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Haryana: 40 मिनट तक पति एंबुलेंस के लिए भटकता रहा, जच्चा-बच्चा की मौत, पानीपत का है मामला

Fri, 02 Aug 2024 09:02 PM IST
bhupendra singh भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 02 Aug 2024 09:02 PM IST
सार

पति सिवाह पीएचसी में सात माह की गर्भवती को लेकर आया था। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण एंबुलेंस सेवाएं नहीं मिल पा रही है।

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Haryana: Husband kept wandering for ambulance for 40 minutes, mother and child died
मृतक का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के पानीपत में एनएचएम की हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की पुख्ता तैयारी के दावे शुक्रवार को भारी पड़ गए। हड़ताल के चलते पानीपत के सिवाह गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक जच्चा बच्चा को समय पर एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल पाई। 40 मिनट तक पति अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर इधर से उधर घूमता रहा, यहां पर एंबुलेंस थी, लेकिन चालक नहीं था।

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जब पति ई-रिक्शा में पत्नी को लेकर जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचा, तब तक जच्चा बच्चा की मौत हो गई। पति ने स्वास्थ्य विभाग को उसकी पत्नी व गर्भ में पल रहे नवजात की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। सेक्टर 29 थाना पुलिस ने पति के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत के कारण स्पष्ट होंगे।
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उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के गांव कटैया निवासी पिंकू ने बताया कि वह पसीना रोड पर सुंदर कॉलोनी में किराए पर रहता है। यहीं पर वह एक फैक्टरी में काम करता है। वह एक पौने दो साल के बेटे का पिता है। उसकी पत्नी रेशमा (22) सात माह की गर्भवती थी। रेशमा को गुरुवार शाम पांच बजे प्रसव पीड़ा हुई। वह उसे रिक्शा में सिवाह पीएचसी में लेकर पहुंचा।
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यहां डॉक्टर व नर्सिंग ऑफिसर ने उसकी जांच की। काफी देर तक जांच करने के बाद रेशमा को जिला नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया। वह एंबुलेंस सेवा लेना चाहता था, लेकिन उन्हें बताया गया कि एंबुलेंस चालक हड़ताल पर है। वह लगभग 40 मिनट तक एंबुलेंस के लिए इधर से उधर घूमता रहा, लेकिन उसे एंबुलेंस नहीं मिली।

वह रेशमा को ई- रिक्शा में जिला नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचा। यहां लगभग साढ़े सात बजे इमरजेंसी में डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। उसकी पत्नी रेशमा की मौत का जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग है। अगर एंबुलेंस चालक हड़ताल पर थे तो कोई और व्यवस्था करनी चाहिए थी। उसकी तीन साल पहले शादी हुई थी। उसके पौने दो साल के बेटे के सिर से उसकी मां का साया उठ गया।


सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि गर्भवती को ह्दय संबंधी परेशानी थी। पोस्टमार्टम कराया गया है। उसमें मौत के कारण स्पष्ट होंगे। एंबुलेंस न मिलने जैसी बात उनके संज्ञान में नहीं आई है। वह इस बारे में सिवाह पीएचएसपी प्रभारी व एनएचएम की नोडल अधिकारी से पूछताछ करेंगे। जांच में जो भी दोषी होगा, निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

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