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Panipat News: हेमचंद्र विक्रमादित्य की याद में किया हवन
Thu, 06 Nov 2025 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 06 Nov 2025 12:34 AM IST
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पानीपत। पानीपत की दूसरी लड़ाई में मारे गए हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) का बलिदान दिवस बुधवार को सौदापुर गांव स्थित समाधि स्थल पर मनाया गया। ग्रामीण व दिल्ली की एक संस्था के पदाधिकारियों ने हवन में आहुति डालीं और उनके बलिदानी को याद किया। अब हर साल बलिदान दिवस पर कार्यक्रम करने का फैसला लिया।
जिला परिषद सदस्य आकाश पोड़िया, बजरंग दल के कार्यकर्ता विक्की, बीरजू और सुभाष, विश्व हिंदू परिषद के सहमंत्री पवन और दिल्ली के ब्राह्मण संघ के सदस्य विशेष रूप से शामिल हुए। जिला परिषद सदस्य आकाश पोड़िया ने बताया कि हेमचंद्र विक्रमादित्य ने साहस के साथ पानीपत की दूसरी लड़ाई में भाग लिया था। उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक देश की रक्षा के लिए युद्ध लड़ा। पानीपत की दूसरी लड़ाई में 5 नवंबर 1556 को एक तीर उनकी आंख में लग गया था और वे घायल हो गए थे। अकबर की सेना उन्हें अपने शिविर में ले गई और वहां उन्हें मार दिया गया। उनका जीवन राष्ट्र के लिए समर्पण और बलिदान का उदाहरण है।
जमीन का कोर्ट में चल रहा केस
हेमू की समाधि स्थल की जमीन पर कुछ लोगों का कब्जा है। गांव के कुछ लोग यहां हेमचंद्र की याद में बड़ा स्थान बनवाना चाहते हैं। इसके लिए प्रस्ताव भी बनाकर भेजा गया है। वहीं कुछ लोग उक्त जमीन को अपनी बता रहे हैं। कई लोगों ने यहां मकान बना लिए हैं। कुछ हिस्से में अब भी गंदगी के ढेर लगे हैं।
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जिला परिषद सदस्य आकाश पोड़िया, बजरंग दल के कार्यकर्ता विक्की, बीरजू और सुभाष, विश्व हिंदू परिषद के सहमंत्री पवन और दिल्ली के ब्राह्मण संघ के सदस्य विशेष रूप से शामिल हुए। जिला परिषद सदस्य आकाश पोड़िया ने बताया कि हेमचंद्र विक्रमादित्य ने साहस के साथ पानीपत की दूसरी लड़ाई में भाग लिया था। उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक देश की रक्षा के लिए युद्ध लड़ा। पानीपत की दूसरी लड़ाई में 5 नवंबर 1556 को एक तीर उनकी आंख में लग गया था और वे घायल हो गए थे। अकबर की सेना उन्हें अपने शिविर में ले गई और वहां उन्हें मार दिया गया। उनका जीवन राष्ट्र के लिए समर्पण और बलिदान का उदाहरण है।
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जमीन का कोर्ट में चल रहा केस
हेमू की समाधि स्थल की जमीन पर कुछ लोगों का कब्जा है। गांव के कुछ लोग यहां हेमचंद्र की याद में बड़ा स्थान बनवाना चाहते हैं। इसके लिए प्रस्ताव भी बनाकर भेजा गया है। वहीं कुछ लोग उक्त जमीन को अपनी बता रहे हैं। कई लोगों ने यहां मकान बना लिए हैं। कुछ हिस्से में अब भी गंदगी के ढेर लगे हैं।
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