग इनाम स्वरूप पांच हजार रुपये देगा। विदित है कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रम आशा कार्यकर्ताओं पर ही निर्भर करते हैं। लोगों को डेंगू मलेरिया, एनीमिया , पोषण समेत तमाम मुद्दों पर जागरूक करना आशा कार्यकर्ताओं का ही काम है। जच्चा बच्चा का होने वाला टीकाकरण, बच्चे का डेढ़ माह तक वजन तोलने, गर्भवतियों को डिलीवरी के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर लाने, स्वास्थ्य जांच कैंप में गर्भवतियों की जांच कराने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं की ही है। इसलिए जच्चा बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए यह परीक्षा ली जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि पहली बार आशा कार्यकर्ताओं की परीक्षा ली जा रही है। परीक्षा का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान को परखना है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की अहम कड़ी है , जो फील्ड में रहकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हैं, गर्भवतियों का ख्याल रखती हैं।
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प्रैक्टिकल में आशा कार्यकर्ताओं से हाथ धोने की सही विधि, ठंड में नवजात को पकड़ने की सही विधि, थर्मामीटर से जांच, वेट मशीन पर वजन तोलने की विधि जानी जाएगी। लिखित परीक्षा में डेंगू, मलेरिया, एनीमिया, पोषण व टीकाकरण के बारे में प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में पास होने वाली आशाओं को स्वास्थ्य विभाग इनाम स्वरूप पांच हजार रुपये देगा। विदित है कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रम आशा कार्यकर्ताओं पर ही निर्भर करते हैं। लोगों को डेंगू मलेरिया, एनीमिया , पोषण समेत तमाम मुद्दों पर जागरूक करना आशा कार्यकर्ताओं का ही काम है। जच्चा बच्चा का होने वाला टीकाकरण, बच्चे का डेढ़ माह तक वजन तोलने, गर्भवतियों को डिलीवरी के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर लाने, स्वास्थ्य जांच कैंप में गर्भवतियों की जांच कराने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं की ही है। इसलिए जच्चा बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए यह परीक्षा ली जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि पहली बार आशा कार्यकर्ताओं की परीक्षा ली जा रही है। परीक्षा का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान को परखना है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की अहम कड़ी है , जो फील्ड में रहकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हैं, गर्भवतियों का ख्याल रखती हैं।
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