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Panipat News: जूनियर वर्ल्ड कप सेलेक्शन ट्रायल में फिर हरियाणा की बेटी ने लहराया परचम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Apr 2023 02:55 AM IST
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Haryana's daughter shines again in Junior World Cup selection trial
पानीपत। जूनियर वर्ल्ड कप सेलेक्शन ट्रायल में एक बार फिर से गांव इसराना की बेेटी श्रुति जागलान ने देश भर में अपने निशाने का परचम लहरा दिया है। इस बार श्रुति को देश भर में दूसरा रैंक मिला है। श्रुति ने दस मीटर राइफल शूटिंग की इस चैंपियनशिप ट्रायल में 60 राउंड दाग कर 630.9 स्कोर करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। हर राउंड 10.9 अंक का रहा। जिसमें श्रुति के सटीक निशाने का बेहतरीन प्रदर्शन दिखा। माना जा रहा है कि श्रुति का यही प्रदर्शन अब उसे ओलंपिक तक लेकर जाएगा। इस ट्रायल में श्रुति अपने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी से आधे स्कोर से कम रह गई। इसमें प्रथम रैंक पाने वाली खिलाड़ी ओडिशा की कशिका प्रधान हैं। उन्होंने 631.4 का रैंक प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 15 अप्रैल से लेकर 29 अप्रैल तक चलने वाली इस चैंपियनशिप ट्रायल में श्रुति ने राइफल शूटिंग में एक बार फिर से मुकाम रच दिया है। इस ट्रायल में देश भर से करीब 500 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। अब श्रुति ओपन नेशनल चैंपियनशिप के लिए ट्रायल देंगी और फिर एक नेशनल स्तर का ट्रायल होगा। जिसके बाद श्रुति के जूनियर वर्ल्ड कप और ओलंपिक के लिए दरवाजे खुल जाएंगे। श्रुति जागलान की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, गांव और जिले भर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। लोग उनको बधाई संदेश भेज रहे हैं।
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इससे पहले मार्च में हुई ऑल इंडिया ओपन एयर वेपन-2023 प्रतियोगिता में श्रुति सभी राज्यों की खिलाड़ियों को पछाड़ स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। 10 मीटर एयर राइफल जूनियर महिला वर्ग में श्रुति ने 600 में से 625.9 अंक प्राप्त कर शूटिंग चैंपियनशिप में हरियाणा का नाम रोशन किया। ऑल इंडिया ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के बाद श्रुति जागलान अब ओलंपिक क्वालिफिकेशन राउंड की तैयारी कर रही हैं।
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तीन साल की तैयारी में जीत चुकी है 15 पदक
श्रुति के पिता सुक्रम जागलान ने बताया कि श्रुति ने तीन साल पहले खेलना शुरू किया था। खेलो हरियाणा में रजत पदक के साथ श्रुति अब तक करीब 15 पदक जीत चुकी है। वह रोज पांच घंटे अभ्यास करती हैं। उन्होंने श्रुति के लिए घर पर ही रेंज लगवा रखी है, ताकि वह पढ़ाई के साथ निशानेबाजी में भी अभ्यास करती रहे।
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