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प्रधान पद पर सुभाष चंडालिया की हैट्रिक
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पानीपत। नगर पालिका कर्मचारी संघ के चुनाव में शुक्रवार को मतदान के बाद हुई मतगणना में सुभाष चंडालिया ने प्रधान पद पर जीत की हैट्रिक मारी। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी नरेश अठवाल को 292 वोटों से हराया। मतदान में कुल 1006 कर्मचारियों में से 882 लोगों ने वोट डाले।
सुभाष चंडालिया का चुनाव चिह्न कुर्सी था जबकि नरेश अठवाल सूरज के निशान पर चुनाव लड़ रहे थे। सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग के बाद मतगणना शुरू हुई। करीब पांच बजे वोटों की गिनती के बाद परिणाम घोषित घोषित किया गया। चुनाव जीतने के बाद सुभाष चंडालिया के समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्हें 578 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी नरेश अठवाल को महज 292 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। चुनाव में इन्हीं दोनों के बीच मुकाबला था।
ये चुनाव नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य उप प्रधान सुभाष गुनशर की अध्यक्षता में सपंन्न हुआ। चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव मांगे राम तिगंरा, उपमहासचिव शिवचरण, राज्य सचिव शारदा, प्रेस सचिव राजीव कुमार, केंद्रीय कमेटी सदस्य जयप्रकाश, सुनीता, बलदेव बागड़ी, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कश्मीर सिंह, सचिव अमरीश त्यागी, रजिस्टर नंबर एक के जिला प्रधान अमरजीत व सचिव नीरज शर्मा मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि नगर पालिका कर्मचारी संघ के ये चुुनाव त्रि-वर्षीय होते हैं। इससे पहले सुभाष सर्वसम्मति से प्रधान बने थे और उससे पहले सुभाष ने चुनाव लड़कर अपनी जीत दर्ज की थी। इस बार सुभाष ने जीत की हैट्रिक लगाई है। पूरा चुनाव पालिका बाजार निगम कार्यालय में हुआ। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टि से पुलिस के जवान भी मुस्तैद रहे।
भाजपा नेता नहीं चाहते थे सुभाष बने प्रधान
चुनाव के दौरान वोट डालने आए कर्मचारियों ने बताया कि भाजपा नेता सुभाष को प्रधान नहीं बनने देना चाहते थे। इस वजह से वे नरेश अठवाल का समर्थन कर रहे थे। नेताओं का मानना था कि सुभाष हमेशा से ही सरकार का विरोध करते आए हैं। कर्मचारियों के साथ कभी प्रदर्शन तो कभी हड़ताल करने से नेता भी परेशान थे। ये बातें सुभाष चंडालिया को भी पता थीं। वोट मांगते समय उन्होंने साफ तौर पर कह दिया था कि इन भाजपा नेताओं के समर्थन की उन्हें कोई आवश्यकता नहीं है। वे अपने दम पर ही चुनाव जीतेंगे।
कर्मचारियों ने पहले ही कर दिया था एकतरफा चुनाव
सुभाष चंडालिया को जिताने के लिए निगम कर्मचारियों ने पहले ही पूूरे चुनाव को एकतरफा कर दिया था। उनको जिताने के लिए निगम कर्मचारी पहले से एकजुट थे। चुनाव से पहले और चुनाव के बाद तक कर्मचारियों के मुंह से केवल सुभाष की जीत के ही शब्द निकल रहे थे।
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सुभाष चंडालिया का चुनाव चिह्न कुर्सी था जबकि नरेश अठवाल सूरज के निशान पर चुनाव लड़ रहे थे। सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग के बाद मतगणना शुरू हुई। करीब पांच बजे वोटों की गिनती के बाद परिणाम घोषित घोषित किया गया। चुनाव जीतने के बाद सुभाष चंडालिया के समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्हें 578 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी नरेश अठवाल को महज 292 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। चुनाव में इन्हीं दोनों के बीच मुकाबला था।
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ये चुनाव नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य उप प्रधान सुभाष गुनशर की अध्यक्षता में सपंन्न हुआ। चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव मांगे राम तिगंरा, उपमहासचिव शिवचरण, राज्य सचिव शारदा, प्रेस सचिव राजीव कुमार, केंद्रीय कमेटी सदस्य जयप्रकाश, सुनीता, बलदेव बागड़ी, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कश्मीर सिंह, सचिव अमरीश त्यागी, रजिस्टर नंबर एक के जिला प्रधान अमरजीत व सचिव नीरज शर्मा मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि नगर पालिका कर्मचारी संघ के ये चुुनाव त्रि-वर्षीय होते हैं। इससे पहले सुभाष सर्वसम्मति से प्रधान बने थे और उससे पहले सुभाष ने चुनाव लड़कर अपनी जीत दर्ज की थी। इस बार सुभाष ने जीत की हैट्रिक लगाई है। पूरा चुनाव पालिका बाजार निगम कार्यालय में हुआ। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टि से पुलिस के जवान भी मुस्तैद रहे।
भाजपा नेता नहीं चाहते थे सुभाष बने प्रधान
चुनाव के दौरान वोट डालने आए कर्मचारियों ने बताया कि भाजपा नेता सुभाष को प्रधान नहीं बनने देना चाहते थे। इस वजह से वे नरेश अठवाल का समर्थन कर रहे थे। नेताओं का मानना था कि सुभाष हमेशा से ही सरकार का विरोध करते आए हैं। कर्मचारियों के साथ कभी प्रदर्शन तो कभी हड़ताल करने से नेता भी परेशान थे। ये बातें सुभाष चंडालिया को भी पता थीं। वोट मांगते समय उन्होंने साफ तौर पर कह दिया था कि इन भाजपा नेताओं के समर्थन की उन्हें कोई आवश्यकता नहीं है। वे अपने दम पर ही चुनाव जीतेंगे।
कर्मचारियों ने पहले ही कर दिया था एकतरफा चुनाव
सुभाष चंडालिया को जिताने के लिए निगम कर्मचारियों ने पहले ही पूूरे चुनाव को एकतरफा कर दिया था। उनको जिताने के लिए निगम कर्मचारी पहले से एकजुट थे। चुनाव से पहले और चुनाव के बाद तक कर्मचारियों के मुंह से केवल सुभाष की जीत के ही शब्द निकल रहे थे।

कर्मचारी यूनियन चुनाव के दौरान बैठे चुनाव पर्यवेक्षक व अन्य।- फोटो : Panipat